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ईडी ने सेवानिवृत्त IPS अधिकारी प्रशांत कुमार दत्ता की ₹53.28 करोड़ की संपत्ति जब्त की, मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप

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ईडी ने सेवानिवृत्त IPS अधिकारी प्रशांत कुमार दत्ता की ₹53.28 करोड़ की संपत्ति जब्त की, मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप

सारांश

असम के सेवानिवृत्त IPS अधिकारी प्रशांत कुमार दत्ता के विरुद्ध ईडी की बड़ी कार्रवाई — ₹53.28 करोड़ की संपत्ति जब्त। 1992 से 2019 के बीच ₹79.01 करोड़ की कथित अनुपातहीन संपत्ति, तीन शेल कंपनियाँ और कोलकाता की फर्जी संस्थाएँ — यह मामला सरकारी सेवा में भ्रष्टाचार की जटिल परतें उजागर करता है।

मुख्य बातें

ईडी ने 27 जून 2026 को सेवानिवृत्त IPS अधिकारी प्रशांत कुमार दत्ता की ₹53.28 करोड़ की अचल संपत्तियाँ PMLA की धारा 5(1) के तहत अस्थायी रूप से कुर्क कीं।
जब्त संपत्तियों में गुवाहाटी के होटल और मुंबई के दो आवासीय फ्लैट शामिल हैं।
दत्ता की घोषित आय ₹7.23 करोड़ के मुकाबले कथित अनुपातहीन संपत्ति ₹79.01 करोड़ आँकी गई है।
तीन निजी कंपनियों — महामाया एस्टेट्स , ईशान कमर्शियल और मुरारी कमोडिटीज — के ज़रिये कथित मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप।
सेवानिवृत्ति के बाद भी दत्ता ने कथित तौर पर 3.7 लाख शेयर फर्जी शेयरधारकों से अपने नाम स्थानांतरित कराए।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 27 जून 2026 को असम के सेवानिवृत्त भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी प्रशांत कुमार दत्ता, उनके परिवार के सदस्यों और उनसे जुड़ी समूह कंपनियों के विरुद्ध मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ₹53.28 करोड़ की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया। गुवाहाटी क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा जारी यह कुर्की आदेश मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 की धारा 5(1) के तहत जारी किया गया है।

कौन-सी संपत्तियाँ जब्त हुईं

कुर्क की गई संपत्तियों में गुवाहाटी स्थित कई होटल संपत्तियाँ और मुंबई के दो आवासीय फ्लैट शामिल हैं। जाँच एजेंसी के अनुसार, इन संपत्तियों को कथित तौर पर अपराध की आय से अर्जित किया गया था।

दत्ता को मूलतः असम पुलिस सेवा से IPS में पदोन्नत किया गया था और वे 2019 में पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG) के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। उनके विरुद्ध असम पुलिस की सतर्कता एवं भ्रष्टाचार विरोधी शाखा ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत एफआईआर दर्ज की थी, जो PMLA के अंतर्गत सूचीबद्ध अपराधों की श्रेणी में आती है।

आय और संपत्ति का अंतर

एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि 1992 से 2019 के बीच अपनी सेवा अवधि के दौरान दत्ता ने अपनी ज्ञात आय के स्रोतों से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की। जाँचकर्ताओं के अनुसार, दत्ता और उनकी पत्नी की घोषित आय लगभग ₹7.23 करोड़ और घोषित व्यय लगभग ₹9.04 करोड़ था।

इसके विपरीत, जाँच में कथित तौर पर लगभग ₹77.21 करोड़ की अघोषित संपत्ति का पता चला, और अनुपातहीन संपत्ति का अनुमान लगभग ₹79.01 करोड़ लगाया गया है — जो उनकी घोषित आय से कई गुना अधिक है।

तीन कंपनियों के ज़रिये लॉन्ड्रिंग का आरोप

ईडी ने दावा किया है कि कथित अपराध की आय को तीन निजी कंपनियों — महामाया एस्टेट्स प्राइवेट लिमिटेड, ईशान कमर्शियल प्राइवेट लिमिटेड और मुरारी कमोडिटीज प्राइवेट लिमिटेड — के माध्यम से मनी लॉन्ड्रिंग की गई। उल्लेखनीय है कि इन तीनों कंपनियों के पंजीकृत कार्यालय कथित तौर पर अस्तित्व में नहीं थे।

एजेंसी के अनुसार, ₹14.74 करोड़ से अधिक की राशि को परिवार के सदस्यों और इन कंपनियों के माध्यम से फर्जी शेयरधारकों, कोलकाता स्थित शेल संस्थाओं और सर्कुलर बैंक लेनदेन का उपयोग करके होटल संपत्तियों और आवासीय फ्लैटों में निवेश किया गया।

सेवानिवृत्ति के बाद भी कथित हेरफेर

जाँचकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि सेवानिवृत्ति के बाद भी, एफआईआर और प्रवर्तन केस सूचना रिपोर्ट (ECIR) पहले से दर्ज होने के बावजूद, दत्ता ने ईशान कमर्शियल प्राइवेट लिमिटेड के 3.7 लाख शेयर कथित फर्जी शेयरधारकों से अपने नाम पर स्थानांतरित करा लिए, जिससे वे उस कंपनी में बहुसंख्यक शेयरधारक बन गए। यह वही कंपनी है जो तीन जब्त होटलों की वास्तविक मालिक बताई जाती है।

यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब ईडी देशभर में सरकारी अधिकारियों से जुड़े भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में कार्रवाई तेज़ कर रहा है। आगे की जाँच जारी है और मामले में न्यायिक प्रक्रिया के तहत अगले कदम अपेक्षित हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

निगरानी तंत्र की गंभीर कमज़ोरी की ओर इशारा करता है। ईडी की कार्रवाई स्वागतयोग्य है, लेकिन असली कसौटी यह होगी कि क्या यह मामला दोषसिद्धि तक पहुँचता है — क्योंकि भारत में PMLA के तहत अभियोजन की दर ऐतिहासिक रूप से कम रही है।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईडी ने प्रशांत कुमार दत्ता की कितनी संपत्ति जब्त की है?
ईडी ने PMLA की धारा 5(1) के तहत ₹53.28 करोड़ की अचल संपत्तियाँ अस्थायी रूप से कुर्क की हैं, जिनमें गुवाहाटी के होटल और मुंबई के दो आवासीय फ्लैट शामिल हैं।
प्रशांत कुमार दत्ता कौन हैं?
प्रशांत कुमार दत्ता असम पुलिस सेवा से IPS में पदोन्नत अधिकारी हैं, जो 2019 में पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG) के पद से सेवानिवृत्त हुए। उनके विरुद्ध असम पुलिस की सतर्कता एवं भ्रष्टाचार विरोधी शाखा ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की है।
दत्ता पर मनी लॉन्ड्रिंग के क्या आरोप हैं?
आरोप है कि दत्ता ने 1992 से 2019 के बीच अपनी ज्ञात आय से कहीं अधिक — कथित तौर पर ₹79.01 करोड़ की अनुपातहीन — संपत्ति अर्जित की। इसे तीन निजी कंपनियों, फर्जी शेयरधारकों और कोलकाता की शेल संस्थाओं के ज़रिये होटलों और फ्लैटों में निवेश किया गया।
इस मामले में कौन-सी कंपनियाँ शामिल हैं?
जाँच में तीन कंपनियाँ — महामाया एस्टेट्स प्राइवेट लिमिटेड, ईशान कमर्शियल प्राइवेट लिमिटेड और मुरारी कमोडिटीज प्राइवेट लिमिटेड — संदेह के घेरे में हैं। ईडी के अनुसार इन कंपनियों के पंजीकृत कार्यालय कथित तौर पर अस्तित्व में नहीं थे।
सेवानिवृत्ति के बाद दत्ता पर क्या अतिरिक्त आरोप हैं?
आरोप है कि एफआईआर और ECIR दर्ज होने के बाद भी दत्ता ने ईशान कमर्शियल प्राइवेट लिमिटेड के 3.7 लाख शेयर कथित फर्जी शेयरधारकों से अपने नाम स्थानांतरित करा लिए, जिससे वे कंपनी के बहुसंख्यक शेयरधारक बन गए — यह कंपनी तीन जब्त होटलों की वास्तविक मालिक बताई जाती है।
राष्ट्र प्रेस
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