ईडी द्वारा 271.48 करोड़ रुपए की अस्थायी संपत्ति जब्ती: राजेंद्र लोढ़ा के खिलाफ कार्रवाई
सारांश
Key Takeaways
- ईडी ने 271.48 करोड़ की संपत्ति को अस्थायी रूप से जब्त किया।
- यह कार्रवाई धोखाधड़ी के मामले में की गई है।
- संपत्ति पनवेल और शाहपुर में है।
- राजेंद्र लोढ़ा की भूमिका पर सवाल उठे हैं।
- जांच प्रक्रिया जारी है।
मुंबई, 30 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। ईडी ने सोमवार को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 के अंतर्गत राजेंद्र नरपतमल लोढ़ा और अन्य के खिलाफ लगभग 271.48 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति को अस्थायी रूप से जब्त किया।
यह कार्रवाई मेसर्स लोढ़ा डेवलपर्स लिमिटेड (एक सार्वजनिक सूचीबद्ध कंपनी) के खिलाफ धोखाधड़ी से संबंधित चल रही जांच के तहत की गई है। अस्थायी रूप से जब्त की गई संपत्तियां महाराष्ट्र के पनवेल और शाहपुर तालुका में स्थित हैं।
ईडी ने मुंबई पुलिस द्वारा राजेंद्र नरपतमल लोढ़ा और अन्य के खिलाफ दर्ज एफआईआर के आधार पर धोखाधड़ी, पद के दुरुपयोग, संपत्ति की बिना इजाजत बिक्री और झूठे दस्तावेज बनाने के लिए जांच शुरू की।
जांच में यह सामने आया कि राजेंद्र नरपतमल लोढ़ा ने मेसर्स लोढ़ा डेवलपर्स लिमिटेड के फंड और संपत्तियों को बिना अनुमति के बेचने और कंपनी की अचल संपत्तियों को कम कीमत पर प्रॉक्सी संस्थाओं को स्थानांतरित करने में संलग्न थे। उन्होंने बिना बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की मंजूरी के अधिक कीमत पर जमीन खरीदने के लिए मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) तैयार करने में भी भाग लिया, और बाद में बढ़ी हुई हिस्सेदारी को बेचकर कैश के रूप में कंपनी के फंड का दुरुपयोग किया।
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि राजेंद्र लोढ़ा ने अपने करीबी दोस्तों, सहयोगियों और संस्थाओं के साथ मिलकर धोखाधड़ी करके संपत्तियां जमा कीं, जिससे मेसर्स लोढ़ा डेवलपर्स लिमिटेड को अनुचित तरीके से नुकसान हुआ।
इससे पहले, जांच के दौरान ईडी ने 12 नवंबर 2025 को पीएमएलए, 2002 के नियमों के तहत मुंबई में 14 स्थानों पर छापेमारी की थी और लगभग 88 करोड़ रुपए की संपत्ति को फ्रीज/सीज किया था। अब तक इस मामले में कुल लगभग 359.48 करोड़ रुपए की संपत्ति सीज/जब्त की गई है। हाल ही में ईडी ने 12 फरवरी को राजेंद्र लोढ़ा को गिरफ्तार किया और वह वर्तमान में ज्यूडिशियल कस्टडी में है। इस मामले में आगे की जांच जारी है।