20 अक्टूबर 2026
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विजयादशमी पर भागवत ने कैप्टन स्मित मच्छार को सराहा, बोले- 'यही है असली हिंदू स्वभाव'

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विजयादशमी पर भागवत ने कैप्टन स्मित मच्छार को सराहा, बोले- 'यही है असली हिंदू स्वभाव'

सारांश

RSS प्रमुख मोहन भागवत ने नागपुर के विजयादशमी मंच से कैप्टन स्मित मच्छार की उस बहादुरी को 'हिंदू स्वभाव' का जीवंत उदाहरण बताया, जब घायल होने के बावजूद उन्होंने दुबई-तेल अवीव उड़ान पर हमलावर सह-पायलट से 174 यात्रियों की जान बचाई और विमान को सऊदी अरब में सुरक्षित उतारा।

मुख्य बातें

RSS प्रमुख मोहन भागवत ने 20 अक्टूबर 2026 को नागपुर के वार्षिक विजयादशमी कार्यक्रम में कैप्टन स्मित मच्छार की तारीफ की।
भागवत ने कहा कि मच्छार का साहस किसी ट्रेनिंग का नहीं, बल्कि उनके संस्कार और परंपरा का परिणाम था — इसे उन्होंने 'हिंदू स्वभाव' बताया।
कैप्टन मच्छार दुबई-तेल अवीव उड़ान के दौरान सह-पायलट के चाकू हमले में घायल हुए, फिर भी कॉकपिट का दरवाज़ा खोलकर 174 यात्रियों की जान बचाई।
विमान को सऊदी अरब के तबुक में आपातकालीन लैंडिंग करानी पड़ी; सभी यात्री सुरक्षित रहे।
PM नरेंद्र मोदी भी कैप्टन मच्छार को 'हीरो' बता चुके हैं और उनकी बहादुरी को बड़ी त्रासदी टालने वाला कदम बताया था।
कैप्टन मच्छार को विमानन में 13 से अधिक वर्षों का अनुभव है और वे बोइंग 737 पर लगभग 9,750 घंटे उड़ान भर चुके हैं।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने 20 अक्टूबर 2026 को नागपुर में आयोजित संघ के वार्षिक विजयादशमी कार्यक्रम में कैप्टन स्मित मच्छार की साहसिक कहानी का उल्लेख करते हुए उन्हें भारतीय संस्कारों और मूल्यों का जीवंत उदाहरण बताया। भागवत ने कहा कि कठिन परिस्थिति में कैप्टन मच्छार का आचरण किसी विशेष प्रशिक्षण का नहीं, बल्कि उनके भीतर रचे-बसे स्वाभाविक संस्कारों का प्रतिफल था।

भागवत का संबोधन: संस्कार बनाम प्रशिक्षण

भागवत ने अपने संबोधन में कहा, 'इसी भाव से प्रेरित होकर कैप्टन स्मित मच्छार ने हाल ही में जो किया, वह स्वाभाविक था। ऐसी स्थिति में क्या करना है, इसकी कोई ट्रेनिंग नहीं थी, उनके अंदर की परंपरा और संस्कार ही परीक्षा की उस घड़ी में सामने आ गए।'

संघ प्रमुख ने इसे 'हिंदू स्वभाव' की परिभाषा बताते हुए कहा कि यही स्वभाव विविधता की गरिमा और सुरक्षा का पोषण करता है और राष्ट्रीय एकता तथा वैश्विक सद्भाव के लिए एक रचनात्मक शक्ति के रूप में कार्य करता है।

भागवत ने यह भी स्पष्ट किया कि RSS इन मूल्यों को केवल भाषणों से नहीं, बल्कि व्यावहारिक कार्यों के माध्यम से समाज में स्थापित करना चाहता है। उनके अनुसार, लोग संघ में भाषण सुनने नहीं आते — वे पहले आते हैं और अपने कार्यों के ज़रिए इस भाव का अभ्यास करते हैं।

कैप्टन मच्छार की वीरगाथा: विमान में हमला और आपातकालीन लैंडिंग

कैप्टन स्मित मच्छार दुबई से तेल अवीव जा रहे बोइंग 737 विमान को उड़ा रहे थे, जब उड़ान के दौरान उनके सह-पायलट ने अचानक उन पर चाकू से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल होने के बाद भी उन्होंने कॉकपिट का दरवाज़ा खोलने में सफलता हासिल की, जिससे यात्रियों और क्रू सदस्यों को हमलावर पर काबू पाने और स्थिति को नियंत्रित करने में मदद मिली।

इस हादसे के चलते विमान तेज़ी से नीचे की ओर आने लगा। यात्रियों और क्रू के सामूहिक हस्तक्षेप के बाद स्थिति को काबू में लाया गया और विमान को सऊदी अरब के तबुक में आपातकालीन लैंडिंग करानी पड़ी। विमान में सवार सभी 174 यात्री सुरक्षित बताए गए।

PM मोदी भी कर चुके हैं तारीफ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कैप्टन मच्छार की बहादुरी की प्रशंसा करते हुए उन्हें 'हीरो' बताया था। मोदी ने कहा था कि मच्छार के इस कदम ने कई लोगों की जान बचाई और एक बड़ी त्रासदी को टाल दिया।

कैप्टन मच्छार: एक अनुभवी पायलट की पृष्ठभूमि

कैप्टन मच्छार विमानन क्षेत्र में 13 से अधिक वर्षों का अनुभव रखते हैं। फ्लाईदुबई में शामिल होने से पहले वे स्पाइसजेट में लाइन ट्रेनिंग कैप्टन के रूप में कार्यरत थे। उन्होंने मुख्यतः बोइंग 737 पर लगभग 9,750 घंटे की उड़ान भरी है।

आगे की दिशा

भागवत का यह संबोधन ऐसे समय में आया है जब संघ अपने संस्थापना मूल्यों और समकालीन भारतीय समाज के बीच सेतु बनाने की कोशिश कर रहा है। कैप्टन मच्छार की कहानी को प्रतीक के रूप में इस्तेमाल करना यह दर्शाता है कि संघ अपने वैचारिक आधार को वास्तविक जीवन की घटनाओं से जोड़कर प्रासंगिक बनाना चाहता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

समकालीन और गैर-विवादास्पद घटनाओं से जोड़ता है। एक पायलट की व्यक्तिगत वीरता को सामूहिक सांस्कृतिक पहचान से जोड़ना आलोचकों की नज़र में एकल वीरता के राजनीतिकरण का जोखिम उठाता है, जबकि समर्थक इसे राष्ट्रीय गौरव की स्वाभाविक अभिव्यक्ति मानेंगे। गौरतलब है कि PM मोदी भी इसी घटना को 'हीरो' की कहानी बता चुके हैं — यह राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर एक साझा आख्यान की रचना है। असली प्रश्न यह है कि क्या इस तरह के प्रतीकात्मक उपयोग से संघ की ज़मीनी प्रासंगिकता बढ़ती है, या यह महज़ उत्सव-भाषणों की परंपरा बनकर रह जाती है।
RashtraPress
20 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मोहन भागवत ने विजयादशमी पर कैप्टन स्मित मच्छार का ज़िक्र क्यों किया?
RSS प्रमुख मोहन भागवत ने 20 अक्टूबर 2026 को नागपुर विजयादशमी कार्यक्रम में कैप्टन मच्छार की कहानी को 'हिंदू स्वभाव' का जीवंत उदाहरण बताने के लिए उद्धृत किया। उन्होंने कहा कि मच्छार का साहस किसी विशेष ट्रेनिंग का नहीं, बल्कि उनके भीतर के संस्कारों और परंपरा का परिणाम था।
कैप्टन स्मित मच्छार ने विमान में क्या किया था?
कैप्टन स्मित मच्छार दुबई से तेल अवीव जा रहे बोइंग 737 विमान का संचालन कर रहे थे, जब सह-पायलट ने उन पर चाकू से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाज़ा खोला, जिससे क्रू और यात्रियों ने हमलावर को काबू में किया और विमान को सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतारा गया।
विमान में कितने यात्री थे और क्या सभी सुरक्षित थे?
विमान में 174 यात्री सवार थे और घटना के बाद तबुक में आपातकालीन लैंडिंग के बाद सभी यात्री सुरक्षित बताए गए। कैप्टन मच्छार की त्वरित प्रतिक्रिया को स्थिति को नियंत्रित रखने में निर्णायक माना गया।
PM मोदी ने कैप्टन मच्छार के बारे में क्या कहा था?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैप्टन स्मित मच्छार को 'हीरो' बताते हुए उनकी बहादुरी और दृढ़ संकल्प की सराहना की थी। मोदी ने कहा था कि मच्छार के इस कदम ने कई लोगों की जान बचाई और एक बड़ी त्रासदी को टाल दिया।
कैप्टन स्मित मच्छार का विमानन अनुभव कितना है?
कैप्टन मच्छार को विमानन क्षेत्र में 13 से अधिक वर्षों का अनुभव है और उन्होंने मुख्यतः बोइंग 737 पर लगभग 9,750 घंटे की उड़ान भरी है। फ्लाईदुबई में शामिल होने से पहले वे स्पाइसजेट में लाइन ट्रेनिंग कैप्टन के पद पर कार्यरत थे।
राष्ट्र प्रेस
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