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क्या खालिदा जिया के बाद बेटे तारिक रहमान ने बीएनपी की कमान संभाली?

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क्या खालिदा जिया के बाद बेटे तारिक रहमान ने बीएनपी की कमान संभाली?

मुख्य बातें

तारिक रहमान ने बीएनपी की अध्यक्षता संभाली।
खालिदा जिया के निधन के बाद पार्टी में परिवर्तन।
तारिक का राजनीतिक अनुभव महत्वपूर्ण होगा।
बीएनपी की स्टैंडिंग कमिटी ने उनकी नियुक्ति को मंजूरी दी।
पार्टी के भविष्य के लिए यह एक महत्वपूर्ण मोड़ है।

नई दिल्ली, 10 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के निधन के पश्चात उनके बेटे तारिक रहमान ने बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की कमान अपने हाथ में ले ली है। बीएनपी की स्टैंडिंग कमिटी ने तारिक रहमान को पार्टी का चेयरमैन बनाने की स्वीकृति दी।

बांग्लादेशी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, यह निर्णय शुक्रवार रात को पार्टी के गुलशन दफ्तर में आयोजित बैठक में लिया गया। बैठक के बाद बीएनपी के सेक्रेटरी जनरल मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने इस बात की पुष्टि की।

बैठक में सभी सदस्यों ने एकमत होकर तारिक रहमान को बीएनपी अध्यक्ष का पद सौंपने का निर्णय लिया। सभी की सहमति के बाद, तारिक रहमान ने बीएनपी के संविधान के अनुसार पार्टी के अध्यक्ष का पद संभाला।

तारिक के राजनीतिक सफर की बात की जाए तो, बीएनपी के मीडिया सेल के अनुसार, वे इरशाद विरोधी आंदोलन के समय अपनी मां के साथ सड़क पर हुए विरोध प्रदर्शनों में शामिल रहे थे। ढाका ट्रिब्यून ने बताया कि तारिक 1988 में पार्टी की गबताली उपजिला यूनिट के आम सदस्य के रूप में जुड़े थे।

1991 के आम चुनाव से पहले, उन्होंने देश के लगभग हर जिले में जिया के साथ चुनावी अभियान चलाया था। 1993 में, उन्होंने बीएनपी की बोगुरा जिला यूनिट की एक कॉन्फ्रेंस आयोजित की, जहां क्षेत्र के पार्टी नेतृत्व को सीक्रेट बैलेट से चुना गया था। इसके बाद, उन्होंने अन्य जिला यूनिट्स को अपने नेता चुनने में लोकतांत्रिक प्रक्रिया अपनाने के लिए प्रेरित किया।

2002 में, बीएनपी की स्टैंडिंग कमेटी ने तारिक रहमान को सीनियर संयुक्त सचिव के रूप में नियुक्त किया। 2005 में, उन्होंने देशभर में जमीनी स्तर का कॉन्फ्रेंस आयोजित किया और बांग्लादेश के हर उपजिला में बीएनपी इकाइयों के साथ परामर्श किया।

2007 में वन-इलेवन पीरियड के दौरान उन्हें गिरफ्तार किया गया और बाद में चिकित्सकीय उपचार के लिए विदेश भेजा गया, जिसके बाद वे 2008 से देश निकाला में रहे। वे 17 साल बाद 25 दिसंबर, 2025 को देश लौटे।

इससे पहले, 2009 में, उन्हें बीएनपी का सीनियर उपाध्यक्ष चुना गया था। हालांकि, 2018 में, जब बेगम खालिदा जिया को जेल हुई, तो तारिक रहमान को पार्टी का कार्यवाहक अध्यक्ष बनाया गया।

संपादकीय दृष्टिकोण

हमें यह समझने की आवश्यकता है कि तारिक रहमान का बीएनपी के अध्यक्ष के रूप में चयन बांग्लादेश की राजनीतिक स्थिरता को प्रभावित कर सकता है। यह समय उनके लिए चुनौतीपूर्ण है, और हमें उम्मीद है कि उनका नेतृत्व पार्टी को आगे बढ़ाएगा।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तारिक रहमान कब से राजनीति में सक्रिय हैं?
तारिक रहमान 1988 से बीएनपी में सक्रिय हैं।
क्या तारिक रहमान को पहले भी पार्टी में कोई पद मिला था?
हाँ, उन्हें 2009 में बीएनपी का सीनियर उपाध्यक्ष चुना गया था।
तारिक रहमान का राजनीतिक सफर क्या रहा है?
उन्होंने इरशाद विरोधी आंदोलन में अपनी मां के साथ भाग लिया और कई जिलों में चुनावी अभियान चलाया।
तारिक रहमान को बीएनपी का अध्यक्ष कब बनाया गया?
उन्हें हाल ही में खालिदा जिया के निधन के बाद बीएनपी का अध्यक्ष बनाया गया।
क्या तारिक रहमान के नेतृत्व में पार्टी को कोई नया दिशा मिलेगी?
यह देखना दिलचस्प होगा कि वे पार्टी को किस दिशा में ले जाते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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