तुर्की में चार देशों के विदेश मंत्रियों की महत्वपूर्ण बैठक, संवाद और कूटनीति पर जोर

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तुर्की में चार देशों के विदेश मंत्रियों की महत्वपूर्ण बैठक, संवाद और कूटनीति पर जोर

सारांश

अंताल्या डिप्लोमेसी फोरम में चार देशों के विदेश मंत्रियों ने शांति और स्थिरता के लिए संवाद और कूटनीति को आवश्यक बताया। यह बैठक वैश्विक मुद्दों के समाधान के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।

Key Takeaways

  • संवाद और कूटनीति को शांति के लिए आवश्यक माना गया।
  • चार देशों ने सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई।
  • बैठक में क्षेत्रीय स्थिरता पर चर्चा हुई।

इस्तांबुल, 18 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। तुर्की में अंताल्या डिप्लोमेसी फोरम का आयोजन किया गया है। शनिवार को पाकिस्तान, मिस्र, सऊदी अरब और तुर्की के विदेश मंत्रियों ने तीसरी सलाहकार बैठक की। इस बैठक में क्षेत्रीय परिस्थितियों पर चर्चा करते हुए शांति और स्थिरता के लिए संवाद और कूटनीति को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया गया।

बैठक में बदलते क्षेत्रीय परिदृश्य पर विचार-विमर्श किया गया और मौजूदा चुनौतियों का सामना करने के लिए अपने-अपने दृष्टिकोण साझा किए गए। चारों विदेश मंत्रियों ने सहमति व्यक्त की कि क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने के लिए कूटनीतिक प्रयास और बातचीत ही सबसे प्रभावी उपाय हैं।

उन्होंने आपसी समन्वय को और मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया और साझा हितों के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। यह बैठक ऐसे समय में हुई है, जब वैश्विक और क्षेत्रीय स्तर पर कई मुद्दों पर सहयोग और संवाद की आवश्यकता बढ़ रही है।

तुर्की मीडिया आउटलेट हुर्रियत डेली न्यूज के अनुसार, विदेश मंत्री हकन फिदान ने 18 अप्रैल को अंताल्या डिप्लोमेसी फोरम के इतर मिस्र, पाकिस्तान और सऊदी अरब के विदेश मंत्रियों के साथ तीसरी बैठक की मेज़बानी की।

अंताल्या फोरम में भाग लेने गईं ब्रिटेन की विदेश मंत्री यवेट कूपर ने भी ईरान से होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही को पूरी तरह से फिर से शुरू करने की अपील की।

रॉयटर्स से बातचीत में उन्होंने कहा, "हम एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक मोड़ पर हैं, जहां अब संघर्ष विराम लागू हो चुका है। लेकिन होर्मुज से सामान्य आवाजाही अभी भी शुरू नहीं हो पाई है।"

उन्होंने आगे कहा कि सीजफायर को एक स्थायी शांति में बदलने की आवश्यकता है, और यह जलमार्ग वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

अंताल्या डिप्लोमेसी फोरम 17-19 अप्रैल के बीच आयोजित किया गया है। इस सम्मेलन में 150 से अधिक देशों के प्रतिनिधि अंताल्या में एकत्रित हुए हैं। शुक्रवार को अपने उद्घाटन भाषण में, विदेश मंत्री फिदान ने कहा कि तुर्की को आशा है कि 8 अप्रैल को हुआ 14 दिन का सीजफायर पूरी तरह से लागू होगा और शांति बहाल होगी।

Point of View

खासकर ऐसे समय में जब वैश्विक मुद्दों पर सहकार्य की आवश्यकता बढ़ रही है।
NationPress
18/04/2026

Frequently Asked Questions

अंताल्या डिप्लोमेसी फोरम का उद्देश्य क्या है?
इस फोरम का उद्देश्य वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर संवाद और सहयोग को बढ़ावा देना है।
इस बैठक में कौन-कौन से देश शामिल थे?
बैठक में पाकिस्तान, मिस्र, सऊदी अरब और तुर्की के विदेश मंत्री शामिल थे।
क्या बैठक का कोई विशेष परिणाम निकला?
बैठक में क्षेत्रीय स्थिरता के लिए कूटनीतिक प्रयास और संवाद पर जोर दिया गया।
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