सैयद खालिद अशरफ और उनके बच्चों पर हमले के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग
सारांश
Key Takeaways
- सैयद खालिद अशरफ का कार्य युवाओं को जागरूक करना है।
- ड्रग तस्करों का हमला सामाजिक सुधार पर हमला है।
- पुलिस से तात्कालिक कार्रवाई की मांग की गई है।
- जागरूकता अभियानों ने तस्करों की गतिविधियों को चुनौती दी है।
- समान्य नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता है।
मुंबई, 14 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। ऑल इंडिया सुन्नी जमीयतुल उलमा के अध्यक्ष हजरत अल्लामा मौलाना सैयद मोइन मियां और रजा अकादमी के अध्यक्ष हजरत अलहाज मोहम्मद सईद नूरी ने मुंबई के पुलिस आयुक्त देवेन्द्र भारती से मिलकर एक पत्र प्रस्तुत किया। इस पत्र में उन्होंने सैयद खालिद अशरफ और उनके बच्चों पर हुए हमले में शामिल ड्रग तस्करों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की अपील की।
पत्र में उल्लेख किया गया कि उत्तर प्रदेश के किच्चोचा शरीफ में स्थित सदियों पुरानी खानकाह अशरफिया के सैयद खालिद अशरफ युवा पीढ़ी में मादक पदार्थों के दुरुपयोग के खतरों के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए सक्रिय हैं।
सैयद खालिद ने युवाओं को एक स्वस्थ और जिम्मेदार जीवनशैली की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित करने में अपना जीवन समर्पित कर दिया है। यह अत्यंत दुखद है कि उनकी इस पुण्य कार्य का विरोध मादक पदार्थों के तस्करों द्वारा किया जा रहा है। उनके जागरूकता अभियानों ने तस्करों की अवैध गतिविधियों को चुनौती दी है। यह घटना केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं है, बल्कि सामाजिक सुधार और मादक पदार्थों के दुरुपयोग को समाप्त करने के सामूहिक प्रयासों पर भी हमला है। यदि ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो यह अन्य लोगों को इस महत्वपूर्ण कार्य में सहयोग देने से हतोत्साहित कर सकता है।
ऑल इंडिया सुन्नी जमीयतुल उलमा ने मुंबई पुलिस आयुक्त से अनुरोध किया है कि इस मामले की गहन और तात्कालिक जांच की जाए। हमले में शामिल दोषियों की पहचान की जाए और उन्हें गिरफ्तार किया जाए। साथ ही, इलाके में सक्रिय नशीले पदार्थों के तस्करों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खिलाफ काम कर रहे व्यक्तियों और कार्यकर्ताओं को पर्याप्त सुरक्षा प्रदान की जाए। तेजी से कार्रवाई करने से कानून में जनता का विश्वास बहाल करने में मदद मिलेगी।