15 अक्टूबर 2026
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तेलंगाना में ACB का बड़ा एक्शन: रिश्वत लेते तीन सरकारी अधिकारी गिरफ्तार, ₹3.7 लाख बरामद

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तेलंगाना में ACB का बड़ा एक्शन: रिश्वत लेते तीन सरकारी अधिकारी गिरफ्तार, ₹3.7 लाख बरामद

सारांश

तेलंगाना ACB ने एक ही दिन दो कार्रवाइयों में तीन सरकारी अधिकारियों को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा — एक राजस्व मामले में ₹2.5 लाख और बिजली विभाग में ₹1.2 लाख। कुल ₹3.7 लाख बरामद, तीनों न्यायिक हिरासत में।

मुख्य बातें

ACB ने 15 अक्टूबर 2026 को हैदराबाद में दो अलग कार्रवाइयों में तीन सरकारी अधिकारियों को गिरफ्तार किया।
पहले मामले में उप तहसीलदार अमनगंती संदीप कुमार रेड्डी , VRO नन्नूरी विजय कुमार रेड्डी और बिचौलिए कावली बालकृष्ण को ₹2.5 लाख रिश्वत लेते पकड़ा गया; कुल मांग ₹5 लाख थी।
दूसरे मामले में TGSPDCL सहायक अभियंता पंडला संध्या राकेश को ₹1.2 लाख रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया।
रिश्वत कृषि संपत्ति को धारा 22-ए प्रतिबंधित सूची से हटाने और 6 नए बिजली मीटर लगाने की मंजूरी देने के बदले ली जा रही थी।
सभी आरोपियों को नामपल्ली की विशेष ACB अदालत में न्यायिक हिरासत हेतु पेश किया गया।

हैदराबाद में एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) ने गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को दो अलग-अलग छापामार कार्रवाइयों में तीन सरकारी अधिकारियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोचा। पकड़े गए आरोपियों में एक उप तहसीलदार, एक ग्राम राजस्व अधिकारी (VRO) और तेलंगाना सदर्न पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (TGSPDCL) का एक सहायक अभियंता शामिल हैं। दोनों मामलों में कुल कथित रिश्वत राशि ₹3.7 लाख बरामद की गई।

पहला मामला: राजस्व अधिकारियों पर ₹5 लाख की मांग का आरोप

मेडचल मलकाजगिरि जिले के कीसारा मंडल के उप तहसीलदार अमनगंती संदीप कुमार रेड्डी और VRO नन्नूरी विजय कुमार रेड्डी को ACB ने एक निजी व्यक्ति कावली बालकृष्ण के साथ हिरासत में लिया। ACB की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, उप तहसीलदार ने शिकायतकर्ता के परिवार की कृषि संपत्तियों को पंजीकरण अधिनियम, 1908 की धारा 22-ए के तहत प्रतिबंधित सूची से हटाने के बदले ₹5 लाख की मांग की थी।

यह रकम बालकृष्ण के ज़रिए वसूल की जानी थी। ACB अधिकारियों ने बालकृष्ण को ₹2.5 लाख स्वीकार करते हुए रंगे हाथों पकड़ा। VRO विजय कुमार रेड्डी ने कथित तौर पर उप तहसीलदार के निर्देश पर बालकृष्ण को शिकायतकर्ता से रिश्वत वसूलने के लिए उकसाया था। तीनों को नामपल्ली स्थित विशेष न्यायाधीश (एसपीई एवं एसीबी मामले) के समक्ष न्यायिक हिरासत हेतु पेश किया गया।

दूसरा मामला: बिजली विभाग के इंजीनियर को ₹1.2 लाख में पकड़ा

एक अलग कार्रवाई में ACB के सिटी रेंज-द्वितीय के अधिकारियों ने TGSPDCL के सहायक अभियंता पंडला संध्या राकेश को ₹1.2 लाख की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। राकेश संतोष नगर उपमंडल के मदनपेट खंड में तैनात थे। ACB के अनुसार, उन्होंने शिकायतकर्ता से पुराने और गुम हुए मीटरों के स्थान पर छह नए बिजली मीटर लगाने के आवेदन को मंजूरी देने के बदले यह रकम मांगी थी। गिरफ्तारी के बाद उनकी सूचना पर पूरी रिश्वत राशि बरामद कर ली गई।

ACB की कार्रवाई का महत्व

यह ऐसे समय में आया है जब तेलंगाना सरकार भ्रष्टाचार-मुक्त प्रशासन का संदेश देने का प्रयास कर रही है। गौरतलब है कि धारा 22-ए के तहत प्रतिबंधित संपत्तियाँ अक्सर विवादित या सरकारी दावे वाली भूमि होती हैं, और इनकी सूची से हटाने की प्रक्रिया में बिचौलियों की भूमिका एक पुरानी समस्या रही है। ACB ने स्पष्ट किया कि दोनों मामलों में आरोपियों ने 'अनुचित लाभ प्राप्त करने के लिए गलत और बेईमानी से काम किया।'

आगे की कार्रवाई

ACB ने पुष्टि की है कि सभी तीन गिरफ्तार व्यक्तियों को नामपल्ली स्थित विशेष न्यायालय में पेश किया गया है। दोनों मामलों में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। जाँच जारी है और आगे और गिरफ्तारियों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

एक विद्युत वितरण में — यह बताती हैं कि भ्रष्टाचार की यह समस्या किसी एक विभाग तक सीमित नहीं है। धारा 22-ए के तहत प्रतिबंधित संपत्तियों की सूची हटाने जैसी नौकरशाही प्रक्रियाओं में बिचौलियों की स्थापित भूमिका यह दर्शाती है कि सिस्टम में संरचनात्मक खामियाँ हैं जो भ्रष्टाचार को पनपने देती हैं। रंगे हाथों गिरफ्तारियाँ तात्कालिक न्याय देती हैं, लेकिन असली सवाल यह है कि ये अधिकारी इतने समय तक बिना किसी आंतरिक जाँच के काम कैसे करते रहे।
RashtraPress
15 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तेलंगाना ACB ने 15 अक्टूबर को किन अधिकारियों को गिरफ्तार किया?
ACB ने मेडचल मलकाजगिरि जिले के उप तहसीलदार अमनगंती संदीप कुमार रेड्डी, VRO नन्नूरी विजय कुमार रेड्डी और TGSPDCL के सहायक अभियंता पंडला संध्या राकेश को गिरफ्तार किया। इसके अलावा बिचौलिए कावली बालकृष्ण को भी हिरासत में लिया गया।
राजस्व अधिकारियों ने किस काम के लिए रिश्वत मांगी थी?
उप तहसीलदार ने शिकायतकर्ता के परिवार की कृषि संपत्तियों को पंजीकरण अधिनियम, 1908 की धारा 22-ए के तहत प्रतिबंधित सूची से हटाने के एवज में ₹5 लाख की मांग की थी। ACB ने ₹2.5 लाख की पहली किस्त स्वीकार होते ही रंगे हाथों गिरफ्तारी की।
TGSPDCL के सहायक अभियंता ने क्यों रिश्वत मांगी?
TGSPDCL सहायक अभियंता पंडला संध्या राकेश ने शिकायतकर्ता के पुराने और गुम हुए मीटरों की जगह छह नए बिजली मीटर लगाने के आवेदन को मंजूरी देने के बदले ₹1.2 लाख की रिश्वत मांगी थी। ACB के सिटी रेंज-द्वितीय के अधिकारियों ने उन्हें रंगे हाथों पकड़ा।
गिरफ्तार अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई?
सभी आरोपियों को नामपल्ली स्थित विशेष न्यायाधीश (एसपीई एवं एसीबी मामले) के समक्ष न्यायिक हिरासत के लिए पेश किया गया। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमे दर्ज किए गए हैं और जाँच जारी है।
धारा 22-ए प्रतिबंधित सूची क्या होती है?
पंजीकरण अधिनियम, 1908 की धारा 22-ए के तहत विवादित, सरकारी दावे वाली या अन्य कारणों से प्रतिबंधित संपत्तियों को एक सूची में रखा जाता है, जिनका पंजीकरण (खरीद-बिक्री) तब तक नहीं हो सकता जब तक उन्हें उस सूची से हटाया न जाए। इस प्रक्रिया में भ्रष्टाचार की शिकायतें आम रही हैं।
राष्ट्र प्रेस
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