30 जून 2026
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ईडी की बड़ी कार्रवाई: अरविंद जोशी मामले में ₹22.46 करोड़ की संपत्ति अस्थायी रूप से जब्त

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ईडी की बड़ी कार्रवाई: अरविंद जोशी मामले में ₹22.46 करोड़ की संपत्ति अस्थायी रूप से जब्त

सारांश

प्रवर्तन निदेशालय ने मध्य प्रदेश के पूर्व आईएएस अधिकारी अरविंद जोशी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में भोपाल की क्रिकेट अकादमी और रिसॉर्ट समेत ₹22.46 करोड़ की संपत्ति जब्त की। पहले की ₹13.60 करोड़ की जब्ती मिलाकर कुल आँकड़ा ₹36 करोड़ पार कर गया है।

मुख्य बातें

ईडी ने 30 जून 2026 को पीएमएलए के तहत अरविंद जोशी मामले में ₹22.46 करोड़ की संपत्ति अस्थायी रूप से जब्त की।
जब्त संपत्तियों में भोपाल के सेमरी बज्याफत गाँव की क्रिकेट अकादमी, होटल और रिसॉर्ट शामिल हैं।
स्वर्गीय अरविंद जोशी और टीनू जोशी — दोनों मध्य प्रदेश कैडर के पूर्व आईएएस अधिकारी — पर ज्ञात आय से अधिक ₹41.87 करोड़ की संपत्ति रखने का आरोप था।
जांच में बेनामी संस्थाओं, फर्जी समझौतों और बहु-स्तरीय लेन-देन के ज़रिए मनी लॉन्ड्रिंग का खुलासा हुआ।
ईडी इससे पहले इस मामले में ₹13.60 करोड़ की संपत्ति जब्त कर चुकी है; कुल जब्ती अब ₹36 करोड़ से अधिक।
भोपाल की विशेष अदालत में अभियोजन शिकायतें दाखिल; पीएमएलए के तहत जांच जारी।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के भोपाल स्थित जोनल ऑफिस ने मंगलवार, 30 जून 2026 को मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत अरविंद जोशी और अन्य आरोपियों के मामले में ₹22.46 करोड़ की संपत्ति को अस्थायी रूप से जब्त करने का आदेश जारी किया। यह कार्रवाई मध्य प्रदेश कैडर के पूर्व आईएएस अधिकारियों से जुड़े भ्रष्टाचार और बेनामी संपत्ति मामले में ईडी की जारी जांच का हिस्सा है।

जब्त संपत्तियों का विवरण

जब्त की गई संपत्तियों में भोपाल के सेमरी बज्याफत गाँव में स्थित एक क्रिकेट अकादमी और उससे जुड़ी संरचनाएँ — जिनमें एक होटल और रिसॉर्ट शामिल हैं — तथा संबंधित भूमि शामिल है। जांच एजेंसी के अनुसार इन संपत्तियों का निर्माण अपराध से अर्जित धन से किया गया था।

मामले की पृष्ठभूमि

ईडी ने यह जांच स्पेशल पुलिस एस्टेब्लिशमेंट, लोकायुक्त, भोपाल द्वारा स्वर्गीय अरविंद जोशी और टीनू जोशी — दोनों मध्य प्रदेश कैडर के पूर्व आईएएस अधिकारी — के विरुद्ध दर्ज प्राथमिकी (एफआईआर) के आधार पर शुरू की थी। दोनों पर अपनी ज्ञात आय के स्रोतों से अधिक, कथित तौर पर लगभग ₹41.87 करोड़ की चल व अचल संपत्ति रखने का आरोप था। जांच में सामने आए साक्ष्यों के अनुसार दोनों अधिकारियों ने अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग करते हुए भ्रष्टाचार में संलिप्तता बरती।

बेनामी नेटवर्क और मनी लॉन्ड्रिंग का तरीका

ईडी जांच में खुलासा हुआ कि स्वर्गीय अरविंद जोशी ने अपराध से प्राप्त धन का उपयोग न केवल अपने नाम पर, बल्कि परिवार के सदस्यों और करीबी सहयोगियों के नाम पर भी संपत्तियाँ अर्जित करने में किया। संपत्तियों के असली स्वामित्व को छिपाने और उन्हें वैध दिखाने के लिए बेनामी संस्थाओं, फर्जी समझौतों और बहु-स्तरीय लेन-देन का सहारा लिया गया।

जांच में यह भी स्थापित हुआ कि 'फेथ क्रिकेट क्लब' का संचालन वास्तव में स्वर्गीय अरविंद जोशी ही करते थे। क्रिकेट अकादमी और उससे जुड़े बुनियादी ढाँचे के निर्माण में किया गया निवेश उनके सहयोगी राघवेंद्र सिंह तोमर के माध्यम से उनकी अवैध संपत्ति से आया था।

पूर्व में हुई कार्रवाई और आगे की जांच

गौरतलब है कि ईडी इस मामले में इससे पहले भी लगभग ₹13.60 करोड़ की संपत्ति जब्त कर चुकी है और भोपाल की विशेष अदालत के समक्ष अभियोजन शिकायतें दाखिल की जा चुकी हैं। ताज़ा जब्ती के साथ इस मामले में कुल जब्त संपत्ति का आँकड़ा अब ₹36 करोड़ से अधिक पहुँच गया है। पीएमएलए के तहत अपराध से प्राप्त शेष धन की पहचान और जब्ती के लिए आगे की जांच जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

मनी लॉन्ड्रिंग की परिष्कृत होती कार्यप्रणाली को दर्शाता है। असली सवाल यह है कि ₹41.87 करोड़ के आरोपित आँकड़े में से अब तक ₹36 करोड़ से अधिक जब्त हो चुके हैं, फिर भी अभियोजन की गति और दोषसिद्धि की संभावना पर नज़र रखना ज़रूरी है — क्योंकि भारत में भ्रष्टाचार के बड़े मामलों में जब्ती और सज़ा के बीच की खाई अक्सर चौड़ी रहती है।
RashtraPress
30 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईडी ने अरविंद जोशी मामले में क्या कार्रवाई की है?
प्रवर्तन निदेशालय ने 30 जून 2026 को पीएमएलए के तहत अरविंद जोशी और अन्य आरोपियों की ₹22.46 करोड़ की संपत्ति अस्थायी रूप से जब्त की है। इससे पहले इस मामले में ₹13.60 करोड़ की संपत्ति भी जब्त की जा चुकी है।
अरविंद जोशी और टीनू जोशी पर क्या आरोप हैं?
दोनों मध्य प्रदेश कैडर के पूर्व आईएएस अधिकारी हैं और उन पर ज्ञात आय के स्रोतों से अधिक लगभग ₹41.87 करोड़ की चल व अचल संपत्ति रखने का आरोप है। जांच में आधिकारिक पद के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार में संलिप्तता के साक्ष्य भी सामने आए हैं।
भोपाल की क्रिकेट अकादमी का इस मामले से क्या संबंध है?
'फेथ क्रिकेट क्लब' और उससे जुड़ी अकादमी का संचालन कथित तौर पर स्वर्गीय अरविंद जोशी करते थे। जांच के अनुसार इसके निर्माण में निवेश उनके सहयोगी राघवेंद्र सिंह तोमर के माध्यम से अवैध संपत्ति से किया गया था।
इस मामले में अब तक कुल कितनी संपत्ति जब्त हो चुकी है?
ताज़ा ₹22.46 करोड़ की जब्ती से पहले ईडी इस मामले में ₹13.60 करोड़ की संपत्ति जब्त कर चुकी थी। इस प्रकार कुल जब्त संपत्ति का आँकड़ा अब ₹36 करोड़ से अधिक हो गया है।
इस मामले में आगे क्या होगा?
भोपाल की विशेष अदालत में अभियोजन शिकायतें पहले ही दाखिल की जा चुकी हैं। पीएमएलए के तहत अपराध से प्राप्त शेष धन की पहचान और जब्ती के लिए जांच जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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