14 अक्टूबर 2026
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टीटीडी घी मिलावट: ईडी ने ₹129.85 करोड़ की संपत्ति जब्त की, विपिन जैन और कैलाश मंगला गिरफ्तार

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टीटीडी घी मिलावट: ईडी ने ₹129.85 करोड़ की संपत्ति जब्त की, विपिन जैन और कैलाश मंगला गिरफ्तार

सारांश

तिरुपति के पवित्र लड्डू प्रसाद को पाम ऑयल-मिश्रित नकली घी खिलाने की साजिश अब ₹132.55 करोड़ की संपत्ति जब्ती और दो प्रमुख आरोपियों की गिरफ्तारी तक पहुँच चुकी है। ईडी की जाँच में हवाला नेटवर्क और फर्जी डेयरी लेनदेन की परतें उघड़ी हैं।

मुख्य बातें

ईडी ने 14 अक्टूबर 2026 को टीटीडी घी मिलावट मामले में ₹129.85 करोड़ की संपत्ति पीएमएलए के तहत अस्थायी रूप से जब्त की।
भोले बाबा ऑर्गेनिक डेयरी मिल्क ने फ्रंट डेयरियों के ज़रिए टीटीडी को ₹234.5 करोड़ मूल्य की मिलावटी घी आपूर्ति की।
घी में रिफाइंड पाम ऑयल, पाम कर्नेल ऑयल और रसायनों की मिलावट कर उसे खाने योग्य तेल के रूप में इनवॉइस किया जाता था।
प्रमोटर विपिन जैन और कैलाश चंद मंगला गिरफ्तार; मामले में कुल संपत्ति अटैचमेंट ₹132.55 करोड़ पहुँची।
3 जून 2026 को छह राज्यों में 16 स्थानों पर छापे मारे गए, ₹2.7 करोड़ नकद व बैंक बैलेंस फ्रीज।
नेल्लोर में विशेष न्यायाधीश के समक्ष चार्जशीट और सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के हैदराबाद जोनल ऑफिस ने 14 अक्टूबर 2026 को तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) घी मिलावट घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग की जाँच के तहत ₹129.85 करोड़ की चल और अचल संपत्ति अस्थायी रूप से जब्त की है। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के अंतर्गत की गई है। भगवान वेंकटेश्वर के पवित्र लड्डू प्रसाद के लिए टीटीडी को मिलावटी घी आपूर्ति करने की इस साजिश ने देशभर में धार्मिक भावनाओं को आहत किया था।

किन संस्थाओं पर हुई कार्रवाई

ईडी ने भोले बाबा ऑर्गेनिक डेयरी मिल्क प्राइवेट लिमिटेड और वैष्णवी डेयरी स्पेशलिटीज प्राइवेट लिमिटेड के प्रमोटर विपिन जैन एवं पोमिल जैन तथा उनके परिवार के सदस्यों की संपत्तियाँ जब्त की हैं। इसके अलावा सुकृति फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रमोटर कैलाश चंद मंगला और उनके परिवार के सदस्यों, तथा अन्य संबंधित संस्थाओं व व्यक्तियों की संपत्तियाँ भी इस जब्ती में शामिल हैं।

ईडी ने विपिन जैन और कैलाश चंद मंगला को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है। जाँच एजेंसी के अनुसार इन दोनों ने ही मिलावटी घी बनाने और उसे टीटीडी को धोखे से आपूर्ति करने की साजिश रची थी।

मिलावट का तरीका और आपराधिक साजिश

पीएमएलए जाँच में खुलासा हुआ है कि भोले बाबा ने सीधे और फ्रंट डेयरियों के माध्यम से टीटीडी को कुल ₹234.5 करोड़ मूल्य की मिलावटी घी आपूर्ति की। जाँच एजेंसी के अनुसार यह घी दरअसल रिफाइंड पाम ऑयल, पाम कर्नेल ऑयल और पामोलिन को मोनो-ग्लिसराइड्स, एसिटिक एसिड एस्टर, लैक्टिक एसिड और बीटा-कैरोटीन जैसे रसायनों के साथ मिलाकर बनाई जाती थी, और इसे खाने योग्य तेल के रूप में इनवॉइस किया जाता था।

गौरतलब है कि हिसाब-किताब को वैध दिखाने के लिए इस्तेमाल किए गए पाम ऑयल को फर्जी खरीदारों को बेचा हुआ दर्शाया गया। असली डेयरी परिचालन का भ्रम बनाने के लिए दूध, घी और स्किम्ड मिल्क जैसे उत्पादों की फर्जी खरीद-बिक्री भी दर्ज की गई।

हवाला नेटवर्क और वित्तीय अनियमितताएँ

जाँच एजेंसी के अनुसार फर्जी खरीद के लिए बैंकिंग चैनलों से किए गए भुगतान हवाला मार्गों के ज़रिए नकद के रूप में वापस आते थे। इस नकदी का उपयोग नकली पाम-ऑयल खरीदारों को वित्त पोषण देने, फ्रंट डेयरियों को कमीशन देने और धोखाधड़ी में शामिल अन्य पक्षों को भुगतान करने में किया जाता था। यह ऐसे समय में आया है जब धार्मिक संस्थाओं को आपूर्ति में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की माँग लंबे समय से उठ रही है।

पूर्व कार्रवाई और कुल जब्ती

इससे पहले ईडी ने 3 जून 2026 को उत्तराखंड, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, दिल्ली, राजस्थान और आंध्र प्रदेश में 16 स्थानों पर तलाशी ली थी, जिसमें ₹2.7 करोड़ का नकद और बैंक बैलेंस जब्त व फ्रीज किया गया था। नेल्लोर में एसपीई और एसीबी मामलों के विशेष न्यायाधीश के समक्ष एक चार्जशीट और एक सप्लीमेंट्री चार्जशीट भी दायर की जा चुकी है। अब तक इस पूरे मामले में पीएमएलए की धारा 17 के तहत जब्ती और फ्रीजिंग सहित कुल ₹132.55 करोड़ की संपत्ति अटैच की जा चुकी है।

आगे क्या होगा

ईडी की जाँच तिरुपति ईस्ट पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर पर आधारित है, जिसमें आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, जालसाजी और भ्रष्टाचार के आरोप शामिल हैं। विशेषज्ञों के अनुसार इस मामले में और गिरफ्तारियाँ और संपत्ति जब्ती की संभावना बनी हुई है। टीटीडी प्रशासन ने आपूर्ति श्रृंखला की जाँच और सुधार का आश्वासन पहले ही दे दिया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि धार्मिक संस्थाओं की आपूर्ति श्रृंखला में पारदर्शिता की व्यापक विफलता का प्रतीक है। ₹234.5 करोड़ की मिलावटी आपूर्ति इतने लंबे समय तक जारी रही — यह सवाल उठाता है कि टीटीडी के अपने गुणवत्ता-नियंत्रण तंत्र कहाँ चूके। ईडी की कार्रवाई जरूरी है, लेकिन असली सुधार तभी होगा जब धार्मिक ट्रस्ट अपनी खरीद प्रक्रियाओं में तीसरे पक्ष के ऑडिट और रियल-टाइम परीक्षण को अनिवार्य बनाएँ — अन्यथा अगली बार किसी और प्रसाद में मिलावट का रास्ता खुला रहेगा।
RashtraPress
14 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

टीटीडी घी मिलावट मामले में ईडी ने क्या कार्रवाई की है?
ईडी ने 14 अक्टूबर 2026 को पीएमएलए के तहत भोले बाबा ऑर्गेनिक डेयरी मिल्क, वैष्णवी डेयरी स्पेशलिटीज और सुकृति फूड्स समेत अन्य संस्थाओं की ₹129.85 करोड़ की संपत्ति अस्थायी रूप से जब्त की है। मामले में कुल संपत्ति अटैचमेंट अब ₹132.55 करोड़ हो गई है।
टीटीडी को मिलावटी घी कैसे आपूर्ति की जाती थी?
जाँच एजेंसी के अनुसार रिफाइंड पाम ऑयल, पाम कर्नेल ऑयल और पामोलिन को मोनो-ग्लिसराइड्स, एसिटिक एसिड एस्टर, लैक्टिक एसिड और बीटा-कैरोटीन जैसे रसायनों के साथ मिलाकर नकली घी तैयार की जाती थी। इसे खाने योग्य तेल के रूप में इनवॉइस करके फ्रंट डेयरियों के ज़रिए टीटीडी को भेजा जाता था।
इस मामले में किसे गिरफ्तार किया गया है?
ईडी ने भोले बाबा ऑर्गेनिक डेयरी मिल्क के प्रमोटर विपिन जैन और सुकृति फूड्स के प्रमोटर कैलाश चंद मंगला को गिरफ्तार किया है। जाँच एजेंसी के अनुसार इन्हीं दोनों ने मिलावटी घी बनाने और उसे टीटीडी को धोखे से आपूर्ति करने की साजिश रची थी।
इस घोटाले से टीटीडी और आम जनता पर क्या असर पड़ा?
भगवान वेंकटेश्वर के पवित्र लड्डू प्रसाद में मिलावटी घी के उपयोग से लाखों श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएँ आहत हुईं और सार्वजनिक स्वास्थ्य को भी खतरा पहुँचा। चार्जशीट में टीटीडी के साथ धोखाधड़ी और भारी गैर-कानूनी कमाई के आरोप भी शामिल हैं।
इस मामले में अब तक कितनी जगहों पर छापे पड़े और क्या मिला?
3 जून 2026 को उत्तराखंड, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, दिल्ली, राजस्थान और आंध्र प्रदेश में 16 स्थानों पर तलाशी ली गई थी, जिसमें ₹2.7 करोड़ का नकद और बैंक बैलेंस जब्त व फ्रीज किया गया। नेल्लोर में विशेष न्यायाधीश के समक्ष चार्जशीट और सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है।
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