तेलंगाना में लू का कहर: 30 जिलों में तापमान 42°C पार, CM रेवंत रेड्डी ने जारी किए आपातकालीन निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना के 33 में से 30 जिलों में अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया है, जबकि 12 जिलों में पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुँच गया। मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने 20 मई को आम नागरिकों से दोपहर में घरों से बाहर न निकलने की अपील की और अधिकारियों को तत्काल राहत उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले पाँच दिनों के लिए राज्य के कई जिलों में गंभीर हीटवेव का अलर्ट जारी किया है।
सबसे गर्म स्थान और तापमान के आँकड़े
तेलंगाना डेवलपमेंट प्लानिंग सोसायटी के अनुसार, जगतियाल जिले के कोरुतला मंडल स्थित अलीयापुर बुधवार को राज्य का सबसे गर्म स्थान रहा, जहाँ तापमान 45.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुँचा। नलगोंडा, निर्मल और सिद्धिपेट जिलों के तीन स्थानों पर 45.8 डिग्री दर्ज किया गया। मंचेरियल के वेलगनूर और पेद्दापल्ली के एलिगैड में 45.7 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। आदिलाबाद, कामारेड्डी, करीमनगर, निजामाबाद और राजन्ना सिरसिल्ला जिलों के पाँच स्थानों पर पारा 45.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुँचा।
IMD का हीटवेव अलर्ट: कौन-से जिले प्रभावित
IMD द्वारा बुधवार को जारी बुलेटिन के अनुसार, 21 मई को कोमाराम भीम आसिफाबाद, मंचेरियल, जगतियाल, राजन्ना सिरसिल्ला, करीमनगर, पेद्दापल्ली, भद्राद्री कोठागुडेम, खम्मम, नलगोंडा, सूर्यापेट, महबूबाबाद, वारंगल, हनमकोंडा, जनगांव और यादाद्री भुवनगिरि जिलों में लू चलने की संभावना है।
22 मई को भी आदिलाबाद, कोमाराम भीम आसिफाबाद, मंचेरियल, करीमनगर, पेद्दापल्ली, जयशंकर भूपालपल्ली, मुलुगु, भद्राद्री कोठागुडेम, खम्मम, नलगोंडा, सूर्यापेट, महबूबाबाद, वारंगल, हनमकोंडा, जनगांव, नागरकुरनूल और वनपर्थी जिलों में हीटवेव की स्थिति बने रहने का पूर्वानुमान है। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर तेलंगाना के जिले पहले से ही लगातार बढ़ते तापमान की मार झेल रहे हैं।
मुख्यमंत्री के निर्देश और सरकारी तैयारी
मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के अनुसार, रेवंत रेड्डी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पर्याप्त मात्रा में ORS पैकेट उपलब्ध कराए जाएँ, पेयजल आपूर्ति निर्बाध रहे और बिजली आपूर्ति में कोई व्यवधान न आए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट रहने के निर्देश दिए और कहा कि लू व सनस्ट्रोक से पीड़ित मरीजों को अस्पतालों में बेहतर इलाज मिलना चाहिए।
शहरी इलाकों में 'चली वेंद्रालु' यानी मुफ्त पेयजल केंद्र स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव के. रामकृष्ण राव को सभी जिलों की स्थिति पर लगातार नज़र रखने और जिला कलेक्टरों को समय-समय पर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने का आदेश दिया।
आम जनता पर असर और सावधानियाँ
गौरतलब है कि तेलंगाना में मई-जून के महीनों में हीटवेव की स्थिति सामान्य है, परंतु इस वर्ष तापमान का स्तर असामान्य रूप से ऊँचा बना हुआ है। मुख्यमंत्री ने नागरिकों से दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच घरों से बाहर न निकलने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। विशेषज्ञ बुज़ुर्गों, बच्चों और बाहर काम करने वाले मज़दूरों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
आगे क्या
IMD के पूर्वानुमान के अनुसार अगले पाँच दिनों तक हीटवेव की स्थिति बनी रह सकती है। राज्य सरकार जिला स्तर पर राहत शिविरों और पेयजल केंद्रों की संख्या बढ़ाने पर विचार कर रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें ज़मीनी स्तर पर सतर्कता बनाए हुए हैं और अस्पतालों में अतिरिक्त बेड आरक्षित किए गए हैं।