खेरसॉन में रूसी ड्रोन ने सब्जी विक्रेता को बनाया निशाना, जेलेंस्की बोले— यह हर दिन की 'सफारी' है
सारांश
मुख्य बातें
यूक्रेन के खेरसॉन शहर में मंगलवार, 4 अगस्त को एक रूसी ड्रोन ने एक सब्जी विक्रेता को जानबूझकर निशाना बनाया, जिसमें 52 वर्षीय व्यक्ति घायल हो गया और उसके सिर पर चोट आई। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की और यूक्रेन विदेश मंत्रालय ने इस हमले को युद्ध अपराध करार देते हुए कहा कि रूस आम नागरिकों के विरुद्ध जानबूझकर दहशत फैलाने का अभियान चला रहा है।
घटनाक्रम: कैसे हुआ हमला
घटना का वीडियो यूक्रेन विदेश मंत्रालय और राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किया। वीडियो में स्पष्ट दिखता है कि एक व्यक्ति अपनी सब्जी की कार्ट के पास खड़ा है, तभी एक ड्रोन उसका पीछा करने लगता है। विक्रेता जान बचाने के लिए कार्ट के चारों ओर दौड़ता है और हाथ उठाकर याचना करता है, लेकिन ड्रोन उसके निकट आकर विस्फोट कर देता है।
यूक्रेन विदेश मंत्रालय ने एक्स पर पोस्ट में लिखा, 'रूस किसे निशाना बना रहा है — कोई सैन्य ठिकाना नहीं, बल्कि काम कर रहा एक आम नागरिक। खेरसॉन में एक रूसी ड्रोन ने जानबूझकर एक साधारण विक्रेता को निशाना बनाया। इस हमले में 52 वर्षीय व्यक्ति घायल हो गया और उसे सिर पर चोट आई।'
जेलेंस्की की कड़ी निंदा
राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने एक्स पर पोस्ट करते हुए इस हमले को 'सफारी' की संज्ञा दी — एक ऐसा शब्द जो रूसी ड्रोन द्वारा आम नागरिकों को जानबूझकर खदेड़ने और निशाना बनाने की रणनीति को दर्शाता है। उन्होंने कहा, 'एक रूसी ड्रोन ने खेरसॉन में सब्जियाँ बेच रहे एक व्यक्ति का जानबूझकर पीछा किया और उसके पास जाकर विस्फोट किया। खुद रूसियों ने भी इस अपराध को स्वीकार किया — उन्हें कोई पछतावा नहीं, बल्कि वे इस पर गर्व करते हैं।'
ज़ेलेंस्की ने आगे कहा कि खेरसॉन में आम लोगों के खिलाफ इस तरह की 'सफारी' जैसी कार्रवाइयाँ लगभग हर दिन की जा रही हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आग्रह किया कि रूस पर दबाव डाले बिना और उसकी आक्रामक क्षमताओं को कमज़ोर किए बिना शांति की कल्पना करना भी मुश्किल है।
विदेश मंत्रालय की अपील
यूक्रेन विदेश मंत्रालय ने इस हमले को 'निर्दोष नागरिकों के विरुद्ध दहशत फैलाने का जानबूझकर चलाया जा रहा अभियान' बताया। मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कहा कि इसे सामान्य मानकर स्वीकार न किया जाए और रूस पर तत्काल और कड़ा दबाव डाला जाए।
गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब यूक्रेन-रूस युद्ध को तीन वर्ष से अधिक हो चुके हैं और खेरसॉन क्षेत्र लगातार रूसी हमलों का केंद्र बना हुआ है। नागरिकों को निशाना बनाने की ऐसी घटनाएँ अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के स्पष्ट उल्लंघन के रूप में देखी जाती हैं।
क्षेत्रीय सुरक्षा पर ज़ेलेंस्की की चेतावनी
ज़ेलेंस्की ने स्पष्ट किया कि यह केवल यूक्रेन का मामला नहीं है। उन्होंने फिनलैंड, कज़ाखिस्तान, बाल्टिक देशों, पोलैंड, दक्षिण कॉकस क्षेत्र, रोमानिया और मोल्दोवा का नाम लेते हुए कहा कि सभी को मिलकर काम करना होगा ताकि वास्तविक सुरक्षा गारंटी सुनिश्चित हो और रूस द्वारा शुरू किए गए युद्ध को समाप्त किया जा सके।
आगे की स्थिति पर नज़र रखते हुए अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों का कहना है कि इस तरह के वीडियो साक्ष्य युद्ध अपराध न्यायाधिकरणों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं, हालाँकि रूस ने अब तक किसी भी अंतरराष्ट्रीय जाँच में सहयोग नहीं किया है।