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उज्जैन: मुहर्रम जुलूस में वाहन स्टंट का वीडियो वायरल, चार आरोपियों पर FIR दर्ज

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उज्जैन: मुहर्रम जुलूस में वाहन स्टंट का वीडियो वायरल, चार आरोपियों पर FIR दर्ज

सारांश

उज्जैन के बड़नगर में मुहर्रम जुलूस के दौरान एक टाटा मैजिक वाहन को क्रेन से 40 फीट ऊँचा उठाकर उसमें पटाखे जलाए गए, जिससे विस्फोट जैसा दृश्य बना और वीडियो वायरल हो गया। पुलिस ने तीन आयोजकों और एक क्रेन मालिक के खिलाफ FIR दर्ज की है।

मुख्य बातें

23 जून 2026 की रात बड़नगर, उज्जैन में मुहर्रम जुलूस के दौरान एक टाटा मैजिक वाहन को क्रेन से 40 फीट ऊँचाई पर उठाकर स्टंट किया गया।
वाहन में पटाखा-स्टाइल रॉकेट जलाने से विस्फोट जैसा दृश्य बना; वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।
आयोजक शोएब खान , तालीम खान , जहीद खान और क्रेन मालिक गोपाल माली के खिलाफ FIR दर्ज।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक करनदीप सिंह के अनुसार जुलूस की अनुमति थी, लेकिन स्टंट या विस्फोट की नहीं।
प्रारंभिक जाँच में पारंपरिक विस्फोटक का उपयोग नहीं; बंद वाहन में दबाव बढ़ने से शीशे-बॉडी पार्ट्स टूटे।

मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के बड़नगर कस्बे में 23 जून 2026 की रात मुहर्रम जुलूस के दौरान एक खतरनाक स्टंट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। वीडियो में एक टाटा मैजिक वाहन को क्रेन की सहायता से लगभग 40 फीट की ऊँचाई पर उठाकर उसमें विस्फोट जैसा दृश्य उत्पन्न करते दिखाया गया था।

मुख्य घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार, यह घटना आशूरा से एक दिन पहले हुई — आशूरा मुहर्रम का 10वाँ दिन होता है, जिसे शिया मुसलमान इमाम हुसैन की शहादत की स्मृति में शोक-पर्व के रूप में मनाते हैं। जुलूस के दौरान वाहन को क्रेन से हवा में उठाया गया और उस पर खड़े दो युवक लाल झंडे लहराते रहे। इसके कुछ देर बाद वाहन में अचानक विस्फोट जैसा दृश्य उत्पन्न हुआ, जिससे वहाँ मौजूद भीड़ स्तब्ध रह गई।

पुलिस की कार्रवाई और आरोपी

उज्जैन के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक करनदीप सिंह ने गुरुवार को पत्रकारों को बताया कि जुलूस के आयोजकों — शोएब खान, तालीम खान और जहीद खान — तथा क्रेन मालिक गोपाल माली के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई है।

करनदीप सिंह ने कहा, 'जुलूस के लिए प्रशासन से अनुमति ली गई थी, लेकिन किसी भी तरह के विस्फोटक या वाहन को नुकसान पहुँचाने जैसी गतिविधि की अनुमति नहीं दी गई थी। ऐसे कार्य अवैध हैं और सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा हैं।'

विस्फोट की असली वजह क्या थी

प्रारंभिक जाँच में पुलिस ने पाया कि इसमें पारंपरिक विस्फोटक का उपयोग नहीं किया गया था। अधिकारियों के अनुसार, वाहन के भीतर एक साथ कई पटाखा-स्टाइल रॉकेट जलाए गए थे। वाहन की खिड़कियाँ बंद होने के कारण अंदर दबाव बढ़ गया, जिससे शीशे और बॉडी पार्ट्स बाहर की ओर उछले और विस्फोट का भ्रम पैदा हुआ। पुलिस का मानना है कि यह भीड़ को आकर्षित करने के लिए जानबूझकर किया गया स्टंट था।

आम जनता पर असर और सुरक्षा चिंताएँ

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब धार्मिक जुलूसों के दौरान सार्वजनिक सुरक्षा को लेकर प्रशासन पहले से सतर्क रहता है। 40 फीट की ऊँचाई पर वाहन उठाना और उसमें अनधिकृत पटाखे जलाना — दोनों ही कार्य भीड़भाड़ वाले इलाके में गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकते थे। गौरतलब है कि अनुमति केवल जुलूस के लिए दी गई थी, न कि किसी प्रकार के करतब के लिए।

आगे क्या होगा

पुलिस ने कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और मामले की विस्तृत जाँच जारी है। चारों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के तहत दर्ज FIR में सार्वजनिक सुरक्षा को खतरे में डालने से संबंधित धाराएँ शामिल हैं। आने वाले दिनों में गिरफ्तारी और आगे की कार्रवाई की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन जवाबदेही तय करने के लिए यह भी जाँचना जरूरी है कि प्रशासनिक निगरानी कहाँ विफल रही।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उज्जैन मुहर्रम जुलूस में क्या हुआ था?
23 जून 2026 की रात बड़नगर, उज्जैन में मुहर्रम जुलूस के दौरान एक टाटा मैजिक वाहन को क्रेन से लगभग 40 फीट ऊँचाई पर उठाया गया और उसमें पटाखा-स्टाइल रॉकेट जलाए गए, जिससे विस्फोट जैसा दृश्य बना। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
उज्जैन पुलिस ने किन लोगों पर FIR दर्ज की?
पुलिस ने जुलूस के तीन आयोजकों — शोएब खान, तालीम खान और जहीद खान — तथा क्रेन मालिक गोपाल माली के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज की है।
क्या वाहन में असली विस्फोटक का इस्तेमाल हुआ था?
प्रारंभिक जाँच के अनुसार पारंपरिक विस्फोटक का उपयोग नहीं किया गया था। पुलिस के अनुसार वाहन के अंदर कई पटाखा-स्टाइल रॉकेट एक साथ जलाए गए थे और खिड़कियाँ बंद होने से बढ़े दबाव के कारण शीशे व बॉडी पार्ट्स बाहर उछले, जिससे विस्फोट का भ्रम पैदा हुआ।
जुलूस के लिए अनुमति थी या नहीं?
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक करनदीप सिंह के अनुसार जुलूस निकालने की प्रशासनिक अनुमति ली गई थी, लेकिन किसी भी प्रकार के स्टंट, विस्फोटक उपयोग या वाहन को नुकसान पहुँचाने की अनुमति नहीं दी गई थी।
मुहर्रम और आशूरा क्या होता है?
मुहर्रम इस्लामी कैलेंडर का पहला महीना है और आशूरा इसका 10वाँ दिन होता है। शिया मुसलमान इस दिन इमाम हुसैन की कर्बला में शहादत की याद में शोक मनाते हैं और जुलूस निकालते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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