जोहरान ममदानी के RSS बयान पर TMC सांसद सौगत रॉय बोले — न्यूयॉर्क में यह विचारधारा नहीं चलेगी
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद सौगत रॉय ने 26 अगस्त 2026 को कई राष्ट्रीय मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी — जिनमें न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी की RSS कार्यक्रम पर की गई टिप्पणी, गृह मंत्री अमित शाह का घुसपैठियों पर बयान, इलाहाबाद हाई कोर्ट का हिजाब फैसला, और जादवपुर विश्वविद्यालय विवाद शामिल हैं।
ममदानी के RSS बयान पर रॉय की प्रतिक्रिया
न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी द्वारा RSS के एक कार्यक्रम को लेकर की गई टिप्पणी पर सौगत रॉय ने कहा, "वह एक बड़े शहर के मेयर हैं, और उन्हें ही तय करना है कि इसकी इजाज़त दी जाए या नहीं। हमें देखना होगा कि वह क्या फ़ैसला लेते हैं। लेकिन न्यूयॉर्क जैसे शहर में, जहाँ कई धर्मों के लोग रहते हैं, आरएसएस की विचारधारा काम नहीं करेगी, इसलिए शहर के अधिकारी ही इस पर फ़ैसला लेंगे।" यह ऐसे समय में आया है जब भारत-अमेरिका संबंधों में हिंदू राष्ट्रवादी संगठनों की विदेशी गतिविधियाँ बहस का विषय बनी हुई हैं।
गृह मंत्री के घुसपैठ बयान पर रुख
गृह मंत्री अमित शाह के घुसपैठियों पर दिए गए बयान पर रॉय ने संयमित प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "उन्होंने पहले भी बोला है। कानून के अनुसार जो होगा सो होगा।" गौरतलब है कि TMC और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच बांग्लादेशी घुसपैठ के मुद्दे पर पश्चिम बंगाल में लंबे समय से राजनीतिक टकराव चला आ रहा है।
हिजाब और धार्मिक स्वतंत्रता पर रॉय का मत
इलाहाबाद हाई कोर्ट के हिजाब संबंधी फ़ैसले पर TMC सांसद ने स्पष्ट असहमति जताई। उन्होंने कहा, "मेरा मानना है कि हर धर्म के लोगों को अपने धार्मिक रीति-रिवाजों और परंपराओं का पालन करने की आज़ादी होनी चाहिए। सरकार को इसमें दखल नहीं देना चाहिए। मैं इलाहाबाद हाई कोर्ट के फ़ैसले से सहमत नहीं हूँ।" यह बयान ऐसे समय में आया है जब देशभर में धार्मिक पोशाक को लेकर न्यायिक और राजनीतिक बहस तेज़ हो रही है।
जादवपुर विश्वविद्यालय विवाद और जाँच समिति
जादवपुर विश्वविद्यालय में बाहरी लोगों के परिसर में घुसने के मामले पर रॉय ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि संबंधित लोगों को गिरफ़्तार किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में जाँच समिति गठित की गई है, जो 27 अगस्त से अपना काम शुरू करेगी।
बागी TMC गुट का 'छात्र शहीद दिवस' पर बयान
रीताब्रता बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी TMC गुट के नेता मो. अखरुज्जमाँ ने कहा कि 28 अगस्त को 'छात्र शहीद दिवस' के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित करने के लिए उनके छात्र नेताओं ने प्रशासन से अनुमति माँगी थी, लेकिन प्रशासन ने अनुमति देने से इनकार कर दिया। यह घटनाक्रम TMC के आंतरिक विभाजन को उजागर करता है।