तेजस्वी सूर्या का तंज: कर्नाटक सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि क्या है?
सारांश
Key Takeaways
- आईपीएल टिकट विवाद पर भाजपा की प्रतिक्रिया
- तेजस्वी सूर्या का कटाक्ष
- कर्नाटक के छह करोड़ नागरिकों पर प्रभाव
- डी.के. शिवकुमार का बयान
- विधानसभा में मुद्दे का उठना
बेंगलुरु, 30 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने विधायकों और सांसदों के लिए आईपीएल टिकटों की मांग को लेकर जो निर्णय लिया है, उसे भाजपा ने मजाक में उड़ा दिया है। भाजपा युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बेंगलुरु दक्षिण के सांसद तेजस्वी सूर्या ने इस पर तीखा कटाक्ष किया है। उन्होंने कहा, "यह इस सरकार की अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि मानी जाएगी।"
तेजस्वी सूर्या ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर व्यंग्य करते हुए लिखा, "कर्नाटक के लिए सच में ये एक ऐतिहासिक दिन है।"
उन्होंने आगे कहा, "मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री को इस जटिल और चुनौतीपूर्ण वार्ता को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए बधाई। इससे कर्नाटक के छह करोड़ नागरिकों को लाभ मिलेगा। आशा है कि उनकी विशेषज्ञता को यूक्रेन-रूस और ईरान-इजराइल संघर्षों को सुलझाने में भी इस्तेमाल किया जाएगा।"
तेजस्वी सूर्या ने कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष डी.के. शिवकुमार के उस बयान पर तंज कसा, जिसमें उन्होंने कहा था कि आईपीएल मैचों के लिए टिकट आवंटन का मुद्दा सुलझा लिया गया है। अब विधायकों और सांसदों के लिए तीन टिकट उपलब्ध होंगे, जबकि पहले चार टिकट मिलते थे। अंतरराष्ट्रीय मैचों के लिए दो मुफ्त टिकट दिए जाएंगे, और अतिरिक्त टिकटों के लिए खरीद करनी होगी।
डी.के. शिवकुमार ने कहा कि उन्होंने इस मामले पर स्पीकर और वरिष्ठ नेताओं के साथ चर्चा की थी। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु, डीएनए नेटवर्क और केएससीए के प्रतिनिधि भी इस विषय पर उनसे मिले थे। केएससीए के अध्यक्ष और पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज वेंकटेश प्रसाद भी बैठक में शामिल थे।
उन्होंने कहा, "यदि किसी को टिकट की आवश्यकता नहीं है, तो वह पत्र प्रस्तुत कर सकता है। विधायक कई मांगें करते हैं, सभी को पूरा करना संभव नहीं है। मामला अब सुलझ गया है।"
गौरतलब है कि कर्नाटक विधानसभा में पिछले सप्ताह इस मुद्दे को उठाया गया था। स्पीकर यू.टी. खादर ने सरकार से कहा था कि संबंधित अधिकारियों से चर्चा कर स्पष्ट नीति बनाई जाए और प्रत्येक विधायक को कम से कम चार टिकट दिए जाएं। उनके सुझाव पर विधायकों ने सहमति दी थी।