तिरुमला घी मिलावट घोटाला: ED की 15 ठिकानों पर छापेमारी, ₹60 लाख नकद और ₹45 करोड़ की संपत्ति का खुलासा
सारांश
मुख्य बातें
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) से जुड़े बहुचर्चित घी मिलावट घोटाले की जाँच के सिलसिले में बुधवार, 3 जून को देश भर के 15 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। हैदराबाद ज़ोनल कार्यालय की अगुवाई में हुई इस कार्रवाई में ₹60 लाख नकद बरामद हुए और ₹45 करोड़ से अधिक मूल्य की संपत्तियों में कथित अपराध से अर्जित धन के निवेश से जुड़े साक्ष्य मिले हैं।
कहाँ-कहाँ हुई छापेमारी
एजेंसी ने महाराष्ट्र के अहिल्यानगर, राजस्थान के बीकानेर, उत्तराखंड के देहरादून और रुड़की, दिल्ली, तमिलनाडु के डिंडीगुल, आंध्र प्रदेश के गुंटूर और मुंबई सहित कई शहरों में एक साथ तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई पोमिल जैन, विपिन जैन, राजू राजशेखरन, राजेश मनसुखलाल चावड़ा, अपूर्व विनायकांत चावड़ा, मचिंद्र शांताराम लांके, अजय कुमार सुगंध, महेश कुमार रोहीरा और आशीष अग्रवाल के आवासीय एवं व्यावसायिक परिसरों पर केंद्रित रही।
डेयरी कंपनियों के संयंत्रों पर भी शिकंजा
तलाशी की चपेट में डिंडीगुल स्थित ए.आर. डेयरी फ़ूड प्राइवेट लिमिटेड, अहिल्यानगर स्थित मालगंगा मिल्क एंड एग्रो प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड और रुड़की स्थित भोले बाबा ऑर्गेनिक डेयरी मिल्क प्राइवेट लिमिटेड के डेयरी संयंत्र भी आए। एजेंसी का दावा है कि छापेमारी में कई आपत्तिजनक दस्तावेज़ बरामद हुए हैं, जो कथित तौर पर फ़र्ज़ी खरीद-बिक्री के लेनदेन के ज़रिये अपराध से अर्जित धन की परतें बनाने की ओर इशारा करते हैं।
जाँच की पृष्ठभूमि
केंद्रीय एजेंसी के अनुसार, यह जाँच धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत ए.आर. डेयरी फ़ूड प्राइवेट लिमिटेड और अन्य के विरुद्ध दर्ज FIR के आधार पर शुरू की गई थी। आरोप है कि आरोपियों ने TTD के कुछ अधिकारियों के साथ कथित साजिश कर विश्वासघात और धोखाधड़ी की और मिलावटी घी की आपूर्ति कर देवस्थानम को आर्थिक नुकसान पहुँचाया।
मनी ट्रेल और संपत्तियों का जाल
जाँच में अब तक सामने आया है कि मिलावटी घी की आपूर्ति से प्राप्त कथित अवैध धन को बाद में विभिन्न अचल संपत्तियों में लगाया गया। इसके लिए परस्पर जुड़ी कई कंपनियों और कारोबारी इकाइयों के जटिल नेटवर्क का इस्तेमाल कर धन के असली स्रोत को छिपाने की कोशिश की गई। आरोपियों और उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर भी कई संपत्तियों का पता चला है।
क्यों मायने रखता है यह मामला
तिरुमला मंदिर का लड्डू प्रसादम करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है, और घी की गुणवत्ता पर उठे सवाल पिछले वर्ष से ही राष्ट्रीय बहस का विषय बने हुए हैं। गौरतलब है कि यह उस व्यापक जाँच का हिस्सा है जो प्रसादम में इस्तेमाल हो रहे घी की शुद्धता को लेकर शुरू हुई थी। ED ने स्पष्ट किया है कि मामले की आगे की जाँच जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ़्तारियाँ तथा संपत्ति कुर्की की कार्रवाई संभव है।