23 अक्टूबर 2026
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शशि थरूर का BJP को आगाह: राहुल गांधी ने युवाओं में जगाया उत्साह, बढ़ती नाराजगी पर ध्यान दें

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शशि थरूर का BJP को आगाह: राहुल गांधी ने युवाओं में जगाया उत्साह, बढ़ती नाराजगी पर ध्यान दें

सारांश

BJP और कांग्रेस के बीच बयानबाज़ी एनडीटीवी वर्ल्ड समिट में नई ऊँचाई पर पहुँची। पहले मोदी का 'फेल प्रोडक्ट' तंज, फिर थरूर का पलटवार — राहुल गांधी की युवाओं में बढ़ती स्वीकार्यता और मतदाता सूची विवाद के बीच यह वाक्-युद्ध आगामी चुनावी माहौल की झलक देता है।

मुख्य बातें

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने 23 अक्टूबर 2026 को एनडीटीवी वर्ल्ड समिट में कहा कि राहुल गांधी ने युवा मतदाताओं में नया उत्साह जगाया है।
थरूर ने BJP को आगाह किया कि जनता की बढ़ती नाराज़गी पर ध्यान देने का समय आ गया है।
PM मोदी ने एक दिन पहले उसी मंच पर बिना नाम लिए राहुल गांधी को 'फेल प्रोडक्ट' कहते हुए कांग्रेस पर तंज कसा था।
राहुल गांधी CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के अभियान का नेतृत्व कर रहे हैं और मतदाता सूची में हेरफेर का आरोप लगाया है।
थरूर ने कहा कि समान अवसर मिलने पर कांग्रेस सरकार का डटकर मुकाबला करने के लिए तैयार है।

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने 23 अक्टूबर 2026 को एनडीटीवी वर्ल्ड समिट में कहा कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पिछले कुछ महीनों में लोगों के बीच, विशेषकर युवा मतदाताओं में, नया उत्साह जगाया है। तिरुवनंतपुरम से सांसद थरूर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के लिए अब समय आ गया है कि वह जनता की बढ़ती नाराज़गी को गंभीरता से ले।

थरूर का BJP पर सीधा निशाना

थरूर ने दावा किया कि सत्तारूढ़ पार्टी ने राहुल गांधी की बढ़ती स्वीकार्यता को भाँप लिया है और यही कारण है कि वह उन्हें बदनाम करने की कोशिशों में जुटी है। उन्होंने कहा, 'हमारी पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र बहुत मज़बूत है। मैंने कई बार अपनी पार्टी के विचारों से अलग राय रखी है, लेकिन फिर भी मैं यहीं हूँ।' थरूर ने यह भी जोड़ा कि उन्हें मतदाताओं के एक वर्ग का प्रतिनिधित्व करने, एक नेता के रूप में सरकार के लिए प्रचार करने और संसदीय विदेश मामलों की समिति की अध्यक्षता करने का अवसर मिला है।

मोदी के 'फेल प्रोडक्ट' वाले तंज का जवाब

यह बयान ऐसे समय में आया है जब एक दिन पहले उसी मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिना नाम लिए राहुल गांधी पर तंज कसा था। प्रधानमंत्री ने कहा था, 'पता नहीं कांग्रेस अपने 'फेल प्रोडक्ट' को लॉन्च करने के लिए देश को कब तक दांव पर लगाती रहेगी। श्रीहरिकोटा (सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र) में भी उतने लॉन्च नहीं होते, कांग्रेस जितने साल भर में अपने नेता को लॉन्च करने की असफल कोशिशें करती है।' इससे पहले BJP ने भी राहुल गांधी को 'फेल प्रोडक्ट' की संज्ञा दी थी।

राहुल गांधी और मतदाता सूची विवाद

गौरतलब है कि राहुल गांधी इस समय मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के अभियान का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर हेरफेर का आरोप लगाया है और दावा किया है कि यह सब BJP के इशारे पर हो रहा है। थरूर ने इस मुद्दे को दल की आंतरिक मज़बूती से जोड़ते हुए कहा कि अगर सभी दलों को समान अवसर मिले, तो कांग्रेस सरकार का डटकर मुकाबला करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

वैश्विक बहुध्रुवीयता पर थरूर का विश्लेषण

थरूर ने एनडीटीवी वर्ल्ड समिट में अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि दुनिया अब भारी अनिश्चितता के दौर में प्रवेश कर रही है, क्योंकि स्थापित वैश्विक संस्थाएँ बदलती वास्तविकताओं के साथ कदम मिलाने में संघर्ष कर रही हैं। उनके अनुसार पुरानी भू-राजनीतिक निश्चितताएँ समाप्त हो रही हैं, अमेरिकी प्रभुत्व को लगातार चुनौती मिल रही है और अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था एक ऐसे बदलाव से गुज़र रही है जिसका अंतिम स्वरूप अभी स्पष्ट नहीं है।

आगे क्या

BJP और कांग्रेस के बीच यह वाक्-युद्ध ऐसे समय में तेज़ हुआ है जब मतदाता सूची हेरफेर का विवाद और चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल राष्ट्रीय बहस का केंद्र बन चुके हैं। आलोचकों का कहना है कि दोनों पक्षों की तीखी बयानबाज़ी संस्थागत जवाबदेही से ध्यान हटाने का जोखिम उठाती है। आने वाले हफ्तों में विपक्ष का CEC-विरोधी अभियान और सत्तापक्ष की पलटवार रणनीति, दोनों और धार पकड़ने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसका असली निशाना BJP की वह रणनीति है जो राहुल गांधी की छवि पर केंद्रित है न कि नीतियों पर। 'फेल प्रोडक्ट' जैसी भाषा दोनों पक्षों की उस प्रवृत्ति को उजागर करती है जहाँ व्यक्तित्व-आधारित हमले संस्थागत मुद्दों — जैसे मतदाता सूची पारदर्शिता — से ध्यान भटकाते हैं। CEC विवाद एक गंभीर संस्थागत प्रश्न है, लेकिन दोनों पक्षों की तीखी बयानबाज़ी उसे चुनावी प्रोपगेंडा में बदलने का जोखिम उठाती है। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर चूक जाती है वह यह है कि थरूर जैसे नेताओं की आवाज़ कांग्रेस के भीतर एकजुटता का संकेत है या अलग राग का — और यह प्रश्न आने वाले चुनावों में कहीं अधिक प्रासंगिक होगा।
RashtraPress
23 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शशि थरूर ने BJP के बारे में क्या कहा?
थरूर ने कहा कि अब समय आ गया है कि BJP जनता की बढ़ती नाराज़गी पर ध्यान दे। उनके अनुसार BJP ने राहुल गांधी की युवाओं में बढ़ती स्वीकार्यता को भाँप लिया है और इसीलिए उन्हें बदनाम करने की कोशिशें की जा रही हैं।
PM मोदी ने 'फेल प्रोडक्ट' वाला तंज क्यों कसा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनडीटीवी वर्ल्ड समिट में बिना नाम लिए राहुल गांधी को इंगित करते हुए कहा कि कांग्रेस अपने 'फेल प्रोडक्ट' को बार-बार लॉन्च करती रहती है। यह टिप्पणी BJP द्वारा राहुल गांधी की राजनीतिक पहचान पर व्यापक हमले की कड़ी है।
राहुल गांधी मतदाता सूची विवाद में क्या आरोप लगा रहे हैं?
राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का अभियान चलाते हुए मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर हेरफेर का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि यह सब BJP के इशारे पर हो रहा है।
थरूर ने कांग्रेस के आंतरिक लोकतंत्र पर क्या कहा?
थरूर ने कहा कि कांग्रेस में आंतरिक लोकतंत्र मज़बूत है और उन्होंने खुद कई बार पार्टी की आधिकारिक राय से अलग विचार रखे हैं, फिर भी वे पार्टी में बने हैं। यह बयान PM मोदी के उस आरोप के जवाब में था कि गांधी परिवार का उपनाम पार्टी के लिए बोझ बन गया है।
थरूर ने वैश्विक बहुध्रुवीयता पर क्या कहा?
थरूर ने कहा कि दुनिया भारी अनिश्चितता के दौर में प्रवेश कर रही है, स्थापित वैश्विक संस्थाएँ बदलती वास्तविकताओं के साथ तालमेल बिठाने में संघर्ष कर रही हैं और अमेरिकी प्रभुत्व को लगातार चुनौती मिल रही है। उनके अनुसार अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था का अंतिम स्वरूप अभी स्पष्ट नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
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