3 नवंबर 2026
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उत्तर 24 परगना: WBSEDCL अधिकारी ₹20,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार, ACB ने बिछाया था जाल

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उत्तर 24 परगना: WBSEDCL अधिकारी ₹20,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार, ACB ने बिछाया था जाल

सारांश

पश्चिम बंगाल ACB ने न्यू बैरकपुर में WBSEDCL के एक अधिकारी को ₹20,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा। नया बिजली कनेक्शन और 315 केवीए ट्रांसफॉर्मर लगवाने के बदले यह माँग की गई थी। यह गिरफ्तारी पुरुलिया में एक अन्य सरकारी कर्मी की ACB गिरफ्तारी के ठीक एक दिन बाद हुई।

मुख्य बातें

पश्चिम बंगाल ACB ने 3 नवंबर 2026 को न्यू बैरकपुर, उत्तर 24 परगना में WBSEDCL के एक अधिकारी को ₹20,000 की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया।
आरोपी ने नया बिजली कनेक्शन और 315 केवीए ट्रांसफॉर्मर लगवाने के बदले रिश्वत माँगी थी।
एक स्थानीय निवासी की लिखित शिकायत के आधार पर ACB ने ट्रैप ऑपरेशन चलाया और पूरी रकम बरामद की।
आरोपी पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) और BNS 2023 की धाराओं में मामला दर्ज।
जाँचकर्ता किसी बड़े भ्रष्टाचार नेटवर्क से संभावित जुड़ाव की जाँच कर रहे हैं।
यह गिरफ्तारी पुरुलिया के रघुनाथपुर नगरपालिका के एक निलंबित इंजीनियर की ACB गिरफ्तारी के एक दिन बाद हुई।

पश्चिम बंगाल पुलिस की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) ने मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को उत्तर 24 परगना जिले के न्यू बैरकपुर में पश्चिम बंगाल राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (WBSEDCL) के एक अधिकारी को ₹20,000 की रिश्वत स्वीकार करते हुए रंगे हाथों दबोच लिया। एक स्थानीय निवासी की लिखित शिकायत पर ACB ने सुनियोजित जाल बिछाया और कार्रवाई को अंजाम दिया।

मामले का पूरा घटनाक्रम

ACB के अनुसार, शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि आरोपी अधिकारी ने उसके इलाके में नया बिजली कनेक्शन और 315 केवीए का ट्रांसफॉर्मर लगवाने के एवज में ₹20,000 की माँग की थी। शिकायत की पुष्टि होने के बाद ACB की टीम ने एक सुनियोजित ट्रैप ऑपरेशन तैयार किया।

मंगलवार को शिकायतकर्ता पूर्व-निर्धारित स्थान पर आरोपी अधिकारी से मिला और उसे रकम सौंप दी। मौके पर मौजूद ACB टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अधिकारी को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया और उसके पास से पूरी रकम बरामद कर ली।

कानूनी कार्रवाई

प्रारंभिक जाँच पूरी होने के बाद आरोपी के विरुद्ध 'भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988' (जिसे 2018 में संशोधित किया गया) और 'भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023' की संबंधित धाराओं के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया है। एक ACB अधिकारी ने बताया, 'यह गिरफ्तारी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (जिसे 2018 में संशोधित किया गया था) और भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज मामले के आधार पर की गई है।'

जाँच का दायरा बढ़ने की आशंका

जाँचकर्ता अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि क्या इस रिश्वतखोरी के तार किसी बड़े नेटवर्क से जुड़े हुए हैं या आरोपी किसी संगठित गिरोह के निर्देश पर काम कर रहा था। अधिकारियों के अनुसार जाँच का दायरा आवश्यकतानुसार विस्तारित किया जाएगा।

पुरुलिया गिरफ्तारी के एक दिन बाद की कार्रवाई

गौरतलब है कि यह कार्रवाई उसी दिन के एक दिन बाद हुई जब ACB ने पुरुलिया जिले की रघुनाथपुर नगरपालिका के एक निलंबित सब-असिस्टेंट इंजीनियर को भ्रष्टाचार के कई मामलों में गिरफ्तार किया था। उस मामले में कथित भ्रष्टाचार, सरकारी फंड के दुरुपयोग, नगरपालिका कार्यों में अनियमितता और सरकारी भूमि से जुड़ी संदिग्ध गड़बड़ियाँ शामिल हैं। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार के खिलाफ ACB की सक्रियता लगातार बढ़ रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 की यह रकम छोटी लग सकती है, लेकिन बिजली कनेक्शन जैसी अनिवार्य सुविधा के लिए रिश्वत की माँग यह सवाल उठाती है कि ऐसे कितने मामले शिकायत दर्ज न होने के कारण सामने ही नहीं आते। असली परीक्षा यह है कि ACB की ये गिरफ्तारियाँ केवल छोटे अधिकारियों तक सीमित रहती हैं या जाँच ऊपर तक पहुँचती है।
RashtraPress
3 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

WBSEDCL अधिकारी को किस आरोप में गिरफ्तार किया गया?
WBSEDCL अधिकारी को उत्तर 24 परगना के न्यू बैरकपुर में नया बिजली कनेक्शन और 315 केवीए ट्रांसफॉर्मर लगवाने के बदले ₹20,000 की रिश्वत लेते हुए 3 नवंबर 2026 को गिरफ्तार किया गया। ACB ने एक स्थानीय निवासी की शिकायत पर ट्रैप ऑपरेशन चलाया था।
ACB ने इस गिरफ्तारी के लिए कैसे जाल बिछाया?
एक स्थानीय निवासी की लिखित शिकायत के बाद ACB ने मामले की पुष्टि की और ट्रैप ऑपरेशन तैयार किया। शिकायतकर्ता पूर्व-निर्धारित स्थान पर अधिकारी से मिला, रकम सौंपी, और ACB टीम ने तुरंत दबिश देकर उसे रंगे हाथों पकड़ लिया।
आरोपी अधिकारी पर कौन-सी धाराएँ लगाई गई हैं?
आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (2018 में संशोधित) और भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
क्या इस मामले में और लोगों के शामिल होने की आशंका है?
जाँचकर्ता अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि आरोपी अधिकारी किसी बड़े भ्रष्टाचार नेटवर्क का हिस्सा था या नहीं। जाँच का दायरा आवश्यकतानुसार बढ़ाया जाएगा।
पश्चिम बंगाल में ACB की हाल की अन्य कार्रवाई क्या थी?
इस गिरफ्तारी से एक दिन पहले ACB ने पुरुलिया जिले की रघुनाथपुर नगरपालिका के एक निलंबित सब-असिस्टेंट इंजीनियर को भ्रष्टाचार, सरकारी फंड के दुरुपयोग और सरकारी जमीन से जुड़ी अनियमितताओं के आरोप में गिरफ्तार किया था।
राष्ट्र प्रेस
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