पीएम स्वनिधि योजना से बदली त्राल के रेहड़ी-पटरी वालों की ज़िंदगी, कश्मीरी युवाओं से लोन लेने की अपील
सारांश
मुख्य बातें
पीएम स्वनिधि योजना ने जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के त्राल कस्बे में छोटे कारोबारियों और रेहड़ी-पटरी वालों की आजीविका में उल्लेखनीय बदलाव लाया है। स्थानीय स्ट्रीट वेंडर्स ने इस योजना के तहत मिले ऋण को अपने व्यवसाय की नींव बताते हुए कश्मीर के युवाओं से भी इसका लाभ उठाने की अपील की है। 9 अक्टूबर 2026 को वेंडर्स ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि इस योजना ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने का रास्ता दिखाया।
मुख्य घटनाक्रम
त्राल के स्ट्रीट वेंडर्स ने बताया कि पीएम स्वनिधि योजना के तहत मिली ऋण सुविधा से उन्होंने न केवल अपना कारोबार शुरू किया, बल्कि दूसरों के लिए रोज़गार के अवसर भी पैदा किए। एक लाभार्थी ने बताया कि क्षेत्र में 100 से अधिक रेहड़ी-पटरी वाले इस समय अपनी आजीविका चला रहे हैं, जिनमें से कई ने इस योजना का लाभ उठाया है।
वेंडर्स ने योजना को ज़मीनी स्तर पर लागू करने और जानकारी पहुँचाने में सहयोग के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नगरपालिका कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि स्थानीय अधिकारियों ने आवेदन प्रक्रिया में भी मदद की।
लाभार्थियों के अनुभव
एक लाभार्थी ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि योजना के तहत मिले ऋण ने उन्हें कारोबार शुरू करने और आगे बढ़ने का अवसर दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि इस पहल ने उनके जैसे छोटे कारोबारियों की जीवन-स्थिति सुधारी है।
एक अन्य लाभार्थी ने बताया कि जब उन्हें स्थानीय अधिकारियों से पीएम स्वनिधि योजना की जानकारी मिली, तो उन्होंने तुरंत आवेदन किया। ऋण मिलने के बाद उन्होंने अपना छोटा व्यवसाय खड़ा किया और अब वे आत्मनिर्भर हैं। उन्होंने बताया कि उनके क्षेत्र में कई अन्य लोगों ने भी इसी तरह लाभ उठाया है।
युवाओं से अपील
त्राल के वेंडर्स ने कश्मीर के युवाओं से अपील की कि वे सरकारी योजनाओं की जानकारी लें और उपलब्ध ऋण सुविधाओं का लाभ उठाकर अपना कारोबार शुरू करें। उन्होंने कहा कि बेरोज़गारी की समस्या से निपटने के लिए ऐसी योजनाएँ एक कारगर माध्यम हैं। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब जम्मू-कश्मीर में युवाओं के बीच स्वरोज़गार को बढ़ावा देने पर सरकार का जोर बढ़ा है।
पीएम स्वनिधि योजना की पृष्ठभूमि
पीएम स्वनिधि योजना (प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि) केंद्र सरकार की एक प्रमुख पहल है, जिसे विशेष रूप से रेहड़ी-पटरी वालों और छोटे कारोबारियों को संस्थागत ऋण उपलब्ध कराने के लिए शुरू किया गया था। गौरतलब है कि यह योजना कोविड-19 महामारी के बाद शहरी असंगठित क्षेत्र के कारोबारियों को पुनः आर्थिक रूप से सक्रिय करने के उद्देश्य से लाई गई थी। जम्मू-कश्मीर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में इसकी पहुँच को सरकार की प्राथमिकता माना जाता रहा है।
आगे की राह
त्राल के स्ट्रीट वेंडर्स का यह अनुभव दर्शाता है कि सही जानकारी और स्थानीय प्रशासन के सहयोग से योजनाएँ ज़मीनी स्तर पर प्रभावी हो सकती हैं। आने वाले समय में यदि अधिक युवा इस योजना से जुड़ते हैं, तो त्राल जैसे कस्बों में स्वरोज़गार और आर्थिक गतिविधि में और वृद्धि की संभावना है।