किराएदार सत्यापन न कराने पर मकान मालिक पर FIR: सरगुजा पुलिस का सख्त अभियान
सारांश
मुख्य बातें
सरगुजा पुलिस ने 18 जुलाई 2026 को अंबिकापुर में मकान मालिकों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि किराएदारों का पुलिस सत्यापन न कराने पर उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी। डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश अग्रवाल के निर्देश पर यह जागरूकता अभियान तेज किया गया है, जिसके तहत प्रत्येक मकान मालिक के लिए अपने किराएदार की जानकारी संबंधित थाने में देना अनिवार्य किया गया है।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, गांधीनगर थाना क्षेत्र में राहुल विश्वकर्मा नामक मकान मालिक के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया। जाँच में सामने आया कि विश्वकर्मा ने अपने मकान में किराएदारों को रखा था, लेकिन न तो थाने में सूचना दी और न ही सत्यापन कराया।
उक्त किराएदारों ने 13 मई की रात गांधीनगर थाना क्षेत्र में हथियारों के साथ डकैती की गंभीर वारदात को अंजाम दिया था। जाँच के दौरान मकान मालिक द्वारा जिला दंडाधिकारी के आदेश का उल्लंघन पाया गया, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।
किराएदार सत्यापन क्यों जरूरी
पुलिस ने बताया कि अपराधी प्रायः दूसरे शहरों या राज्यों में वारदात करने के बाद अपनी पहचान छिपाकर किराएदार के रूप में रहने लगते हैं। असामाजिक तत्व किराए के मकानों का उपयोग आपराधिक गतिविधियों की योजना बनाने के लिए करते हैं।
यदि मकान मालिक के पास किराएदार का फोटो, मोबाइल नंबर और स्थायी पता उपलब्ध नहीं होता, तो पुलिस जाँच में बाधा आती है और अपराधियों तक पहुँचने में विलंब होता है। सत्यापन के दौरान किराएदार का आपराधिक रिकॉर्ड भी जाँचा जाता है और आवश्यकता पड़ने पर भौतिक सत्यापन किया जाता है।
ऑनलाइन और ऑफलाइन सत्यापन प्रक्रिया
सरगुजा पुलिस ने बताया कि डिजिटल सत्यापन अब छत्तीसगढ़ पुलिस के 'समाधान ऐप' या 'नागरिक सेवा पोर्टल' के माध्यम से घर बैठे किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त संबंधित थाने में जाकर ऑफलाइन प्रक्रिया से भी सत्यापन कराया जा सकता है।
डिजिटल सत्यापन के लिए मकान मालिक को पता प्रमाण, स्वामित्व दस्तावेज और पहचान पत्र प्रस्तुत करना होगा। किराएदार को पहचान प्रमाण, स्थायी पता, पासपोर्ट फोटो, रोजगार संबंधी जानकारी और रेंट एग्रीमेंट देना होगा। ऑनलाइन प्रक्रिया में ऐप या पोर्टल पर पंजीकरण के बाद 'सीटीजन सर्विस' में जाकर 'टेनेंट वेरिफिकेशन' विकल्प चुनना होगा और मकान मालिक, किराएदार व दो स्थानीय गवाहों की जानकारी भरकर दस्तावेज अपलोड करने होंगे।
आम जनता पर असर
यह अभियान अंबिकापुर और सरगुजा जिले के समस्त मकान मालिकों को प्रभावित करता है। आपात स्थिति, विवाद या किसी अपराध की जाँच के दौरान किराएदारों का रिकॉर्ड पुलिस के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होता है।
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब सरगुजा पुलिस ने इस दिशा में कदम उठाया हो, लेकिन FIR दर्ज कर गिरफ्तारी का यह मामला जिले में एक स्पष्ट संदेश देता है कि नियमों की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
क्या होगा आगे
सरगुजा पुलिस ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अपने मकानों में रहने वाले किराएदारों का अनिवार्य रूप से सत्यापन कराएं। जो मकान मालिक इस प्रक्रिया का पालन नहीं करेंगे, उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।