क्या ट्रंप के टैरिफ का असर, अमेरिकी अर्थव्यवस्था 0.4-0.5 प्रतिशत घट सकती है?

सारांश
Key Takeaways
- टैरिफ के कारण महंगाई में वृद्धि हो सकती है।
- यूएस अर्थव्यवस्था 0.4-0.5 प्रतिशत तक घट सकती है।
- महंगाई का दबाव अमेरिकी परिवारों पर पड़ेगा।
- एसबीआई रिसर्च की रिपोर्ट महत्वपूर्ण है।
- टैरिफ युद्ध से लागत में वृद्धि हुई है।
नई दिल्ली, 27 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा व्यापारिक साझेदार देशों पर लगाए गए टैरिफ के कारण महंगाई में वृद्धि हो सकती है, जिससे यूएस की अर्थव्यवस्था 0.4-0.5 प्रतिशत तक घटने का अनुमान है।
भारत पर अमेरिका द्वारा लगाए गए 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ बुधवार से प्रभावी हो गए हैं। इसके परिणामस्वरूप भारतीय निर्यात पर यूएस टैरिफ 50 प्रतिशत तक पहुंच गया है।
एसबीआई रिसर्च की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है कि अमेरिका में महंगाई दर 2026 तक 2 प्रतिशत के ऊपर बनी रह सकती है। इसका मुख्य कारण टैरिफ के कारण आपूर्ति में रुकावट और एक्सचेंज रेट में उतार-चढ़ाव है।
रिपोर्ट में कहा गया है, "अमेरिका में महंगाई के नए दबाव के संकेत मिल रहे हैं, जो हाल ही में लगाए गए टैरिफ और कमजोर डॉलर के कारण विशेषकर इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटो और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स जैसे आयात-संवेदनशील क्षेत्रों में बढ़ रही है।"
एसबीआई ने अपनी रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया है कि भारतीय वस्तुओं पर भारी टैरिफ लगाने का यूएस का निर्णय अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव डालेगा, जिससे महंगाई का दबाव बढ़ेगा और विकास की गति धीमी होगी।
इसमें आगे कहा गया है, "हम मानते हैं कि अमेरिकी टैरिफ का जीडीपी पर 40-50 आधार अंकों (0.4-0.5 प्रतिशत) का प्रभाव पड़ सकता है और इनपुट लागत में भी वृद्धि हो सकती है।"
अमेरिका के जैक्सन होल में फेड के वार्षिक सम्मेलन में फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष जेरोम पॉवेल ने कहा था कि हम बढ़ती कीमतों और कमजोर रोजगार बाजार में जोखिमों के बीच संतुलन बनाने का प्रयास कर रहे हैं। कीमतों पर उच्च टैरिफ का प्रभाव अब स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।
जुलाई में अमेरिका के थोक मूल्यों में लगभग 1 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो पिछले तीन वर्षों में सबसे तेज वृद्धि थी। इसका कारण टैरिफ युद्ध के परिणामस्वरूप लागत में वृद्धि था। उत्पादक मूल्य सूचकांक में साल-दर-साल 3.3 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई, जबकि सेवाओं, प्रसंस्कृत वस्तुओं और फर्नीचर व परिधान जैसे टैरिफ केंद्रित आयातों की कीमतों में भी तेज वृद्धि हुई।
अर्थशास्त्रियों ने चेतावनी दी है कि जब तक टैरिफ वापस नहीं लिए जाते, अमेरिका में परिवारों को अपने बजट पर और अधिक दबाव का सामना करना पड़ेगा।