तमिलनाडु में नई तमिल फिल्मों को बड़ी राहत: रिलीज के पहले हफ्ते में रोज़ाना 6 शो की मंज़ूरी
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु सरकार ने 3 नवंबर 2026 को फिल्म उद्योग को बड़ी राहत देते हुए नई तमिल फिल्मों के लिए शो की संख्या बढ़ाने का अहम फैसला किया। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने राज्य के सभी सिनेमाघरों में नई रिलीज़ होने वाली तमिल फिल्मों को रिलीज़ की तारीख से सात दिनों तक प्रतिदिन अधिकतम छह शो — सुबह 6:00 बजे से अगले दिन सुबह 2:30 बजे के बीच — चलाने की अनुमति देने के आदेश जारी किए। यह फैसला तमिल फिल्म उद्योग की लंबे समय से चली आ रही माँग के जवाब में आया है।
क्या है नया नियम
अब तक तमिलनाडु सिनेमा (विनियमन) नियम, 1957 के तहत जारी 'सी' फॉर्म लाइसेंस के अनुसार सिनेमाघरों को प्रतिदिन केवल चार शो प्रदर्शित करने की अनुमति थी। इसके अलावा, सरकार नई तमिल फिल्मों को रिलीज़ के बाद सात दिनों तक पाँच शो चलाने की विशेष अनुमति देती थी।
अब तमिलनाडु सिनेमा (विनियमन) नियमों में संशोधन को मुख्यमंत्री की मंज़ूरी मिल गई है, जिसके तहत प्रतिदिन पाँच की जगह छह शो चलाए जा सकेंगे — और यह सुविधा रिलीज़ की तारीख से पूरे एक सप्ताह तक लागू रहेगी।
उद्योग संगठनों की माँग पर लिया गया फैसला
यह निर्णय तमिल फिल्म एक्टिव प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन, तमिल फिल्म प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन और तमिलनाडु थिएटर एवं मल्टीप्लेक्स ओनर्स एसोसिएशन की माँगों पर विस्तृत विचार-विमर्श के बाद लिया गया। इन संगठनों ने सरकार से अनुरोध किया था कि नई फिल्मों के शुरुआती सप्ताह में अधिक शो की अनुमति दी जाए, ताकि बड़े बजट की फिल्मों की व्यावसायिक सफलता सुनिश्चित हो सके।
गौरतलब है कि तमिलनाडु में बड़ी फिल्मों की रिलीज़ के दौरान दर्शकों की भारी माँग के कारण थिएटर मालिकों और निर्माताओं को अक्सर सीटों की कमी की समस्या का सामना करना पड़ता था। यह ऐसे समय में आया है जब दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योग, विशेष रूप से तमिल सिनेमा, बॉक्स ऑफिस पर लगातार बड़े कारोबार कर रहा है।
त्योहारों और सप्ताहांत पर पहले से थी विशेष व्यवस्था
इससे पहले, स्थानीय त्योहारों, सार्वजनिक अवकाशों और सप्ताहांत पर भी पाँच शो के प्रदर्शन की विशेष व्यवस्था लागू थी। नए संशोधन के बाद अब यह सुविधा नई तमिल फिल्मों की रिलीज़ के पहले सप्ताह में हर दिन के लिए उपलब्ध होगी, जिससे निर्माताओं और थिएटर मालिकों दोनों को आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है।
जेल सुरक्षा पर भी मुख्यमंत्री का बड़ा कदम
इसी बीच, मुख्यमंत्री विजय ने तमिलनाडु की जेलों में सुरक्षा व्यवस्था मज़बूत करने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति के गठन का भी आदेश दिया। यह समिति पूर्व पुलिस महानिदेशक जेके त्रिपाठी, आईपीएस (सेवानिवृत्त) की अध्यक्षता में कार्य करेगी और जेलों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर सुधार की सिफारिशें देगी।
यह फैसला थेनी ज़िला जेल से हाल ही में 17 कैदियों के फरार होने की घटना के बाद लिया गया है, जिसने राज्य की कारागार प्रणाली की कमियों को उजागर किया था।
आगे क्या होगा
तमिलनाडु सिनेमा नियमों में यह संशोधन फिल्म उद्योग के लिए एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार, छह शो की अनुमति से बड़े बजट की फिल्मों को शुरुआती सप्ताह में अधिकतम राजस्व अर्जित करने का मौका मिलेगा। यह देखना दिलचस्प होगा कि अन्य दक्षिण भारतीय राज्य इस नीति से प्रेरणा लेते हैं या नहीं।