तेलंगाना में ACB का बड़ा एक्शन: रिश्वत लेते तीन सरकारी अधिकारी गिरफ्तार, ₹3.7 लाख बरामद
सारांश
मुख्य बातें
हैदराबाद में एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) ने गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को दो अलग-अलग छापामार कार्रवाइयों में तीन सरकारी अधिकारियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोचा। पकड़े गए आरोपियों में एक उप तहसीलदार, एक ग्राम राजस्व अधिकारी (VRO) और तेलंगाना सदर्न पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (TGSPDCL) का एक सहायक अभियंता शामिल हैं। दोनों मामलों में कुल कथित रिश्वत राशि ₹3.7 लाख बरामद की गई।
पहला मामला: राजस्व अधिकारियों पर ₹5 लाख की मांग का आरोप
मेडचल मलकाजगिरि जिले के कीसारा मंडल के उप तहसीलदार अमनगंती संदीप कुमार रेड्डी और VRO नन्नूरी विजय कुमार रेड्डी को ACB ने एक निजी व्यक्ति कावली बालकृष्ण के साथ हिरासत में लिया। ACB की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, उप तहसीलदार ने शिकायतकर्ता के परिवार की कृषि संपत्तियों को पंजीकरण अधिनियम, 1908 की धारा 22-ए के तहत प्रतिबंधित सूची से हटाने के बदले ₹5 लाख की मांग की थी।
यह रकम बालकृष्ण के ज़रिए वसूल की जानी थी। ACB अधिकारियों ने बालकृष्ण को ₹2.5 लाख स्वीकार करते हुए रंगे हाथों पकड़ा। VRO विजय कुमार रेड्डी ने कथित तौर पर उप तहसीलदार के निर्देश पर बालकृष्ण को शिकायतकर्ता से रिश्वत वसूलने के लिए उकसाया था। तीनों को नामपल्ली स्थित विशेष न्यायाधीश (एसपीई एवं एसीबी मामले) के समक्ष न्यायिक हिरासत हेतु पेश किया गया।
दूसरा मामला: बिजली विभाग के इंजीनियर को ₹1.2 लाख में पकड़ा
एक अलग कार्रवाई में ACB के सिटी रेंज-द्वितीय के अधिकारियों ने TGSPDCL के सहायक अभियंता पंडला संध्या राकेश को ₹1.2 लाख की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। राकेश संतोष नगर उपमंडल के मदनपेट खंड में तैनात थे। ACB के अनुसार, उन्होंने शिकायतकर्ता से पुराने और गुम हुए मीटरों के स्थान पर छह नए बिजली मीटर लगाने के आवेदन को मंजूरी देने के बदले यह रकम मांगी थी। गिरफ्तारी के बाद उनकी सूचना पर पूरी रिश्वत राशि बरामद कर ली गई।
ACB की कार्रवाई का महत्व
यह ऐसे समय में आया है जब तेलंगाना सरकार भ्रष्टाचार-मुक्त प्रशासन का संदेश देने का प्रयास कर रही है। गौरतलब है कि धारा 22-ए के तहत प्रतिबंधित संपत्तियाँ अक्सर विवादित या सरकारी दावे वाली भूमि होती हैं, और इनकी सूची से हटाने की प्रक्रिया में बिचौलियों की भूमिका एक पुरानी समस्या रही है। ACB ने स्पष्ट किया कि दोनों मामलों में आरोपियों ने 'अनुचित लाभ प्राप्त करने के लिए गलत और बेईमानी से काम किया।'
आगे की कार्रवाई
ACB ने पुष्टि की है कि सभी तीन गिरफ्तार व्यक्तियों को नामपल्ली स्थित विशेष न्यायालय में पेश किया गया है। दोनों मामलों में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। जाँच जारी है और आगे और गिरफ्तारियों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।