तरुण चुघ ने ममता बनर्जी को चेताया, 4 मई को बंगाल सत्ता से होंगी बाहर
सारांश
Key Takeaways
- ममता बनर्जी की विदाई की संभावना पर चर्चा।
- भाजपा का 4 मई को सत्ता परिवर्तन का दावा।
- कांग्रेस पर आरोप, महिलाओं के सशक्तीकरण में देरी।
नई दिल्ली, १३ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला करते हुए कहा कि वे हताशा, निराशा और कुठित मानसिकता से ग्रस्त होकर अपने कार्यकर्ताओं को भड़काने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने दावा किया कि उनकी विदाई सुनिश्चित है और ४ मई को ममता बंगाल की सत्ता से बाहर हो जाएंगी।
राष्ट्र प्रेस से बातचीत में चुघ ने ममता बनर्जी के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ममता अपने कार्यकर्ताओं को उकसाने के लिए गिरफ्तारी का डर दिखाकर, झूठ, भ्रम और भय की नीति अपनाकर काम कर रही हैं। उनका यह बयान केवल भय का माहौल बनाने की एक रणनीति है। बंगाल की जनता जिहादी मानसिकता और देश-विरोधी ताकतों का जवाब वोट के जरिए देगी। ४ मई को ममता का जाना निश्चित है।
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की चिट्ठी पर चुघ ने तंज करते हुए कहा कि गांधी-नेहरू परिवार की कांग्रेस पार्टी ने ७० सालों तक महिलाओं को न तो सुरक्षा प्रदान की और न ही उन्हें सशक्त बनाया। उन्होंने देश की ५० प्रतिशत आबादी को आगे बढ़ने से रोका। जब कांग्रेस सत्ता में थी, तब चुप्पी साधी जाती थी और जान-बूझकर रुकावटें उत्पन्न की जाती थीं। मामलों में देरी करना और उन्हें लटकाए रखना कांग्रेस का तरीका था।
चुघ ने कहा कि अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बिल को ‘कोल्ड स्टोरेज’ से बाहर निकाला है और ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के माध्यम से महिलाओं को ३३ प्रतिशत आरक्षण देने का कार्य किया है। अब कांग्रेस फिर से रुकावट डालने की कोशिश कर रही है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। यह कांग्रेस का दोहरा चरित्र दर्शाता है।
उन्होंने यह भी कहा कि देश जानना चाहता है कि जब कांग्रेस की सरकार थी, तो यह बिल आगे क्यों नहीं बढ़ाया गया। आज देश की ५० प्रतिशत आबादी प्रधानमंत्री मोदी का धन्यवाद कर रही है, जबकि कांग्रेस पर सवाल उठा रही है कि वह रुकावट क्यों डाल रही है। यह साफ तौर पर अवसरवादी और दोहरा चरित्र दर्शाता है।
पंजाब का उल्लेख करते हुए तरुण चुघ ने कहा कि पूरा पंजाब जानता चाहता है कि पंजाब सरकार को इस विधेयक को लाने में इतनी देरी क्यों हुई।