सौगत रॉय का बड़ा बयान: दिल्ली में 'अर्ध-आपातकाल', NTA कार्रवाई और भागवत की टिप्पणी पर TMC सांसद ने साधा निशाना
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ सांसद सौगत रॉय ने 25 जुलाई को एक साथ कई अहम मुद्दों पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी — जिनमें नई दिल्ली के जंतर-मंतर क्षेत्र में इंटरनेट बंद करना, 17 मेट्रो स्टेशनों को बंद रखना, 47 एनटीए अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई, राज्यसभा में वंदे मातरम विधेयक और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की युवाओं पर की गई टिप्पणी शामिल हैं। हाल ही में लोकसभा में TMC संसदीय दल के डिप्टी लीडर नियुक्त हुए रॉय ने कहा कि सरकार 'घबराहट में' काम कर रही है।
दिल्ली में 'अर्ध-आपातकाल' जैसे हालात
जंतर-मंतर के आसपास इंटरनेट सेवाएँ बाधित किए जाने और मेट्रो स्टेशन बंद रखे जाने पर सौगत रॉय ने कहा, 'इसका असर दिल्ली के लोगों की ज़िंदगी पर पड़ रहा है। मैं सेंट्रल दिल्ली में रहता हूँ, और हम सभी इंटरनेट बंद होने की समस्या का सामना कर रहे हैं, जबकि 17 मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए गए हैं।' उन्होंने आगे कहा कि सरकार का यह व्यवहार 'अस्थिर' है और यह 'अर्ध-आपातकाल जैसी स्थिति' पैदा कर रहा है। रॉय ने माँग की कि पाबंदियाँ हटाई जाएँ और सेंट्रल दिल्ली में जनजीवन सामान्य किया जाए।
गौरतलब है कि यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है जब देश के कई हिस्सों में छात्र आंदोलन और बाढ़ जैसी आपदाएँ एक साथ चर्चा में हैं, और विपक्ष सरकार पर नागरिक स्वतंत्रताओं को दबाने का आरोप लगा रहा है।
लोकसभा में डिप्टी लीडर नियुक्ति पर प्रतिक्रिया
पिछले 17 वर्षों से TMC संसदीय दल से जुड़े रॉय ने अपनी नई ज़िम्मेदारी पर कहा, 'अब तक मैंने कोई पद नहीं संभाला है, लेकिन मैंने एक सांसद के तौर पर अपनी जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। अब जब पार्टी कुछ मुश्किलों का सामना कर रही है, तो यह जिम्मेदारी मिलना संतोषजनक है और मैं अपनी पूरी क्षमता से काम करूंगा।' यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब TMC संसद में अपनी रणनीतिक स्थिति को और मज़बूत करने में लगी है।
वंदे मातरम विधेयक पर TMC का रुख
राज्यसभा में लाए गए वंदे मातरम विधेयक पर रॉय ने कहा कि बंगाल के लोग 'वंदे मातरम' के पक्ष में हैं, लेकिन इस समय इस विधेयक को लाने के पीछे की मंशा पर उन्होंने सवाल उठाए। उन्होंने कहा, 'जब संविधान बनाया गया था, तब 'जन गण मन' को राष्ट्रगान और 'वंदे मातरम' के पहले पद को राष्ट्रगीत का दर्जा दिया गया था।' रॉय ने आरोप लगाया कि सरकार छात्र हड़ताल, बाढ़ और अमेरिकी टैरिफ जैसी असली समस्याओं से ध्यान भटकाने के लिए राष्ट्रवाद का सहारा ले रही है। उन्होंने स्पष्ट किया, 'हम मूल रूप से राष्ट्रगीत को अनिवार्य बनाने के उद्देश्य का समर्थन करते हैं, लेकिन मुझे नहीं लगता कि इसका कोई बहुत बड़ा महत्व है।'
मोहन भागवत की टिप्पणी पर TMC सांसद का जवाब
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की युवाओं पर की गई टिप्पणी को लेकर रॉय ने कहा कि भागवत 'संघ परिवार के मुख्य नेता' हैं और उनकी बातों का भारतीय जनता पार्टी (BJP) और सरकार पर निश्चित रूप से असर पड़ता है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि 'मोहन भागवत ने इस मामले पर बहुत देर से प्रतिक्रिया दी है।'
NTA कार्रवाई और CJI-सरकार वार्ता पर रुख
रॉय ने 47 एनटीए अधिकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई और भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) तथा सरकार के बीच चल रही बातचीत पर भी अपनी राय रखी। उनके बयान इस बात की ओर इशारा करते हैं कि विपक्ष इन सभी घटनाओं को एक व्यापक संवैधानिक संकट के रूप में देख रहा है। आने वाले संसदीय सत्र में TMC इन मुद्दों को और अधिक आक्रामक तरीके से उठाने की तैयारी में है।