उज्जैन के खेत में मिले दो शव: कालूराम वर्मा और मंजू शर्मा के सिर पर चोट, हत्या की जांच शुरू
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में 18 जून 2026 को एक खेत से दो शव बरामद किए गए — मृतकों की पहचान कालूराम वर्मा (35) और मंजू शर्मा (36) के रूप में हुई है, जो दोनों जिले के बैलाखेड़ा गांव के निवासी थे। दोनों शवों के सिर पर चोट के निशान मिले हैं, जिससे हिंसक हत्या की आशंका गहरी हो गई है और पुलिस ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
घटनाक्रम: कैसे मिले शव
राघवी पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले ब्राह्मणखेड़ा गांव के एक खेत में गुरुवार सुबह स्थानीय लोगों ने दो शव पड़े देखे और तत्काल पुलिस को सूचना दी। शव खेत की सीमा के पास लगभग 100 मीटर की दूरी पर अलग-अलग स्थानों पर मिले, जिससे जांचकर्ताओं को संदेह है कि हमला कहीं और हुआ और बाद में शव वहाँ छोड़े गए।
पुलिस की प्रारंभिक जांच
राघवी एसएचओ वीरेंद्र बांडेवार की अगुवाई में पुलिस टीमें मौके पर पहुँचीं और इलाके को सुरक्षित किया। डीएसपी जेडन लिंगजेरपा समेत वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने भी घटनास्थल का दौरा किया। फोरेंसिक साक्ष्य संकलन के लिए एफएसएल (FSL) टीम को बुलाया गया, जिसने खेत से नमूने लिए और आसपास के इलाके की तलाशी ली।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया, "शवों पर चोट के निशान हैं और पहली नज़र में मामला संदिग्ध लगता है। हम सभी संभावित पहलुओं की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतज़ार कर रहे हैं।"
मृतकों के बारे में जानकारी
पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जांच से संकेत मिलता है कि कालूराम वर्मा और मंजू शर्मा एक-दूसरे को जानते थे। अधिकारी मरने से पहले दोनों की गतिविधियों की भी जांच कर रहे हैं। मृतकों के परिजनों और स्थानीय लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
मौत की वजह अभी अस्पष्ट
अधिकारियों ने मौतों को किसी निश्चित मकसद से जोड़ने से परहेज़ किया है। उनका कहना है कि मौत की सटीक वजह और समय पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच की रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा। वैज्ञानिक साक्ष्यों से पहले किसी नतीजे पर पहुँचना जल्दबाज़ी होगी, ऐसा अधिकारियों ने स्पष्ट किया।
क्षेत्र में तनाव, जांच जारी
घटना की खबर फैलते ही आसपास के गांवों में तनाव फैल गया और बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल के पास जमा हो गए। अब तक इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस ने पुष्टि की है कि जांच सक्रिय रूप से जारी है और फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।