10 अगस्त 2026
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शशि थरूर ने मोदी को बताया 'हिंदी के सर्वश्रेष्ठ वक्ताओं में एक', पर सांप्रदायिक बंटवारे पर जताई चिंता

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शशि थरूर ने मोदी को बताया 'हिंदी के सर्वश्रेष्ठ वक्ताओं में एक', पर सांप्रदायिक बंटवारे पर जताई चिंता

सारांश

विपक्ष की ओर से एक असामान्य आवाज़ — कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने मोदी को हिंदी के सर्वश्रेष्ठ वक्ताओं में गिना और इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्धियाँ स्वीकारीं, लेकिन सांप्रदायिक विभाजन, संघवाद और लोकतांत्रिक संस्थाओं के कमज़ोर होने पर गंभीर सवाल भी उठाए।

मुख्य बातें

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने 19 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 'हिंदी के सर्वश्रेष्ठ वक्ताओं में एक' बताया।
थरूर ने मोदी की अर्थव्यवस्था और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की उपलब्धियों को स्वीकार किया।
मोदी हाल ही में भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा करने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बने हैं।
थरूर ने सांप्रदायिक बंटवारे और दक्षिण भारत में संघवाद को लेकर चिंताएँ जताईं।
थरूर के अनुसार, पिछले 12 वर्षों में स्वतंत्र लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमज़ोर किया गया है।

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने शुक्रवार, 19 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की खुलकर तारीफ की — यह टिप्पणी उस समय आई जब मोदी हाल ही में भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा करने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बने हैं। हालाँकि, थरूर ने सराहना के साथ-साथ सांप्रदायिक विभाजन और संवैधानिक संस्थाओं के कमज़ोर पड़ने को लेकर गंभीर चिंताएँ भी व्यक्त कीं।

मोदी की वक्तृत्व शक्ति और नेतृत्व को सराहा

थरूर ने कहा, 'मुझे लगता है कि हम सभी मानते हैं कि उनमें बहुत ज्यादा उत्साह और ऊर्जा है, उनकी एक सोच है। आप उस सोच से सहमत हों या न हों, वे अपनी बात को बहुत अच्छे से रखते हैं। वे एक जबरदस्त वक्ता हैं — शायद हिंदी में इस देश ने जितने भी बेहतरीन वक्ता देखे हैं, उनमें से एक वे भी हैं।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि मोदी खासतौर पर हिंदी भाषी जनता तक प्रभावी ढंग से पहुँचते हैं और राष्ट्रीय स्तर पर उनकी उपस्थिति अत्यंत प्रभावशाली है।

आर्थिक और इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्धियाँ स्वीकारीं

थरूर ने माना कि भारत की अर्थव्यवस्था और विशेष रूप से बुनियादी ढाँचे का विकास मोदी के कार्यकाल की उल्लेखनीय उपलब्धियों में शामिल है। उन्होंने कहा कि मोदी ने भारतीय जीवन, समाज और राजनीति के कई पहलुओं पर अपनी छाप छोड़ने में सफलता पाई है। साथ ही उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि सुधार की गुंजाइश अभी भी बनी हुई है।

सांप्रदायिक बंटवारे और संघवाद पर चिंता

तारीफ के बाद थरूर ने कड़े शब्दों में आलोचना भी की। उन्होंने कहा, 'हमें देश में बढ़ती फूट, सांप्रदायिक बंटवारे और सत्ताधारी पार्टी व उनके समर्थकों द्वारा बढ़ावा दिए जा रहे ऐसे राजनीतिक बयानों की चिंता है, जिनसे दुर्भाग्यवश आबादी का एक बड़ा हिस्सा अलग-थलग पड़ गया है।' उन्होंने यह भी कहा कि दक्षिण भारत के लोग संघवाद के भविष्य को लेकर चिंतित हैं।

लोकतांत्रिक संस्थाओं के कमज़ोर होने पर सवाल

थरूर ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश की स्वतंत्र और स्वायत्त लोकतांत्रिक संस्थाओं को जिस तरह से कमज़ोर किया गया है, वह गंभीर चिंता का विषय है। उनके अनुसार, 'व्यक्तिगत रूप से मुझे लगता है कि उन्होंने कई काम सही किए हैं, लेकिन इस दौरान ऐसी कई चीजें भी हुई हैं, जो भारत के लिए उतनी अच्छी नहीं हैं।'

राजनीतिक संदर्भ

गौरतलब है कि किसी विपक्षी नेता द्वारा मोदी की इस स्तर पर सार्वजनिक प्रशंसा असामान्य है और इसे राजनीतिक हलकों में उल्लेखनीय माना जा रहा है। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच कई मुद्दों पर तीखी नोकझोंक जारी है। थरूर का यह संतुलित मूल्यांकन उनकी अपनी पार्टी में भी चर्चा का विषय बन सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक सुविचारित राजनीतिक संदेश है — जो यह दर्शाता है कि विपक्ष अब 'सब कुछ गलत' की रणनीति से हटकर चुनिंदा स्वीकृति और लक्षित आलोचना की ओर बढ़ रहा है। लेकिन असली सवाल यह है कि क्या संस्थाओं के कमज़ोर होने और सांप्रदायिक विभाजन की ये चिंताएँ केवल बयानबाज़ी हैं, या कांग्रेस इन्हें ठोस नीतिगत विकल्पों में बदलने की तैयारी में है। थरूर का यह संतुलित मूल्यांकन उनकी अपनी पार्टी की एकजुट आलोचना की लाइन से अलग दिखता है, जो आंतरिक बहस को भी उजागर करता है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शशि थरूर ने पीएम मोदी की किन बातों की तारीफ की?
थरूर ने मोदी को हिंदी के सर्वश्रेष्ठ वक्ताओं में एक बताया और उनकी ऊर्जा, स्पष्ट सोच तथा राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावशाली उपस्थिति की सराहना की। उन्होंने भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को भी मोदी की उल्लेखनीय उपलब्धि माना।
थरूर ने मोदी के कार्यकाल पर क्या चिंताएँ जताईं?
थरूर ने सांप्रदायिक बंटवारे, दक्षिण भारत में संघवाद के अस्तित्व को लेकर चिंता और पिछले 12 वर्षों में स्वतंत्र लोकतांत्रिक संस्थाओं के कमज़ोर होने पर गंभीर सवाल उठाए। उनके अनुसार सत्ताधारी पार्टी के समर्थकों के बयानों से आबादी का एक बड़ा हिस्सा अलग-थलग पड़ा है।
पीएम मोदी सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले प्रधानमंत्री कब बने?
हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा करने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बने हैं। यह उपलब्धि थरूर की टिप्पणी का एक प्रमुख संदर्भ बिंदु रही।
क्या कांग्रेस नेताओं का मोदी की तारीफ करना असामान्य है?
हाँ, किसी वरिष्ठ कांग्रेस नेता द्वारा मोदी की इस स्तर पर सार्वजनिक प्रशंसा राजनीतिक दृष्टि से असामान्य मानी जाती है। थरूर का यह संतुलित मूल्यांकन — जिसमें तारीफ और आलोचना दोनों शामिल हैं — राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना है।
थरूर के अनुसार मोदी के कार्यकाल का समग्र मूल्यांकन क्या है?
थरूर ने कहा कि व्यक्तिगत रूप से उन्हें लगता है कि मोदी ने कई काम सही किए हैं, लेकिन इस दौरान ऐसी कई चीजें भी हुई हैं जो भारत के लिए उतनी अच्छी नहीं हैं। उनका यह मूल्यांकन सकारात्मक और नकारात्मक दोनों पहलुओं को स्वीकार करता है।
राष्ट्र प्रेस
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