संजय भंडारी की संपत्तियां जब्त करने का आदेश, राऊज एवेन्यू कोर्ट का फैसला; 18 जुलाई को अगली सुनवाई
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने 5 मई 2026 को भगोड़े आर्म्स डीलर संजय भंडारी की कुछ संपत्तियों को जब्त करने का आदेश दिया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की याचिका पर यह फैसला आया, जबकि शेष संपत्तियों के मामले में अगली सुनवाई 18 जुलाई को निर्धारित की गई है। भंडारी फिलहाल लंदन में है और भारतीय कानून-प्रवर्तन एजेंसियों की पहुँच से बाहर है।
मामले की पृष्ठभूमि
संजय भंडारी पर मनी लॉन्ड्रिंग, कर चोरी और रक्षा सौदों में दलाली के गंभीर आरोप हैं। 2016 में आयकर विभाग और अन्य एजेंसियों की छापेमारी के बाद वह भारत छोड़कर लंदन भाग गया था। तब से ईडी उसकी भारत और विदेशों में मौजूद संपत्तियों की जाँच और जब्ती की प्रक्रिया में जुटी है।
कोर्ट में क्या हुआ
ईडी ने राऊज एवेन्यू कोर्ट से भंडारी की संपत्तियाँ जब्त करने की अपील की थी, जिसका भंडारी की ओर से विरोध किया गया। पिछली सुनवाई में कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। इससे पहले 31 जनवरी को भी अदालत ने इसी याचिका पर अपना निर्णय सुरक्षित किया था।
संपत्तियों का विवरण
ईडी के अनुसार, भंडारी के पास दिल्ली, गुरुग्राम और नोएडा के अलावा दुबई और ब्रिटेन में भी बेनामी संपत्तियाँ हैं। एजेंसी का दावा है कि इन संपत्तियों की कुल कीमत ₹100 करोड़ से अधिक है। ताज़ा कोर्ट आदेश के बाद इन संपत्तियों को सरकारी कब्जे में लेने की प्रक्रिया तेज़ हो सकती है।
आरोपों की गंभीरता
भंडारी पर ₹655 करोड़ की अघोषित विदेशी आय और ₹196 करोड़ की कर चोरी के आरोप हैं। यह ऐसे समय में आया है जब भारत सरकार भगोड़े आर्थिक अपराधियों की संपत्तियाँ जब्त करने के मामले में अधिक आक्रामक रुख अपना रही है। गौरतलब है कि भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम, 2018 के तहत ऐसे मामलों में कार्रवाई की जा सकती है।
आगे क्या होगा
अब सभी की नज़रें 18 जुलाई को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जिसमें शेष संपत्तियों की जब्ती पर अदालत का रुख स्पष्ट होगा। ईडी की कोशिश है कि भंडारी की सभी ज्ञात संपत्तियों को कानूनी प्रक्रिया के तहत सरकारी नियंत्रण में लाया जाए।