3 अगस्त 2026
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कालिंजर किले तक 65 बाइक राइडर्स की ऐतिहासिक यात्रा, यूपी में 'द राइडिंग चैप्टर्स' का पहला संस्करण पूरा

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कालिंजर किले तक 65 बाइक राइडर्स की ऐतिहासिक यात्रा, यूपी में 'द राइडिंग चैप्टर्स' का पहला संस्करण पूरा

सारांश

उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग की 'द राइडिंग चैप्टर्स' पहल के पहले संस्करण में 65 बाइक राइडर्स ने लखनऊ से कालिंजर किले तक 330 किमी की यात्रा पूरी की। बुंदेलखंड की उपेक्षित धरोहर को एडवेंचर टूरिज्म से जोड़ने का यह प्रयास अगले संस्करण में देवदरी-राजदरी वॉटरफॉल और चुनार किले तक विस्तारित होगा।

मुख्य बातें

उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग की 'द राइडिंग चैप्टर्स : विजिट माय स्टेट' का पहला संस्करण 3 अगस्त 2026 को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
65 बाइक राइडर्स ने लखनऊ से कालिंजर किले तक लगभग 330 किलोमीटर की यात्रा पूरी की।
यात्रा कानपुर, बिंदकी, बांदा होते हुए चित्रकूट में समाप्त हुई; गुलमोहर ईको स्पॉट पर बुंदेलखंडी संस्कृति का अनुभव लिया गया।
पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह और अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने अभियान को उत्तर प्रदेश की विरासत को मुख्यधारा में लाने की पहल बताया।
अगला संस्करण इसी महीने — देवदरी वॉटरफॉल, राजदरी वॉटरफॉल और चुनार किले तक की यात्रा के साथ।

उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग की महत्वाकांक्षी पहल 'द राइडिंग चैप्टर्स : विजिट माय स्टेट' का पहला संस्करण 3 अगस्त 2026 को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जिसमें 65 बाइक राइडर्स ने लखनऊ से कालिंजर किले तक लगभग 330 किलोमीटर की रोमांचक यात्रा पूरी की। इस अभियान का उद्देश्य बुंदेलखंड की ऐतिहासिक धरोहर और प्राकृतिक सौंदर्य को एडवेंचर टूरिज्म के माध्यम से राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करना है।

अभियान का मार्ग और मुख्य पड़ाव

दो दिवसीय इस यात्रा में बाइक राइडर्स ने लखनऊ से प्रस्थान कर कानपुर, बिंदकी और बांदा होते हुए कालिंजर किले तक का सफर तय किया। राइडर्स ने गुलमोहर ईको स्पॉट पर रुककर बुंदेलखंड की ग्रामीण संस्कृति, स्थानीय व्यंजनों और पारंपरिक आतिथ्य का अनुभव लिया। यात्रा का समापन धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण चित्रकूट में हुआ।

सरकार की प्रतिक्रिया और उद्देश्य

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश पर्यटन नए आयाम स्थापित कर रहा है। उन्होंने बताया कि इस अभियान का मूल उद्देश्य उन पर्यटन स्थलों को मुख्यधारा में लाना है जो ऐतिहासिक और प्राकृतिक दृष्टि से समृद्ध होने के बावजूद अब तक अपेक्षित पहचान नहीं बना सके। उनके अनुसार, कालिंजर किला उत्तर प्रदेश की गौरवशाली विरासत का प्रतीक है और एडवेंचर टूरिज्म इसे देश-दुनिया के पर्यटकों तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम बन सकता है।

पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने कहा कि यह अभियान केवल मोटरसाइकिल यात्रा नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की संस्कृति, विरासत और स्थानीय जीवन शैली को प्रत्यक्ष रूप से अनुभव करने की पहल है। उन्होंने जोड़ा कि जब पर्यटक किसी स्थान की संस्कृति, खानपान और स्थानीय समुदाय से जुड़ते हैं, तो वे स्वयं उस स्थान के पर्यटन दूत बन जाते हैं।

प्रतिभागियों की प्रतिक्रिया

बाइक राइडर अखिल मिश्रा ने कहा कि यह यात्रा रोमांच के साथ-साथ प्रदेश की अनदेखी विरासत को जानने का दुर्लभ अवसर बनी। हर्षवर्धन गुप्ता ने कहा कि कालिंजर किले, गुलमोहर ईको स्पॉट और चित्रकूट की आध्यात्मिक विरासत ने इस यात्रा को अविस्मरणीय बना दिया।

लखनऊ हार्ले डेविडसन ग्रुप के विमलेश मिश्रा ने कहा कि इस तरह के अभियान प्रदेश के पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। गौरतलब है कि यह पहल ऐसे समय में आई है जब उत्तर प्रदेश सरकार राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में पर्यटन की हिस्सेदारी बढ़ाने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रही है।

अगला संस्करण और आगे की योजना

पर्यटन विभाग ने जानकारी दी कि कालिंजर अभियान की सफलता के बाद 'द राइडिंग चैप्टर्स : विजिट माय स्टेट' का अगला संस्करण इसी महीने आयोजित किया जाएगा। इस चरण में बाइक राइडर्स देवदरी वॉटरफॉल, राजदरी वॉटरफॉल और ऐतिहासिक चुनार किले की यात्रा करेंगे। विभाग का दीर्घकालिक लक्ष्य एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देने के साथ-साथ प्रदेश के अल्पज्ञात पर्यटन स्थलों को पर्यटन मानचित्र पर प्रमुख स्थान दिलाना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन पर्यटन मानचित्र पर हाशिये पर रहे हैं — 'द राइडिंग चैप्टर्स' इस अंतर को पाटने की दिशा में एक व्यावहारिक कदम है। एडवेंचर टूरिज्म को विरासत संरक्षण से जोड़ने का यह मॉडल बुंदेलखंड जैसे आर्थिक रूप से पिछड़े क्षेत्रों में स्थानीय रोज़गार और सूक्ष्म उद्यमों के लिए अवसर खोल सकता है। असली परीक्षा यह होगी कि क्या यह उत्साह एकबारगी आयोजन से आगे बढ़कर टिकाऊ पर्यटन अवसंरचना — बेहतर सड़क, होमस्टे नेटवर्क, और स्थानीय गाइड प्रशिक्षण — में परिणत होता है।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'द राइडिंग चैप्टर्स : विजिट माय स्टेट' क्या है?
यह उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग की एक बाइक-आधारित एडवेंचर टूरिज्म पहल है, जिसका उद्देश्य राज्य के कम चर्चित ऐतिहासिक और प्राकृतिक स्थलों को राष्ट्रीय पहचान दिलाना है। इसका पहला संस्करण लखनऊ से कालिंजर किले तक 330 किलोमीटर की यात्रा के रूप में आयोजित किया गया।
पहले संस्करण में कितने राइडर्स शामिल हुए और यात्रा कहाँ से कहाँ तक थी?
पहले संस्करण में 65 बाइक राइडर्स ने हिस्सा लिया। यात्रा लखनऊ से शुरू होकर कानपुर, बिंदकी और बांदा होते हुए कालिंजर किले तक पहुँची और चित्रकूट में समाप्त हुई — कुल दूरी लगभग 330 किलोमीटर रही।
कालिंजर किला पर्यटन की दृष्टि से क्यों महत्वपूर्ण है?
कालिंजर किला बुंदेलखंड की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह के अनुसार, यह किला ऐतिहासिक और प्राकृतिक दृष्टि से समृद्ध होने के बावजूद अब तक अपेक्षित राष्ट्रीय पहचान नहीं बना सका था, जिसे इस अभियान के माध्यम से बदलने की कोशिश की जा रही है।
'द राइडिंग चैप्टर्स' का अगला संस्करण कब और कहाँ होगा?
पर्यटन विभाग के अनुसार, अगला संस्करण अगस्त 2026 में ही आयोजित किया जाएगा। इसमें बाइक राइडर्स देवदरी वॉटरफॉल, राजदरी वॉटरफॉल और ऐतिहासिक चुनार किले की यात्रा करेंगे।
इस अभियान से उत्तर प्रदेश के पर्यटन को क्या लाभ होगा?
अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात के अनुसार, जब पर्यटक किसी स्थान की संस्कृति और स्थानीय समुदाय से जुड़ते हैं, तो वे उस स्थान के स्वाभाविक पर्यटन दूत बन जाते हैं। इससे बुंदेलखंड जैसे अल्पज्ञात क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधि बढ़ने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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