शशि थरूर का BJP को आगाह: राहुल गांधी ने युवाओं में जगाया उत्साह, बढ़ती नाराजगी पर ध्यान दें
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने 23 अक्टूबर 2026 को एनडीटीवी वर्ल्ड समिट में कहा कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पिछले कुछ महीनों में लोगों के बीच, विशेषकर युवा मतदाताओं में, नया उत्साह जगाया है। तिरुवनंतपुरम से सांसद थरूर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के लिए अब समय आ गया है कि वह जनता की बढ़ती नाराज़गी को गंभीरता से ले।
थरूर का BJP पर सीधा निशाना
थरूर ने दावा किया कि सत्तारूढ़ पार्टी ने राहुल गांधी की बढ़ती स्वीकार्यता को भाँप लिया है और यही कारण है कि वह उन्हें बदनाम करने की कोशिशों में जुटी है। उन्होंने कहा, 'हमारी पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र बहुत मज़बूत है। मैंने कई बार अपनी पार्टी के विचारों से अलग राय रखी है, लेकिन फिर भी मैं यहीं हूँ।' थरूर ने यह भी जोड़ा कि उन्हें मतदाताओं के एक वर्ग का प्रतिनिधित्व करने, एक नेता के रूप में सरकार के लिए प्रचार करने और संसदीय विदेश मामलों की समिति की अध्यक्षता करने का अवसर मिला है।
मोदी के 'फेल प्रोडक्ट' वाले तंज का जवाब
यह बयान ऐसे समय में आया है जब एक दिन पहले उसी मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिना नाम लिए राहुल गांधी पर तंज कसा था। प्रधानमंत्री ने कहा था, 'पता नहीं कांग्रेस अपने 'फेल प्रोडक्ट' को लॉन्च करने के लिए देश को कब तक दांव पर लगाती रहेगी। श्रीहरिकोटा (सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र) में भी उतने लॉन्च नहीं होते, कांग्रेस जितने साल भर में अपने नेता को लॉन्च करने की असफल कोशिशें करती है।' इससे पहले BJP ने भी राहुल गांधी को 'फेल प्रोडक्ट' की संज्ञा दी थी।
राहुल गांधी और मतदाता सूची विवाद
गौरतलब है कि राहुल गांधी इस समय मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के अभियान का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर हेरफेर का आरोप लगाया है और दावा किया है कि यह सब BJP के इशारे पर हो रहा है। थरूर ने इस मुद्दे को दल की आंतरिक मज़बूती से जोड़ते हुए कहा कि अगर सभी दलों को समान अवसर मिले, तो कांग्रेस सरकार का डटकर मुकाबला करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
वैश्विक बहुध्रुवीयता पर थरूर का विश्लेषण
थरूर ने एनडीटीवी वर्ल्ड समिट में अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि दुनिया अब भारी अनिश्चितता के दौर में प्रवेश कर रही है, क्योंकि स्थापित वैश्विक संस्थाएँ बदलती वास्तविकताओं के साथ कदम मिलाने में संघर्ष कर रही हैं। उनके अनुसार पुरानी भू-राजनीतिक निश्चितताएँ समाप्त हो रही हैं, अमेरिकी प्रभुत्व को लगातार चुनौती मिल रही है और अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था एक ऐसे बदलाव से गुज़र रही है जिसका अंतिम स्वरूप अभी स्पष्ट नहीं है।
आगे क्या
BJP और कांग्रेस के बीच यह वाक्-युद्ध ऐसे समय में तेज़ हुआ है जब मतदाता सूची हेरफेर का विवाद और चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल राष्ट्रीय बहस का केंद्र बन चुके हैं। आलोचकों का कहना है कि दोनों पक्षों की तीखी बयानबाज़ी संस्थागत जवाबदेही से ध्यान हटाने का जोखिम उठाती है। आने वाले हफ्तों में विपक्ष का CEC-विरोधी अभियान और सत्तापक्ष की पलटवार रणनीति, दोनों और धार पकड़ने की संभावना है।