एसआईआर विरोध पर तपस रॉय का राहुल गांधी पर हमला: 'पीएम मोदी से लड़ने की हैसियत नहीं'
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के सार्वजनिक उद्यम एवं औद्योगिक पुनर्निर्माण मंत्री तपस रॉय ने 6 अक्टूबर 2026 को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि पूरे भारत में उन पर कोई भरोसा नहीं करता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लड़ने की उनकी कोई हैसियत नहीं है। एसआईआर और वोट चोरी के आरोपों को लेकर राहुल गांधी व इंडी गठबंधन के विरोध प्रदर्शन ने पश्चिम बंगाल की राजनीति को गरमा दिया है।
सेवा ज्योति यात्रा पर तपस रॉय का बयान
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक सेवा में 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 7 अक्टूबर को देशभर में 'सेवा ज्योति यात्रा' आयोजित करने की घोषणा की है। इसके तहत पश्चिम बंगाल में जिला स्तर पर मार्च और कोलकाता में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
तपस रॉय ने इस यात्रा पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'यह बहुत ही सुंदर है। 17 सितंबर को हमारे प्रधानमंत्री के जन्मदिन से शुरू हुआ कार्यक्रम देशभर में चल रहा है और पश्चिम बंगाल में भी जारी है। बुधवार को पीएम मोदी मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के तौर पर 25 साल पूरा कर रहे हैं।'
हुमायूं कबीर की नज़रबंदी पर प्रतिक्रिया
विरोध प्रदर्शन के दौरान हुमायूं कबीर को डिटेन किए जाने पर तपस रॉय ने कहा कि यह तो अच्छा हुआ और उन्हें पहले ही हिरासत में ले लिया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से पुलिस और मुख्यमंत्री को लेकर बातें की जा रही थीं, वैसा कोई राजनीतिक कार्यकर्ता नहीं कर सकता और करना भी नहीं चाहिए।
राहुल गांधी के विरोध प्रदर्शन पर प्रहार
राहुल गांधी के नेतृत्व में जारी विरोध प्रदर्शन पर तपस रॉय ने कहा कि देशवासी उन लोगों पर भरोसा नहीं करते। उन्होंने आगे दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता अभिषेक बनर्जी को किसी भी दिन गिरफ्तार कर लिया जाना चाहिए और उन पर पश्चिम बंगाल को 'तबाह' करने का आरोप लगाया।
भाजपा सांसद राहुल सिन्हा की प्रतिक्रिया
BJP सांसद राहुल सिन्हा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि नंदीग्राम में 50 बार चुनाव हो तो भी कांग्रेस हारेगी क्योंकि उनका जनसंपर्क समाप्त हो चुका है और जनता से नाता टूट गया है। उन्होंने तंज कसा, 'जो पढ़ाई नहीं करता, वो परीक्षा देखकर भागता है — इसलिए कांग्रेस अब भागने का रास्ता खोज रही है।'
राहुल सिन्हा ने यह भी कहा कि 9 अक्टूबर को जनता का फैसला सामने आएगा और जो भी नतीजा होगा, वह स्वीकार्य होगा। उन्होंने राहुल गांधी और अभिषेक बनर्जी के प्रोटेस्ट मार्च को लेकर कहा कि दो 'गिरने वाली पार्टियाँ' एकसाथ आई हैं, जिनके पास न शक्ति है और न क्षमता।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
यह ऐसे समय में आया है जब 9 अक्टूबर को चुनाव परिणाम आने वाले हैं और विरोधी दलों ने एसआईआर तथा वोट चोरी के आरोपों को लेकर सड़क पर उतरने का फैसला किया है। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और केंद्र की भारतीय जनता पार्टी दोनों ने इंडी गठबंधन के इस विरोध प्रदर्शन को लेकर अपने-अपने तरीके से तीखी प्रतिक्रिया दी है। आने वाले दिनों में चुनाव परिणामों के बाद राजनीतिक तापमान और बढ़ने की संभावना है।