26 अक्टूबर 2026
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टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: चारों आरोपी 28 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में, वॉयस नोट्स से खुले राज़

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टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: चारों आरोपी 28 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में, वॉयस नोट्स से खुले राज़

सारांश

टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में मुंबई कोर्ट ने चारों आरोपियों को 28 अक्टूबर तक हिरासत में भेजा। वॉयस नोट्स में हथियार सप्लाई के निर्देश मिले हैं, लेकिन बचाव पक्ष ने सबूतों की कमज़ोरी और हिरासत की ज़रूरत पर सवाल उठाए।

मुख्य बातें

मुंबई कोर्ट ने 26 अक्टूबर 2026 को चारों आरोपियों — कुणाल संजय , सुमित सरोलिया , राधा वर्मा और बबीता राव — को 28 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेजा।
मुंबई क्राइम ब्रांच ने हिरासत 31 अक्टूबर तक बढ़ाने की माँग की थी।
आरोपियों के मोबाइल से मिले वॉयस नोट्स में हथियारों की खरीद, डिलीवरी और वापसी के निर्देश दर्ज हैं।
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने अनिल पंडित के कहने पर शूटर्स को हथियार मुहैया कराए।
बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि सुमित सरोलिया के खिलाफ अमृतसर जाने का कोई ठोस सबूत नहीं है।
अदालत में अगली सुनवाई 28 अक्टूबर 2026 को निर्धारित है।

मुंबई की एक अदालत ने सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले के चार आरोपियों — कुणाल संजय, सुमित सरोलिया, राधा वर्मा और बबीता राव — को 28 अक्टूबर 2026 तक पुलिस हिरासत में भेज दिया। इन सभी पर फायरिंग में इस्तेमाल हथियार उपलब्ध कराने और आपराधिक साजिश में शामिल होने के आरोप हैं। मुंबई क्राइम ब्रांच ने इनकी हिरासत 31 अक्टूबर तक बढ़ाने की माँग की थी, जिसे अदालत ने आंशिक रूप से स्वीकार किया।

वॉयस नोट्स और मनी ट्रेल की जाँच

पुलिस के अनुसार, आरोपियों के मोबाइल फोन से बरामद वॉयस नोट्स में हथियारों की खरीद, डिलीवरी और फायरिंग के बाद उन्हें वापस करने के निर्देशों से जुड़ी बातचीत रिकॉर्ड है। जाँच एजेंसी का दावा है कि इन आरोपियों ने अनिल पंडित के निर्देश पर शूटर्स को हथियार मुहैया कराए थे और घटना के बाद उन्हें वापस लेने का आदेश भी था। क्राइम ब्रांच इन वॉयस नोट्स की फोरेंसिक पहचान, पैसों के लेन-देन (मनी ट्रेल) और हथियारों के ठिकाने की जाँच कर रही है।

गौरतलब है कि यह मामला तब सुर्खियों में आया जब फिल्म अभिनेता टाइगर श्रॉफ के निवास के बाहर कथित तौर पर फायरिंग की गई थी। यह उन घटनाओं में से एक है जिन्होंने मुंबई में बॉलीवुड हस्तियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

बचाव पक्ष की दलीलें

आरोपियों के वकील अजिंक्य मिर्गल ने अदालत में दलील दी कि पुलिस ने सभी आरोपियों के लिए हिरासत बढ़ाने के लगभग एक जैसे आधार प्रस्तुत किए हैं। उनका कहना था कि रिमांड रिपोर्ट में केवल दो नई माँगें थीं — आरोपियों के वॉयस सैंपल लेना और घटनास्थल से जुड़े कुछ अन्य पहलुओं की जाँच करना।

मिर्गल ने यह भी तर्क दिया कि जब पुलिस दूसरे राज्यों तक जाकर आरोपियों को पकड़ सकती है, तो मुंबई में ही आरोपियों को मिली कथित स्थानीय मदद का पता लगाने में इतना समय क्यों लग रहा है। उनके अनुसार, इस आधार पर लंबी हिरासत की माँग उचित नहीं है।

सुमित सरोलिया के खिलाफ सबूतों पर सवाल

सोनीपत निवासी आरोपी सुमित सरोलिया के वकील विकेश मेहरा ने कहा कि पुलिस का आरोप है कि सुमित कुणाल संजय के साथ अमृतसर गया था, लेकिन इसे साबित करने के लिए कोई ठोस सबूत नहीं है। पुलिस के पास केवल कॉल डिटेल्स हैं, जो यह प्रमाणित करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं कि सुमित वास्तव में इस साजिश का हिस्सा था।

मेहरा ने कहा कि पुलिस के पास सुमित के खिलाफ ऐसा कोई बड़ा और ठोस साक्ष्य नहीं है जो उसकी प्रत्यक्ष संलिप्तता सिद्ध कर सके।

आगे क्या होगा

अदालत ने चारों आरोपियों को 28 अक्टूबर को दोबारा पेश करने का आदेश दिया है, जब क्राइम ब्रांच की 31 अक्टूबर तक हिरासत बढ़ाने की माँग पर पुनः सुनवाई संभव है। जाँच एजेंसी के लिए अगले कदम में वॉयस सैंपल का विश्लेषण और मनी ट्रेल की कड़ियाँ जोड़ना प्रमुख प्राथमिकता होगी। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्राइम ब्रांच अनिल पंडित और अन्य कथित मास्टरमाइंड तक पहुँच पाती है या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

एक वैध प्रक्रियागत सवाल उठाता है — अदालतों को यह सुनिश्चित करना होगा कि हिरासत जाँच का उपकरण बने, न कि दंड का। सुमित सरोलिया के मामले में कॉल डिटेल्स और वास्तविक उपस्थिति के बीच का फ़र्क यह भी दिखाता है कि डिजिटल साक्ष्य अकेले पर्याप्त नहीं होते।
RashtraPress
26 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस क्या है?
फिल्म अभिनेता टाइगर श्रॉफ के निवास के बाहर कथित तौर पर फायरिंग की गई थी। इस मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच ने कई आरोपियों को हथियार सप्लाई और साजिश के आरोप में गिरफ्तार किया है।
चारों आरोपियों को कब तक हिरासत में रखा गया है?
मुंबई कोर्ट ने 26 अक्टूबर 2026 को कुणाल संजय, सुमित सरोलिया, राधा वर्मा और बबीता राव को 28 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेजा है। क्राइम ब्रांच ने 31 अक्टूबर तक हिरासत की माँग की थी जिसे आंशिक रूप से मंजूर किया गया।
वॉयस नोट्स में क्या मिला है?
पुलिस के अनुसार, आरोपियों के मोबाइल फोन से मिले वॉयस नोट्स में हथियारों की खरीद, डिलीवरी और फायरिंग के बाद उन्हें वापस करने के निर्देशों से जुड़ी बातचीत दर्ज है। यह अनिल पंडित के कहने पर हथियार सप्लाई किए जाने का संकेत देती है।
बचाव पक्ष ने क्या दलीलें दीं?
वकील अजिंक्य मिर्गल ने कहा कि सभी आरोपियों के लिए हिरासत के आधार लगभग एक जैसे हैं और लंबी हिरासत की ज़रूरत नहीं है। सुमित सरोलिया के वकील विकेश मेहरा ने कहा कि उनके मुवक्किल के खिलाफ अमृतसर जाने का कोई ठोस सबूत नहीं है।
इस मामले में आगे क्या होगा?
28 अक्टूबर को अदालत में चारों आरोपियों को दोबारा पेश किया जाएगा, जब हिरासत विस्तार पर पुनः सुनवाई होगी। क्राइम ब्रांच वॉयस सैंपल का फोरेंसिक विश्लेषण और मनी ट्रेल की जाँच जारी रखेगी।
राष्ट्र प्रेस
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