6 अक्टूबर 2026
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तेलंगाना MLC चुनाव: शिवसेना ने कांग्रेस पर पिछड़े वर्ग को दोनों सीटें न देने का लगाया आरोप

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तेलंगाना MLC चुनाव: शिवसेना ने कांग्रेस पर पिछड़े वर्ग को दोनों सीटें न देने का लगाया आरोप

सारांश

तेलंगाना के दो MLC स्नातक सीटों पर कांग्रेस ने रेड्डी समुदाय के उम्मीदवार उतारे, पिछड़े वर्ग को कोई सीट नहीं मिली। शिवसेना ने इसे 42% OBC आरक्षण के वादे का खुला विश्वासघात करार दिया। यह सवाल अब चुनावी राजनीति का केंद्र बन रहा है।

मुख्य बातें

शिवसेना के तेलंगाना अध्यक्ष सिंकरू शिवाजी ने 6 अक्टूबर 2026 को कांग्रेस पर पिछड़े वर्ग को धोखा देने का आरोप लगाया।
कांग्रेस ने महबूबनगर-रंगारेड्डी-हैदराबाद सीट से समा राममोहन रेड्डी और वारंगल-खम्मम-नलगोंडा से रामरेड्डी सर्वोत्तम रेड्डी को उम्मीदवार बनाया।
दोनों सीटों पर रेड्डी समुदाय के उम्मीदवार; पिछड़े वर्ग को एक भी सीट नहीं।
कांग्रेस और इंडिया गठबंधन पर पिछड़े वर्ग को 42 प्रतिशत आरक्षण देने के वादे को पूरा न करने का आरोप।
शिवसेना दोनों MLC सीटों पर पूरी ताकत से चुनाव लड़ेगी; शिवाजी ने महबूबनगर-हैदराबाद-रंगा रेड्डी सीट से खुद उम्मीदवार बनने की इच्छा जताई।

तेलंगाना विधान परिषद के दो स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के आगामी द्विवार्षिक चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। शिवसेना के तेलंगाना राज्य अध्यक्ष सिंकरू शिवाजी ने 6 अक्टूबर 2026 को कांग्रेस और इंडिया गठबंधन पर पिछड़े वर्ग समुदाय को धोखा देने का कड़ा आरोप लगाया है। उनका कहना है कि कांग्रेस ने दोनों MLC सीटों पर पिछड़े वर्ग को एक भी उम्मीदवारी नहीं दी।

कांग्रेस के उम्मीदवार और विवाद

कांग्रेस ने महबूबनगर-रंगारेड्डी-हैदराबाद स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से समा राममोहन रेड्डी को और वारंगल-खम्मम-नलगोंडा सीट से रामरेड्डी सर्वोत्तम रेड्डी को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। सिंकरू शिवाजी ने कहा कि दोनों सीटों पर रेड्डी समुदाय के प्रत्याशी उतारे गए हैं, जिससे पिछड़े वर्ग का प्रतिनिधित्व पूरी तरह नकार दिया गया है।

उन्होंने स्पष्ट किया, 'हम रेड्डी समुदाय का विरोध नहीं कर रहे हैं, लेकिन क्या पिछड़े वर्ग समाज को एक भी मौका नहीं देना चाहिए? क्या ये लोग पिछड़े वर्ग को प्रतिनिधित्व नहीं देंगे?'

42 प्रतिशत आरक्षण का वादा और ज़मीनी हकीकत

शिवाजी ने याद दिलाया कि कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के नेताओं ने एकजुट होकर पिछड़े वर्ग समाज को 42 प्रतिशत आरक्षण देने का बड़ा वादा किया था। उन्होंने कहा कि अब तक इस वादे पर कोई ठोस अमल नहीं हुआ है। यह ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी अक्सर पिछड़े वर्ग के अधिकारों के लिए संघर्ष करने की बात करते हैं।

शिवाजी ने सवाल उठाया, 'राहुल गांधी पिछड़े वर्ग समाज के लिए इतने बड़े संघर्ष की बात करते हैं, तो फिर एक सीट भी पिछड़े वर्ग को क्यों नहीं दी गई? पूरा पिछड़ा वर्ग समाज यह देख रहा है।'

चुनावी प्रक्रिया और मौजूदा स्थिति

शिवाजी ने बताया कि चुनाव आयोग ने तेलंगाना में दो MLC सीटों के लिए अधिसूचना जारी कर दी है और मतदाता नामांकन की प्रक्रिया जारी है। गौरतलब है कि स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान का अधिकार केवल उच्च शिक्षा प्राप्त नागरिकों को होता है, जो इन सीटों को सामाजिक प्रतिनिधित्व के लिहाज़ से और अधिक संवेदनशील बनाता है।

शिवसेना की चुनावी रणनीति

शिवसेना तेलंगाना दोनों MLC सीटों पर पूरी ताकत के साथ चुनावी मैदान में उतरेगी। पार्टी बेरोज़गारी और राज्य के अन्य जनहित के मुद्दों को लेकर मतदाताओं के बीच अभियान चलाएगी। शिवाजी ने कहा कि हैदराबाद-रंगा रेड्डी-महबूबनगर सीट पर पार्टी की विशेष रूप से मजबूत उपस्थिति है और वे यहाँ बेहतर प्रदर्शन का लक्ष्य रखते हैं।

सिंकरू शिवाजी ने स्वयं चुनाव लड़ने की इच्छा भी ज़ाहिर की। उन्होंने कहा कि यदि पार्टी नेतृत्व उन्हें अवसर देता है, तो वे महबूबनगर-हैदराबाद-रंगा रेड्डी सीट से उम्मीदवार बनने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। तेलंगाना की इस सियासी लड़ाई में पिछड़े वर्ग के प्रतिनिधित्व का यह मुद्दा आने वाले दिनों में और अधिक तीखा रूप ले सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि इंडिया गठबंधन के OBC आख्यान की विश्वसनीयता का है। कांग्रेस राष्ट्रीय स्तर पर जाति जनगणना और 42% आरक्षण को अपनी पहचान बनाती है, लेकिन तेलंगाना में टिकट बँटवारे का यह पैटर्न दिखाता है कि घोषणाएँ और व्यावहारिक निर्णय अलग-अलग दिशाओं में जा सकते हैं। शिवसेना जैसे क्षेत्रीय दल इस विरोधाभास को चुनावी हथियार बना रहे हैं, और तेलंगाना की पिछड़े वर्ग की बड़ी आबादी को देखते हुए यह मुद्दा निर्णायक साबित हो सकता है।
RashtraPress
6 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तेलंगाना MLC स्नातक निर्वाचन क्षेत्र चुनाव 2026 क्या है?
यह तेलंगाना विधान परिषद की दो स्नातक निर्वाचन क्षेत्र सीटों — महबूबनगर-रंगारेड्डी-हैदराबाद और वारंगल-खम्मम-नलगोंडा — के लिए होने वाला द्विवार्षिक चुनाव है। चुनाव आयोग अधिसूचना जारी कर चुका है और मतदाता नामांकन प्रक्रिया जारी है।
शिवसेना ने कांग्रेस पर क्या आरोप लगाए हैं?
शिवसेना के तेलंगाना अध्यक्ष सिंकरू शिवाजी ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस ने दोनों MLC सीटों पर रेड्डी समुदाय के उम्मीदवार उतारे और पिछड़े वर्ग को एक भी सीट नहीं दी। उनका कहना है कि यह 42% OBC आरक्षण के वादे का उल्लंघन है।
कांग्रेस ने तेलंगाना MLC चुनाव के लिए किन्हें उम्मीदवार बनाया है?
कांग्रेस ने महबूबनगर-रंगारेड्डी-हैदराबाद सीट से समा राममोहन रेड्डी को और वारंगल-खम्मम-नलगोंडा सीट से रामरेड्डी सर्वोत्तम रेड्डी को उम्मीदवार घोषित किया है। दोनों रेड्डी समुदाय से हैं।
42 प्रतिशत OBC आरक्षण का वादा क्या है?
कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के नेताओं ने पिछड़े वर्ग समुदाय को 42 प्रतिशत आरक्षण देने का वादा किया था। शिवसेना के अनुसार इस वादे पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
शिवसेना की तेलंगाना MLC चुनाव में क्या रणनीति है?
शिवसेना दोनों MLC सीटों पर पूरी ताकत के साथ चुनाव लड़ेगी और बेरोज़गारी व जनहित के मुद्दे उठाएगी। पार्टी अध्यक्ष सिंकरू शिवाजी ने महबूबनगर-हैदराबाद-रंगा रेड्डी सीट से स्वयं उम्मीदवार बनने की इच्छा व्यक्त की है।
राष्ट्र प्रेस
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