तपस रॉय का बड़ा आरोप: ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में पुलिस और राज्य चुनाव आयोग का किया दुरुपयोग
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री तपस रॉय ने 2 अक्टूबर 2026 को कोलकाता में कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने शासनकाल में पुलिस और राज्य चुनाव आयोग का खुलकर दुरुपयोग किया। उन्होंने यह टिप्पणी महात्मा गांधी जयंती के अवसर पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के विरोध प्रदर्शन, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के प्रेस नोट और 'इंडिया' गठबंधन की राजनीति पर प्रतिक्रिया देते हुए की।
गांधी जयंती और श्रद्धांजलि
गांधी जयंती पर तपस रॉय ने कहा कि यह पर्व पूरे देश के साथ-साथ विधानसभा में भी मनाया गया और इस अवसर पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उन्होंने गांधी के मूल्यों को याद करते हुए राजनीतिक संयम की अपील की।
सीईसी ज्ञानेश कुमार विवाद पर रॉय का पलटवार
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दलों के विरोध प्रदर्शन पर तपस रॉय ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने खुद स्वीकार किया है कि ज्ञानेश कुमार न होते तो केरल में कांग्रेस सत्ता में नहीं आती। रॉय ने सवाल उठाया कि जिन दलों की सरकारें रही हैं — कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस (TMC) और सीपीएम — उन्हें अपने शासनकाल में चुनावी प्रक्रिया को लेकर जो हुआ, उसे याद करना चाहिए।
रॉय ने आगे दावा किया, 'ज्ञानेश कुमार की वजह से बहुत लंबे समय बाद बंगाल के चुनाव में किसी की मौत नहीं हुई और हिंसा नहीं हुई।' यह बयान इस लिहाज से महत्त्वपूर्ण है कि पश्चिम बंगाल में चुनावी हिंसा दशकों से एक संवेदनशील राजनीतिक मुद्दा रहा है।
ममता बनर्जी पर पुलिस और चुनाव आयोग के दुरुपयोग के आरोप
तपस रॉय ने सीधे आरोप लगाया कि ममता बनर्जी की सरकार ने लोकसभा, विधानसभा और निचले स्तर के सभी चुनावों में पुलिस और राज्य चुनाव आयोग का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि इन सभी चुनावों में ममता बनर्जी की ओर से 'लूट' की गई और अब उन्हीं की तरफ से बयान दिए जा रहे हैं। गौरतलब है कि यह पहला मौका नहीं है जब सत्ताधारी दल के भीतर से TMC के चुनावी आचरण पर इस तरह की आलोचना सामने आई हो।
ईडी प्रेस नोट और 15 वर्षों के शासन पर सवाल
प्रवर्तन निदेशालय के ताज़ा प्रेस नोट पर प्रतिक्रिया देते हुए रॉय ने कहा कि ईडी का प्रेस नोट आए या न आए, बीते 15 वर्षों में पश्चिम बंगाल में जो कुछ भी हुआ, उसकी जानकारी ममता बनर्जी को थी। उनका कहना था कि ममता बनर्जी के 15 वर्षों के शासनकाल के दौरान की गई सभी गतिविधियाँ उनकी जानकारी और सहमति से हुईं।
अधीर रंजन चौधरी और 'इंडिया' गठबंधन पर टिप्पणी
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी की ओर से ममता बनर्जी को लेकर दिए गए बयान पर रॉय ने कहा कि चौधरी कांग्रेस के नेता हैं और वे अपनी पार्टी को सुझाव देने के अधिकारी हैं। 'इंडिया' गठबंधन के विरोध प्रदर्शनों पर रॉय ने कहा कि यह 'सुविधावाद का गठबंधन' है, जिसमें शामिल सभी दलों पर आर्थिक मामले हैं और इसीलिए वे एकजुट हुए हैं। आने वाले दिनों में इस बयान पर विपक्ष की तीखी प्रतिक्रिया संभव है।