विजयादशमी पर भागवत ने कैप्टन स्मित मच्छार को सराहा, बोले- 'यही है असली हिंदू स्वभाव'
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने 20 अक्टूबर 2026 को नागपुर में आयोजित संघ के वार्षिक विजयादशमी कार्यक्रम में कैप्टन स्मित मच्छार की साहसिक कहानी का उल्लेख करते हुए उन्हें भारतीय संस्कारों और मूल्यों का जीवंत उदाहरण बताया। भागवत ने कहा कि कठिन परिस्थिति में कैप्टन मच्छार का आचरण किसी विशेष प्रशिक्षण का नहीं, बल्कि उनके भीतर रचे-बसे स्वाभाविक संस्कारों का प्रतिफल था।
भागवत का संबोधन: संस्कार बनाम प्रशिक्षण
भागवत ने अपने संबोधन में कहा, 'इसी भाव से प्रेरित होकर कैप्टन स्मित मच्छार ने हाल ही में जो किया, वह स्वाभाविक था। ऐसी स्थिति में क्या करना है, इसकी कोई ट्रेनिंग नहीं थी, उनके अंदर की परंपरा और संस्कार ही परीक्षा की उस घड़ी में सामने आ गए।'
संघ प्रमुख ने इसे 'हिंदू स्वभाव' की परिभाषा बताते हुए कहा कि यही स्वभाव विविधता की गरिमा और सुरक्षा का पोषण करता है और राष्ट्रीय एकता तथा वैश्विक सद्भाव के लिए एक रचनात्मक शक्ति के रूप में कार्य करता है।
भागवत ने यह भी स्पष्ट किया कि RSS इन मूल्यों को केवल भाषणों से नहीं, बल्कि व्यावहारिक कार्यों के माध्यम से समाज में स्थापित करना चाहता है। उनके अनुसार, लोग संघ में भाषण सुनने नहीं आते — वे पहले आते हैं और अपने कार्यों के ज़रिए इस भाव का अभ्यास करते हैं।
कैप्टन मच्छार की वीरगाथा: विमान में हमला और आपातकालीन लैंडिंग
कैप्टन स्मित मच्छार दुबई से तेल अवीव जा रहे बोइंग 737 विमान को उड़ा रहे थे, जब उड़ान के दौरान उनके सह-पायलट ने अचानक उन पर चाकू से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल होने के बाद भी उन्होंने कॉकपिट का दरवाज़ा खोलने में सफलता हासिल की, जिससे यात्रियों और क्रू सदस्यों को हमलावर पर काबू पाने और स्थिति को नियंत्रित करने में मदद मिली।
इस हादसे के चलते विमान तेज़ी से नीचे की ओर आने लगा। यात्रियों और क्रू के सामूहिक हस्तक्षेप के बाद स्थिति को काबू में लाया गया और विमान को सऊदी अरब के तबुक में आपातकालीन लैंडिंग करानी पड़ी। विमान में सवार सभी 174 यात्री सुरक्षित बताए गए।
PM मोदी भी कर चुके हैं तारीफ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कैप्टन मच्छार की बहादुरी की प्रशंसा करते हुए उन्हें 'हीरो' बताया था। मोदी ने कहा था कि मच्छार के इस कदम ने कई लोगों की जान बचाई और एक बड़ी त्रासदी को टाल दिया।
कैप्टन मच्छार: एक अनुभवी पायलट की पृष्ठभूमि
कैप्टन मच्छार विमानन क्षेत्र में 13 से अधिक वर्षों का अनुभव रखते हैं। फ्लाईदुबई में शामिल होने से पहले वे स्पाइसजेट में लाइन ट्रेनिंग कैप्टन के रूप में कार्यरत थे। उन्होंने मुख्यतः बोइंग 737 पर लगभग 9,750 घंटे की उड़ान भरी है।
आगे की दिशा
भागवत का यह संबोधन ऐसे समय में आया है जब संघ अपने संस्थापना मूल्यों और समकालीन भारतीय समाज के बीच सेतु बनाने की कोशिश कर रहा है। कैप्टन मच्छार की कहानी को प्रतीक के रूप में इस्तेमाल करना यह दर्शाता है कि संघ अपने वैचारिक आधार को वास्तविक जीवन की घटनाओं से जोड़कर प्रासंगिक बनाना चाहता है।