रामपुर में बर्तन व्यापारी दंपती की गोली लगने से संदिग्ध मौत, दूसरी मंजिल पर मिले शव; पुलिस जाँच शुरू
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के रामपुर में 21 मई 2026 को तड़के सुबह एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जब थाना शाहाबाद क्षेत्र के बाजार बजरंग चौक में बर्तन व्यापारी सुनील रस्तोगी और उनकी पत्नी नेहा रस्तोगी के शव घर की दूसरी मंजिल की छत पर खून से लथपथ अवस्था में पाए गए। पुलिस के अनुसार, मामला फिलहाल संदिग्ध बना हुआ है और हर पहलू से जाँच जारी है।
घटनाक्रम: कैसे मिले शव
बताया जा रहा है कि सुबह करीब 7 बजे मोहल्ले के लोगों ने गोली चलने की आवाज़ सुनी। उस समय व्यापारी के बेटे पीयूष रस्तोगी और बेटी कृषि घर की निचली मंजिल पर सो रहे थे। आवाज़ सुनकर जब दोनों दूसरी मंजिल पर पहुँचे, तो उन्होंने अपने माता-पिता को फर्श पर खून से लथपथ पड़े पाया। बच्चों की चीखें सुनकर आसपास के लोग भी मौके पर जमा हो गए।
चोटों का विवरण और बरामद हथियार
अधिकारियों के अनुसार, सुनील रस्तोगी को गर्दन के ठीक नीचे गोली लगी बताई जा रही है, जबकि उनकी पत्नी नेहा रस्तोगी को गर्दन के बगल में गोली लगी है। घटनास्थल पर एक राइफल भी बरामद हुई, जिसे पुलिस ने सबूत के तौर पर अपने कब्जे में ले लिया है।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
सूचना मिलते ही इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार सर्किल ऑफिसर के साथ भारी पुलिस बल लेकर मौके पर पहुँचे। बाजार क्षेत्र में स्थित घटनास्थल को चारों ओर से घेरकर जाँच शुरू कर दी गई। फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। अपर पुलिस अधीक्षक अनुराग सिंह भी मौके पर पहुँचे।
पड़ोसियों की प्रतिक्रिया और पारिवारिक पृष्ठभूमि
एक पड़ोसी ने कहा कि यह घटना राइफल साफ करने के दौरान हुई दुर्घटना भी हो सकती है, हालाँकि पुलिस इस संभावना को पर्याप्त नहीं मान रही। स्थानीय लोगों के अनुसार, रस्तोगी परिवार में किसी प्रकार का कोई विवाद नहीं था, जिससे यह घटना और भी रहस्यमय बन गई है। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है।
आगे की जाँच
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि शुरुआती जाँच में मामला संदिग्ध प्रतीत होता है और घटना के सटीक कारण व परिस्थितियाँ अभी स्थापित नहीं हो पाई हैं। फोरेंसिक रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण के बाद ही मामले की दिशा तय होगी।