TVK ने चेन्नई में CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग वाले प्रदर्शन में लिया हिस्सा, कांग्रेस-DMK दरार के बीच नया समीकरण
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कजगम (TVK) ने गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को चेन्नई में हुए उस विपक्षी प्रदर्शन में भाग लिया, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को हटाने की माँग की गई। 3 अक्टूबर 2026 को इंडिया ब्लॉक में औपचारिक रूप से शामिल होने के बाद से यह TVK की इस तरह के किसी संयुक्त राजनीतिक अभियान में पहली सक्रिय भागीदारी है।
प्रदर्शन का स्वरूप और भागीदारी
यह प्रदर्शन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के सांसद बी. मणिकम टैगोर और तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी द्वारा 'लोकतंत्र की रक्षा करो' के बैनर तले आयोजित किया गया था। TVK की ओर से स्कूल शिक्षा मंत्री एवं TVK नेता ए. राजमोहन ने पार्टी का प्रतिनिधित्व किया।
प्रदर्शन में विदुथलाई चिरुथाइगल कच्ची (VCK) के अध्यक्ष एवं सांसद थोल थिरुमावलवन, मरुमलार्ची द्रविड़ मुन्नेत्र कजगम (MDMK) के महासचिव वाइको, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के प्रमुख के.एम. कादर मोहिदीन, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के राज्य सचिव पी. शनमुगम, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव एम. वीरपांडियन, सीपीआई (एमएल) के राज्य सचिव पाला असाईथम्बी और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के तमिलनाडु प्रभारी निवेदित अल्वा भी उपस्थित रहे।
प्रदर्शनकारियों की मुख्य माँगें
प्रदर्शन में शामिल नेताओं ने मतदाता सूचियों में कथित अनियमितताओं और मतदाता सूचियों के विशेष गहन संशोधन (SIR) की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए। यह आयोजन राष्ट्रीय राजधानी में जारी विपक्षी प्रदर्शनों की कड़ी में एक हिस्सा था, जिसका उद्देश्य चुनाव आयोग पर दबाव बढ़ाना था।
कांग्रेस सांसद विजय वसंत ने CEC के इस्तीफे की माँग की और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पक्ष में काम करने का आरोप चुनाव आयोग पर लगाया। उनके अनुसार, आयोग का आचरण लोकतांत्रिक सिद्धांतों को कमज़ोर कर रहा है और केंद्र सरकार जनता की चिंताओं पर ध्यान देने में विफल रही है। VCK नेता एस.एस. बालाजी ने विश्वास व्यक्त किया कि यह अभियान लोकतंत्र को कायम रखेगा और न्याय सुनिश्चित करेगा।
कांग्रेस-DMK दरार और TVK का बढ़ता कद
TVK की इस प्रदर्शन में मौजूदगी राजनीतिक दृष्टि से विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। द्रविड़ मुन्नेत्र कजगम (DMK) कांग्रेस के नेतृत्व वाले इस आंदोलन से दूर रही और उसने अपने पूर्व सहयोगी पर विश्वासघात का आरोप तक लगाया है। ऐसे में कांग्रेस, विजय की पार्टी TVK के साथ अपनी साझेदारी को मजबूत करने की रणनीति पर काम करती दिख रही है।
गौरतलब है कि TVK की इंडिया ब्लॉक में राष्ट्रीय स्तर पर औपचारिक सदस्यता के लिए गठबंधन के अन्य नेताओं की सहमति आवश्यक होगी, यह बात बालाजी ने स्वयं संकेत के रूप में कही। तमिलनाडु स्तर पर हालाँकि TVK गठबंधन में सक्रिय है।
व्यापक राजनीतिक संदर्भ
यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब तमिलनाडु में विपक्षी गठजोड़ का समीकरण तेज़ी से बदल रहा है। DMK, जो लंबे समय तक राज्य में कांग्रेस की सबसे करीबी सहयोगी रही, अब इस गठबंधन में हाशिये पर आती दिख रही है। TVK — एक अपेक्षाकृत नई पार्टी जो मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व में राज्य की राजनीति में तेज़ी से उभरी है — के लिए यह प्रदर्शन राष्ट्रीय विपक्षी परिसर में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने का अवसर है। आने वाले दिनों में तमिलनाडु के राजनीतिक समीकरण और किस दिशा में जाते हैं, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।