RSS जैसे संगठनों से देश को संकट: TMC सांसद सौगत रॉय का मोहन भागवत के बयान पर पलटवार
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद सौगत रॉय ने 3 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के 'धर्म संकट' वाले बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। रॉय ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि देश में धर्म को नहीं, बल्कि RSS जैसे संगठनों से ख़तरा है।
भागवत के बयान पर सौगत रॉय की प्रतिक्रिया
सांसद सौगत रॉय ने कहा, 'यह उनका मत है। धर्म का कोई संकट नहीं है, बल्कि RSS जैसे संगठनों से संकट है।' उन्होंने साफ किया कि भागवत की चिंता उनकी व्यक्तिगत राय है और इसे देश की सामूहिक भावना नहीं माना जाना चाहिए।
गौरतलब है कि इससे पहले मोहन भागवत ने अपने एक संबोधन में कहा था कि यदि धर्म संकट में आया तो राष्ट्र को भी नुकसान होगा। उन्होंने कहा था, 'अगर राष्ट्र दुर्बल हो गया तो धर्म संकट में आ जाएगा और धर्माचरण दुर्बल हो गया तो राष्ट्र नीचे आ जाएगा।' रॉय की यह प्रतिक्रिया भागवत के इसी बयान को सीधी चुनौती है।
पायलट स्मित मच्छार प्रकरण पर रॉय का रुख
TMC सांसद ने भारतीय पायलट स्मित मच्छार की बहादुरी की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने जान की बाज़ी लगाकर विमान को बचाया। हालाँकि, रॉय ने यह भी सवाल उठाया कि जिस को-पायलट ने विमान में हमला किया, उसे चुने जाने की प्रक्रिया की ठीक से जाँच होनी चाहिए। उनके अनुसार, 'यह शायद सिक्योरिटी चेक में किसी से गलती हुई होगी।'
स्मित मच्छार द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना आदर्श बताने और PM द्वारा उन्हें फोन किए जाने पर रॉय ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'अच्छी बात है। स्मित मच्छार के बारे में कोई पॉलिटिक्स नहीं लाता हूँ। प्रधानमंत्री ने उन्हें फोन किया — यह सही किया, इसकी प्रशंसा होनी चाहिए।'
पंजाब कांग्रेस नेतृत्व परिवर्तन पर राय
पंजाब में कांग्रेस के नेतृत्व बदलाव को लेकर सौगत रॉय ने कहा कि राज्य इकाई में लंबे समय से अंदरूनी परेशानी थी। उन्होंने परगट सिंह को पंजाब कांग्रेस का अध्यक्ष बनाए जाने के फैसले का स्वागत करते हुए कहा, 'परगट सिंह अभी विधायक भी हैं और पहले भारत की हॉकी टीम के कप्तान थे — उन्हें कमान देने का फैसला सही है।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने के मद्देनज़र यह बदलाव ज़रूरी था।
हुमायूँ कबीर के दिल्ली दौरे पर टिप्पणी
आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) प्रमुख हुमायूँ कबीर के दिल्ली दौरे को रॉय ने राजनीतिक दृष्टि से महत्वहीन बताया। उन्होंने कहा, 'मैंने उनका बयान सुना है। हुमायूँ कबीर के जाने का कोई महत्व नहीं है।' यह टिप्पणी बंगाल की राजनीति में AJUP की प्रासंगिकता पर TMC की स्थिति को स्पष्ट करती है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
यह ऐसे समय में आया है जब RSS और भाजपा (BJP) के बयानों पर विपक्षी दलों की प्रतिक्रियाएँ तेज़ होती जा रही हैं। TMC और कांग्रेस दोनों ही संघ के बयानों को लेकर सक्रिय रहे हैं। सौगत रॉय कोलकाता के वरिष्ठ TMC सांसद हैं और पार्टी की वैचारिक लाइन के मुखर प्रवक्ताओं में से एक माने जाते हैं। RSS प्रमुख के बयान, जब भी सार्वजनिक होते हैं, राष्ट्रीय बहस छेड़ते हैं — और रॉय की यह प्रतिक्रिया उसी बहस का हिस्सा है।