टीटीडी घी मिलावट: ईडी ने ₹129.85 करोड़ की संपत्ति जब्त की, विपिन जैन और कैलाश मंगला गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के हैदराबाद जोनल ऑफिस ने 14 अक्टूबर 2026 को तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) घी मिलावट घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग की जाँच के तहत ₹129.85 करोड़ की चल और अचल संपत्ति अस्थायी रूप से जब्त की है। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के अंतर्गत की गई है। भगवान वेंकटेश्वर के पवित्र लड्डू प्रसाद के लिए टीटीडी को मिलावटी घी आपूर्ति करने की इस साजिश ने देशभर में धार्मिक भावनाओं को आहत किया था।
किन संस्थाओं पर हुई कार्रवाई
ईडी ने भोले बाबा ऑर्गेनिक डेयरी मिल्क प्राइवेट लिमिटेड और वैष्णवी डेयरी स्पेशलिटीज प्राइवेट लिमिटेड के प्रमोटर विपिन जैन एवं पोमिल जैन तथा उनके परिवार के सदस्यों की संपत्तियाँ जब्त की हैं। इसके अलावा सुकृति फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रमोटर कैलाश चंद मंगला और उनके परिवार के सदस्यों, तथा अन्य संबंधित संस्थाओं व व्यक्तियों की संपत्तियाँ भी इस जब्ती में शामिल हैं।
ईडी ने विपिन जैन और कैलाश चंद मंगला को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है। जाँच एजेंसी के अनुसार इन दोनों ने ही मिलावटी घी बनाने और उसे टीटीडी को धोखे से आपूर्ति करने की साजिश रची थी।
मिलावट का तरीका और आपराधिक साजिश
पीएमएलए जाँच में खुलासा हुआ है कि भोले बाबा ने सीधे और फ्रंट डेयरियों के माध्यम से टीटीडी को कुल ₹234.5 करोड़ मूल्य की मिलावटी घी आपूर्ति की। जाँच एजेंसी के अनुसार यह घी दरअसल रिफाइंड पाम ऑयल, पाम कर्नेल ऑयल और पामोलिन को मोनो-ग्लिसराइड्स, एसिटिक एसिड एस्टर, लैक्टिक एसिड और बीटा-कैरोटीन जैसे रसायनों के साथ मिलाकर बनाई जाती थी, और इसे खाने योग्य तेल के रूप में इनवॉइस किया जाता था।
गौरतलब है कि हिसाब-किताब को वैध दिखाने के लिए इस्तेमाल किए गए पाम ऑयल को फर्जी खरीदारों को बेचा हुआ दर्शाया गया। असली डेयरी परिचालन का भ्रम बनाने के लिए दूध, घी और स्किम्ड मिल्क जैसे उत्पादों की फर्जी खरीद-बिक्री भी दर्ज की गई।
हवाला नेटवर्क और वित्तीय अनियमितताएँ
जाँच एजेंसी के अनुसार फर्जी खरीद के लिए बैंकिंग चैनलों से किए गए भुगतान हवाला मार्गों के ज़रिए नकद के रूप में वापस आते थे। इस नकदी का उपयोग नकली पाम-ऑयल खरीदारों को वित्त पोषण देने, फ्रंट डेयरियों को कमीशन देने और धोखाधड़ी में शामिल अन्य पक्षों को भुगतान करने में किया जाता था। यह ऐसे समय में आया है जब धार्मिक संस्थाओं को आपूर्ति में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की माँग लंबे समय से उठ रही है।
पूर्व कार्रवाई और कुल जब्ती
इससे पहले ईडी ने 3 जून 2026 को उत्तराखंड, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, दिल्ली, राजस्थान और आंध्र प्रदेश में 16 स्थानों पर तलाशी ली थी, जिसमें ₹2.7 करोड़ का नकद और बैंक बैलेंस जब्त व फ्रीज किया गया था। नेल्लोर में एसपीई और एसीबी मामलों के विशेष न्यायाधीश के समक्ष एक चार्जशीट और एक सप्लीमेंट्री चार्जशीट भी दायर की जा चुकी है। अब तक इस पूरे मामले में पीएमएलए की धारा 17 के तहत जब्ती और फ्रीजिंग सहित कुल ₹132.55 करोड़ की संपत्ति अटैच की जा चुकी है।
आगे क्या होगा
ईडी की जाँच तिरुपति ईस्ट पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर पर आधारित है, जिसमें आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, जालसाजी और भ्रष्टाचार के आरोप शामिल हैं। विशेषज्ञों के अनुसार इस मामले में और गिरफ्तारियाँ और संपत्ति जब्ती की संभावना बनी हुई है। टीटीडी प्रशासन ने आपूर्ति श्रृंखला की जाँच और सुधार का आश्वासन पहले ही दे दिया है।