रामेश्वरम हवाई अड्डा: तमिलनाडु सरकार मणिकनेरी में 600 एकड़ पर प्रस्तावित एयरपोर्ट के लिए केंद्र से माँगेगी मंजूरी
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु सरकार रामनाथपुरम जिले के मणिकनेरी में प्रस्तावित रामेश्वरम हवाई अड्डे के लिए केंद्र सरकार की मंजूरी हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इस परियोजना का उद्देश्य रामेश्वरम तक हवाई संपर्क स्थापित करना, पर्यटन को बढ़ावा देना और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देना है। फिलहाल यहाँ आने-जाने के लिए लोग केवल सड़क और रेल परिवहन पर निर्भर हैं।
साइट चयन और मंजूरी प्रक्रिया
तमिलनाडु इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (TIDCO) ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय को साइट क्लीयरेंस के लिए आवेदन देने का निर्णय किया है। यह किसी स्थल पर एयरपोर्ट निर्माण के लिए आवश्यक प्रारंभिक नियामक स्वीकृति होती है। एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) की एक टीम ने जनवरी 2026 में स्थलों का निरीक्षण किया, जिसके पश्चात मणिकनेरी को अंतिम रूप से चुना गया।
प्रारंभ में रामनाथपुरम जिले में पाँच संभावित स्थानों — पलंकुलम, देवीपट्टिनम, कुंबरम, कलारी और मणिकनेरी — पर विचार किया गया था। प्रारंभिक चयन के बाद कुंबरम और मणिकनेरी को शॉर्टलिस्ट किया गया। राज्य सरकार के अनुरोध पर AAI की टीम ने दोनों स्थलों का सूक्ष्म परीक्षण किया और अंततः मणिकनेरी को अधिक उपयुक्त पाया।
परियोजना का आकार और वर्तमान स्थिति
प्रस्तावित हवाई अड्डा मणिकनेरी में लगभग 600 एकड़ भूमि पर विकसित किए जाने की योजना है। राज्य सरकार ने इस परियोजना को आगे बढ़ाने की स्वीकृति पहले ही दे दी है और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया सक्रिय रूप से जारी है। TIDCO का प्रस्तावित आवेदन इस परियोजना के लिए आवश्यक नियामक अनुमतियाँ प्राप्त करने की दिशा में अगला महत्वपूर्ण कदम होगा।
रामेश्वरम का पर्यटन महत्व
रामेश्वरम देश के प्रमुख तीर्थस्थलों में से एक है, जहाँ रामनाथस्वामी मंदिर, धनुषकोडी, अरिचलमुनई और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के स्मारक को देखने के लिए प्रतिवर्ष लाखों पर्यटक और तीर्थयात्री आते हैं। इसके बावजूद यह क्षेत्र हवाई संपर्क से वंचित है, जो पर्यटन के विस्तार में एक बड़ी बाधा रही है।
यह ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार तटीय जिलों में आर्थिक गतिविधियों को गति देने के लिए बुनियादी ढाँचे में निवेश बढ़ाने पर जोर दे रही है। हवाई संपर्क स्थापित होने से न केवल घरेलू बल्कि अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को भी आकर्षित किया जा सकता है।
परंदूर परियोजना रद्द होने के बाद की स्थिति
गौरतलब है कि राज्य सरकार ने हाल ही में कांचीपुरम जिले के परंदूर में प्रस्तावित चेन्नई के दूसरे हवाई अड्डे की परियोजना को रद्द कर दिया था। यह घोषणा पिछली द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) सरकार के दौर में की गई थी। परंदूर प्रस्ताव रद्द होने के बावजूद राज्य सरकार ने मणिकनेरी एयरपोर्ट परियोजना को जारी रखने का स्पष्ट संकेत दिया है, जो क्षेत्रीय संपर्क को प्राथमिकता देने की नीति को दर्शाता है।
आगे की राह
साइट क्लीयरेंस इस परियोजना के लिए पहला नियामक पड़ाव होगा। एक बार केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय से यह मंजूरी मिलने के बाद परियोजना की विस्तृत योजना, डिज़ाइन और पर्यावरणीय अनुमतियों की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी। रामेश्वरम एयरपोर्ट के साकार होने से तमिलनाडु के दक्षिणी तटीय क्षेत्र को एक नई पहचान और आर्थिक गति मिलने की उम्मीद है।