उदयनिधि स्टालिन हिरासत में: CM विजय और तृषा पर टिप्पणी के मामले में तंजावुर पुलिस की कार्रवाई
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष के नेता और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) के यूथ विंग सेक्रेटरी उदयनिधि स्टालिन को 5 अगस्त 2025 को मंगलवार की सुबह चेन्नई के नीलांकरई स्थित उनके आवास से तंजावुर पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए ले गई। यह कार्रवाई तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय और अभिनेत्री तृषा के बारे में कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी करने के सिलसिले में दर्ज छह आपराधिक धाराओं के अंतर्गत की गई।
मामले की पृष्ठभूमि
यह विवाद सोमवार, 4 अगस्त को तंजावुर के पनागल बिल्डिंग के बाहर DMK के विरोध प्रदर्शन के दौरान उपजा। उदयनिधि ने वहाँ तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) सरकार पर कावेरी जल विवाद, प्रस्तावित मेकेदातु जलाशय और कृषि ऋण माफी की माँगों को लेकर निशाना साधा। अपने भाषण में उन्होंने कावेरी डेल्टा में पानी की बिगड़ती स्थिति का उल्लेख करते हुए यह भी सवाल उठाया कि यदि पूर्व मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि सत्ता में होते तो क्या नदियाँ इस तरह सूखतीं। भीड़ में एक महिला अभिनेत्री के संदर्भ में की गई टिप्पणी और उसके बाद मुख्यमंत्री विजय पर कसे गए कटाक्ष ने विवाद को और गहरा कर दिया।
मामला दर्ज और कानूनी कार्रवाई
TVK की महिला विंग की शिकायत पर तंजावुर पुलिस ने उदयनिधि के विरुद्ध आईटी एक्ट की धाराओं समेत कुल छह धाराओं में मामला दर्ज किया। मामला दर्ज होते ही DMK ने तत्काल मद्रास उच्च न्यायालय का रुख किया और उदयनिधि की गिरफ्तारी से सुरक्षा की माँग की। इसके बाद डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (DSP) अलागेसन के नेतृत्व में पुलिस टीम उनके आवास पर पहुँची। चेन्नई के पुलिस कमिश्नर ए. अमलराज भी मौके पर मौजूद रहे।
DMK के वरिष्ठ नेता के.एन. नेहरू और मा. सुब्रमण्यम, पार्टी की कानूनी विंग के सदस्यों के साथ आवास पर पहुँचे और पुलिस अधिकारियों से वार्ता की। उदयनिधि की कानूनी टीम ने आगे की कार्रवाई तय करने से पहले वकीलों से परामर्श के लिए समय माँगा।
समर्थकों की भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था
पुलिस कार्रवाई की खबर फैलते ही DMK के बड़ी संख्या में कार्यकर्ता आवास के बाहर जमा हो गए और उदयनिधि के समर्थन में नारे लगाने लगे। कानून-व्यवस्था की स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।
TVK की प्रतिक्रिया और राष्ट्रीय महिला आयोग में शिकायत
TVK ने उदयनिधि की टिप्पणियों को अपमानजनक और आपत्तिजनक करार दिया। TVK के राष्ट्रीय प्रवक्ता पाझा सेल्वाकुमार ने अलग से राष्ट्रीय महिला आयोग से संपर्क कर आरोप लगाया कि उदयनिधि के भाषण में मानहानि करने वाली, महिलाओं को वस्तु के रूप में प्रस्तुत करने वाली और यौन संकेत देने वाली बातें थीं। याचिका में आयोग से हस्तक्षेप, कानूनी कार्रवाई और उदयनिधि से बिना शर्त सार्वजनिक माफी की माँग की गई है।
आगे क्या
मद्रास उच्च न्यायालय में DMK की याचिका पर सुनवाई अपेक्षित है, जिसका परिणाम उदयनिधि की हिरासत की आगे की दिशा तय करेगा। यह मामला तमिलनाडु में DMK और TVK के बीच राजनीतिक तनाव को और गहरा करने वाला साबित हो सकता है, जहाँ दोनों दल परंपरागत रूप से द्रविड़ राजनीति की विरासत पर दावा करते हैं।