केरल में सुरेश गोपी का प्रभावशाली रोड शो, विजयन के गढ़ में जुटी भारी भीड़
सारांश
Key Takeaways
- सुरेश गोपी का रोड शो केरल की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटना है।
- भीषण गर्मी के बावजूद भारी भीड़ ने भाग लिया।
- भावनात्मक जुड़ाव के जरिए समर्थकों से जुड़ने की कोशिश की गई।
- धर्मदाम सीट मुख्यमंत्री का गढ़ है, जो राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
- एनडीए की रणनीति मजबूत गढ़ों में चुनौती देना है।
कन्नूर, 2 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केरल की राजनीति में वीरवार को हलचल बढ़ गई, जब केंद्रीय राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के गृह क्षेत्र पिनरायी में एक भव्य रोड शो का आयोजन कर अपनी सियासी ताकत का प्रदर्शन किया।
धर्मदाम विधानसभा क्षेत्र में एनडीए उम्मीदवार के. रंजीत के समर्थन में आयोजित इस रोड शो में भीषण गर्मी के बावजूद हजारों की तादाद में लोग शामिल हुए। अभिनेता से नेता बने सुरेश गोपी के खुले वाहन में पहुंचने पर समर्थकों ने उनका जोरदार स्वागत किया। बैंड-बाजों, ढोल-नगाड़ों और रंग-बिरंगे कार्यक्रमों के साथ जुलूस भीड़भाड़ वाली सड़कों से गुजरा। इस दौरान गोपी लोगों का अभिवादन करते हुए वोट की अपील करते दिखाई दिए।
हालांकि इस राजनीतिक प्रदर्शन के बीच एक भावनात्मक पल भी देखने को मिला। रोड शो के बाद सुरेश गोपी भाजपा कार्यकर्ता रमीथ के घर पहुंचे और उनकी मां से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। इस दौरान वह भावुक दिखे और कुछ समय के लिए माहौल गमगीन हो गया।
धर्मदाम सीट को राजनीतिक दृष्टि से अत्यधिक महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि यह मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन का गढ़ है। 80 वर्षीय विजयन इस बार वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) को लगातार तीसरी बार सत्ता में लाने की कोशिश कर रहे हैं। 2021 में उन्होंने 50 हजार से अधिक वोटों के अंतर से जीत हासिल कर राज्य की पारंपरिक चुनावी धारा को तोड़ा था।
सुरेश गोपी का इस क्षेत्र में प्रचार करना एनडीए की उस रणनीति को दर्शाता है, जिसके तहत पार्टी मजबूत गढ़ों में भी चुनौती पेश करना चाहती है। इससे पहले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने मट्टनूर में रोड शो किया था, जो कन्नूर में पार्टी के अभियान को तेज करने की कोशिश का हिस्सा माना जा रहा है।
दिन के बाद में सुरेश गोपी ने थलास्सेरी में भी एनडीए उम्मीदवार ओ. निधीश के समर्थन में प्रचार किया, जहां भी अच्छी भीड़ देखने को मिली।
कुल मिलाकर, पिनरायी में सुरेश गोपी का यह दौरा सिर्फ भीड़ और प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने राजनीतिक संदेश के साथ-साथ भावनात्मक जुड़ाव के जरिए भी माहौल बनाने की कोशिश की, जिससे मुख्यमंत्री के गढ़ में सियासी चुनौती को नया आयाम मिला है।