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तिरुमला घी मिलावट घोटाला: ED की 15 ठिकानों पर छापेमारी, ₹60 लाख नकद और ₹45 करोड़ की संपत्ति का खुलासा

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तिरुमला घी मिलावट घोटाला: ED की 15 ठिकानों पर छापेमारी, ₹60 लाख नकद और ₹45 करोड़ की संपत्ति का खुलासा

सारांश

तिरुमला के लड्डू प्रसादम से जुड़ा घी मिलावट विवाद अब आस्था के सवाल से आगे बढ़कर मनी-लॉन्ड्रिंग जाँच में बदल चुका है। ED की 8 राज्यों, 15 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी, ₹60 लाख नकद की बरामदगी और ₹45 करोड़ की संपत्तियों के सुराग बताते हैं कि घोटाले की जड़ें डेयरी कंपनियों के जटिल नेटवर्क तक फैली हैं।

मुख्य बातें

ED ने 3 जून को तिरुमला घी मिलावट मामले में 15 ठिकानों पर छापेमारी की।
कार्रवाई महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तराखंड, दिल्ली, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और मुंबई तक फैली।
₹60 लाख नकद बरामद; ₹45 करोड़ से अधिक की संपत्तियों में कथित अपराध-धन निवेश के सुराग मिले।
डेयरी फ़ूड , अहिल्यानगर की मालगंगा मिल्क और रुड़की की भोले बाबा ऑर्गेनिक डेयरी के संयंत्रों पर तलाशी।
जाँच PMLA, 2002 के तहत FIR के आधार पर; TTD अधिकारियों के साथ साजिश का आरोप।
9 नामज़द आरोपियों के आवासीय और व्यावसायिक परिसरों को निशाना बनाया गया।

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) से जुड़े बहुचर्चित घी मिलावट घोटाले की जाँच के सिलसिले में बुधवार, 3 जून को देश भर के 15 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। हैदराबाद ज़ोनल कार्यालय की अगुवाई में हुई इस कार्रवाई में ₹60 लाख नकद बरामद हुए और ₹45 करोड़ से अधिक मूल्य की संपत्तियों में कथित अपराध से अर्जित धन के निवेश से जुड़े साक्ष्य मिले हैं।

कहाँ-कहाँ हुई छापेमारी

एजेंसी ने महाराष्ट्र के अहिल्यानगर, राजस्थान के बीकानेर, उत्तराखंड के देहरादून और रुड़की, दिल्ली, तमिलनाडु के डिंडीगुल, आंध्र प्रदेश के गुंटूर और मुंबई सहित कई शहरों में एक साथ तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई पोमिल जैन, विपिन जैन, राजू राजशेखरन, राजेश मनसुखलाल चावड़ा, अपूर्व विनायकांत चावड़ा, मचिंद्र शांताराम लांके, अजय कुमार सुगंध, महेश कुमार रोहीरा और आशीष अग्रवाल के आवासीय एवं व्यावसायिक परिसरों पर केंद्रित रही।

डेयरी कंपनियों के संयंत्रों पर भी शिकंजा

तलाशी की चपेट में डिंडीगुल स्थित ए.आर. डेयरी फ़ूड प्राइवेट लिमिटेड, अहिल्यानगर स्थित मालगंगा मिल्क एंड एग्रो प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड और रुड़की स्थित भोले बाबा ऑर्गेनिक डेयरी मिल्क प्राइवेट लिमिटेड के डेयरी संयंत्र भी आए। एजेंसी का दावा है कि छापेमारी में कई आपत्तिजनक दस्तावेज़ बरामद हुए हैं, जो कथित तौर पर फ़र्ज़ी खरीद-बिक्री के लेनदेन के ज़रिये अपराध से अर्जित धन की परतें बनाने की ओर इशारा करते हैं।

जाँच की पृष्ठभूमि

केंद्रीय एजेंसी के अनुसार, यह जाँच धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत ए.आर. डेयरी फ़ूड प्राइवेट लिमिटेड और अन्य के विरुद्ध दर्ज FIR के आधार पर शुरू की गई थी। आरोप है कि आरोपियों ने TTD के कुछ अधिकारियों के साथ कथित साजिश कर विश्वासघात और धोखाधड़ी की और मिलावटी घी की आपूर्ति कर देवस्थानम को आर्थिक नुकसान पहुँचाया।

मनी ट्रेल और संपत्तियों का जाल

जाँच में अब तक सामने आया है कि मिलावटी घी की आपूर्ति से प्राप्त कथित अवैध धन को बाद में विभिन्न अचल संपत्तियों में लगाया गया। इसके लिए परस्पर जुड़ी कई कंपनियों और कारोबारी इकाइयों के जटिल नेटवर्क का इस्तेमाल कर धन के असली स्रोत को छिपाने की कोशिश की गई। आरोपियों और उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर भी कई संपत्तियों का पता चला है।

क्यों मायने रखता है यह मामला

तिरुमला मंदिर का लड्डू प्रसादम करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है, और घी की गुणवत्ता पर उठे सवाल पिछले वर्ष से ही राष्ट्रीय बहस का विषय बने हुए हैं। गौरतलब है कि यह उस व्यापक जाँच का हिस्सा है जो प्रसादम में इस्तेमाल हो रहे घी की शुद्धता को लेकर शुरू हुई थी। ED ने स्पष्ट किया है कि मामले की आगे की जाँच जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ़्तारियाँ तथा संपत्ति कुर्की की कार्रवाई संभव है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि देश के सबसे धनी मंदिर ट्रस्ट की आपूर्ति-शृंखला में संस्थागत निगरानी की विफलता का आईना है। आरोप कहते हैं कि TTD के भीतर से ही कथित साजिश हुई — यह सवाल उठाता है कि गुणवत्ता परीक्षण और विक्रेता-सत्यापन तंत्र इतने वर्षों तक चूकते कैसे रहे। ED की कार्रवाई आक्रामक दिखती है, पर असली परीक्षा अभियोजन और दोषसिद्धि की रफ़्तार में होगी; भारत में आर्थिक अपराधों की औसत सज़ा दर पीड़ादायक रूप से कम रही है। श्रद्धालुओं के लिए सबसे बड़ा प्रश्न यह नहीं कि कितना पैसा बरामद हुआ, बल्कि यह कि प्रसादम की पवित्रता की गारंटी अब कौन देगा।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तिरुमला घी मिलावट मामला क्या है?
यह तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) को कथित रूप से मिलावटी घी की आपूर्ति से जुड़ा घोटाला है, जिसमें आरोप है कि कुछ डेयरी कंपनियों ने TTD के कुछ अधिकारियों के साथ साजिश कर देवस्थानम को आर्थिक नुकसान पहुँचाया। ED इस मामले की मनी-लॉन्ड्रिंग कोण से जाँच कर रहा है।
ED ने 3 जून की छापेमारी में क्या बरामद किया?
छापेमारी के दौरान ₹60 लाख नकद बरामद हुए और ₹45 करोड़ से अधिक मूल्य की संपत्तियों में कथित अपराध से अर्जित धन के निवेश से जुड़े दस्तावेज़ मिले। इसके अलावा फ़र्ज़ी खरीद-बिक्री लेनदेन के संकेत देने वाले आपत्तिजनक दस्तावेज़ भी ज़ब्त किए गए।
छापेमारी किन-किन शहरों और कंपनियों पर हुई?
कार्रवाई महाराष्ट्र के अहिल्यानगर, राजस्थान के बीकानेर, उत्तराखंड के देहरादून और रुड़की, दिल्ली, तमिलनाडु के डिंडीगुल, आंध्र प्रदेश के गुंटूर तथा मुंबई में हुई। डिंडीगुल की ए.आर. डेयरी फ़ूड, अहिल्यानगर की मालगंगा मिल्क एंड एग्रो प्रोडक्ट्स और रुड़की की भोले बाबा ऑर्गेनिक डेयरी मिल्क के संयंत्र भी जाँच के घेरे में आए।
जाँच किस क़ानून के तहत हो रही है?
ED ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत जाँच शुरू की है। यह जाँच ए.आर. डेयरी फ़ूड प्राइवेट लिमिटेड और अन्य के ख़िलाफ़ दर्ज एफ़आईआर के आधार पर आरंभ की गई थी।
राष्ट्र प्रेस
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