तुहिन सिन्हा का तीखा हमला: 'खून-खराबे से सरकार बदलने की वकालत क्यों?' — कांग्रेस और प्रशांत भूषण पर निशाना
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता तुहिन सिन्हा ने 17 अक्टूबर 2026 को मुंबई में कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि लोकतंत्र में सरकारें चुनाव के ज़रिए बदलती हैं, न कि हिंसा और खून-खराबे से। उन्होंने यह हमला वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम के सरकार बदलने संबंधी बयान और वकील-कार्यकर्ता प्रशांत भूषण के एक कथित वायरल ऑडियो क्लिप के संदर्भ में किया।
मुख्य आरोप: खून-खराबे की वकालत क्यों?
तुहिन सिन्हा ने कहा, 'पी. चिदंबरम पूछ रहे हैं कि सरकार बदलने में क्या दिक्कत है। मैं साफ कर दूं। लोकतंत्र में सरकारें लोग चुनते हैं और चुनाव के ज़रिए बदलती हैं। अगला आम चुनाव 2029 में होना है, तो अभी से सरकार बदलने का सपना क्यों देख रहे हैं?' उन्होंने यह भी सवाल किया कि कांग्रेस किस बेचैनी के चलते ऐसे लोगों का बचाव और उन्हें पनाह देने पर मजबूर है।
भाजपा प्रवक्ता ने आगे कहा कि कथित तौर पर लगभग दो दिन पहले सामने आए प्रशांत भूषण के ऑडियो क्लिप में यह कहा गया था कि सरकार बदलने के लिए खून-खराबे और हिंसा के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है। सिन्हा ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए पूछा, 'क्या कांग्रेस पार्टी के पास कोई असली नेता नहीं बचा है?'
राहुल गांधी पर निशाना: प्रशांत भूषण और नेहा बोरा का ज़िक्र
सिन्हा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक तरफ प्रशांत भूषण का और दूसरी तरफ नेहा बोरा का दामन थाम रखा है। उनके अनुसार, नेहा बोरा का कथित तौर पर यह सपना है कि भारत में बांग्लादेश और नेपाल जैसा घटनाक्रम हो। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि जब कांग्रेस ऐसे लोगों का समर्थन करती है, तो यह प्रतीत होता है कि देश में हिंसा और खून-खराबा फैलाना कांग्रेस का ही एजेंडा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि कांग्रेस लोकतांत्रिक तरीके से सरकार बनाने में जनता का भरोसा खो चुकी है।
भगवंत मान के फ्रांस दौरे पर सवाल
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के फ्रांस दौरे पर भी सिन्हा ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री भगवंत मान को फ्रांस सरकार से कोई आधिकारिक न्योता नहीं मिला। इसके अलावा यह दौरा उनके जन्मदिन के साथ हो रहा है और उनकी पत्नी भी उनके साथ हैं, जो आमतौर पर किसी आधिकारिक सरकारी दौरे के दौरान नहीं होता।
सिन्हा ने कहा कि यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब पंजाब ड्रग्स से जुड़े गंभीर मुद्दों, बढ़ती हत्याओं और नशे की गिरफ्त में आते युवाओं की समस्या से जूझ रहा है और राज्य में चुनाव भी नज़दीक हैं। उन्होंने इस अनुपस्थिति की तुलना राहुल गांधी से की, जो कथित तौर पर बिहार चुनाव से पहले पिछले अक्टूबर में दो हफ्ते के लिए दक्षिण अमेरिका गए थे।
तमिलनाडु: विजय के दौरे पर भी निशाना
सिन्हा ने बताया कि पिछले महीने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और तमिझगा वेट्री कझगम (TVK) के प्रमुख विजय भी अमेरिका गए थे और उस दौरे को आधिकारिक करार दिया गया था, जबकि उनके जारी शेड्यूल में कोई आधिकारिक कार्यक्रम नहीं था। गौरतलब है कि यह बयान विपक्षी दलों के नेताओं के विदेश दौरों को एक व्यापक राजनीतिक आख्यान से जोड़ने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
राजनीतिक परिप्रेक्ष्य
यह ऐसे समय में आया है जब देश में 2029 के आम चुनाव की पृष्ठभूमि में राजनीतिक तापमान क्रमशः बढ़ रहा है। भाजपा की ओर से विपक्ष पर इस तरह के हमले चुनावी रणनीति का हिस्सा माने जा रहे हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कांग्रेस और संबंधित पक्ष इन आरोपों का किस प्रकार जवाब देते हैं।