इथियोपिया में फिर भड़की हिंसा पर यूएन महासचिव गुटेरेस की चिंता, प्रिटोरिया समझौते पर बातचीत की अपील
सारांश
मुख्य बातें
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इथियोपिया के उत्तरी क्षेत्रों — टिग्रे, अफार और अमहारा — में फिर से भड़की लड़ाई पर गहरी चिंता जताते हुए सभी पक्षों से तत्काल संघर्ष विराम और प्रिटोरिया समझौते के तहत पुनः बातचीत शुरू करने की अपील की है। यह अपील ऐसे समय में आई है जब 1 अगस्त को टिग्रे और इरीट्रिया की सीमा के निकट हिंसा के फिर से शुरू होने के बाद क्षेत्र में मानवीय संकट गहराता जा रहा है।
मुख्य घटनाक्रम
गुटेरेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने एक आधिकारिक बयान में कहा, 'महासचिव इथियोपिया के टिग्रे, अफार और अमहारा क्षेत्रों में दोबारा शुरू हुई लड़ाई को लेकर बेहद चिंतित हैं। वह सभी पक्षों से तुरंत संघर्ष रोकने और हस्ताक्षरकर्ता पक्षों से प्रिटोरिया समझौते के तहत फिर से बातचीत शुरू करने का आग्रह करते हैं।'
गुटेरेस ने चेतावनी दी है कि यदि संघर्ष आगे बढ़ता रहा तो इसका बुरा असर पूरे पूर्वी अफ्रीका की स्थिरता पर पड़ सकता है। उन्होंने क्षेत्र के सभी देशों को संयुक्त राष्ट्र चार्टर के तहत अपनी जिम्मेदारियों की याद दिलाई और किसी भी देश की क्षेत्रीय अखंडता या राजनीतिक स्वतंत्रता के विरुद्ध बल प्रयोग या धमकी से बचने का आह्वान किया।
राहत सामग्री की पहुँच
संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (ओसीएचए / OCHA) के अनुसार, हाल की हिंसा के बाद पहली बार राहत सामग्री और सहायता कर्मियों का एक काफिला टिग्रे क्षेत्र तक पहुँचा है। विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) के चार ट्रक गुरुवार को टिग्रे की राजधानी मेकेले पहुँचे, जिनमें 90 मीट्रिक टन राहत सामग्री थी। यह सामग्री गंभीर कुपोषण से जूझ रहे लोगों के उपचार के लिए उपयोग में लाई जाएगी।
यह काफिला पड़ोसी अफार क्षेत्र के सेमेरा-अबाला मार्ग से होकर मेकेले पहुँचा। इससे पहले अदीस अबाबा और सेमेरा में फँसे मानवीय सहायता कर्मी भी अब मेकेले पहुँच गए हैं, जिससे जीवनरक्षक राहत कार्यों को निरंतर जारी रखने में सहायता मिलेगी। टिग्रे में खाद्य सहायता का वितरण सप्ताह की शुरुआत में ही पुनः आरंभ कर दिया गया था।
आम जनता पर असर
ओसीएचए ने स्पष्ट किया है कि 1 अगस्त से शुरू हुई ताज़ा लड़ाई से प्रभावित लोगों की ज़रूरतें लगातार बढ़ रही हैं। राहत एजेंसियों ने अधिक राहत सामग्री और आपातकालीन सहायता की तत्काल आवश्यकता पर बल दिया है। संयुक्त राष्ट्र ने आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, बाधारहित मानवीय पहुँच बनाए रखने और स्वास्थ्य सुविधाओं को चालू रखने की माँग दोहराई है।
अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी की याद
गुटेरेस ने उन सभी देशों से भी अपील की है जिनका संघर्ष में शामिल पक्षों पर प्रभाव है कि वे तनाव कम करने में सक्रिय भूमिका निभाएँ और हालात को और बिगाड़ने वाले किसी भी कदम से परहेज करें। उन्होंने दूसरे देशों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करने के सिद्धांत को भी रेखांकित किया।
संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि वह बातचीत और टिकाऊ समाधान के लिए हरसंभव मदद देने को तैयार है। गौरतलब है कि प्रिटोरिया समझौता पहले से मौजूद एक शांति रूपरेखा है, जिसे लागू करने में अब तक की विफलता ने संकट को और गहरा किया है। आने वाले दिनों में सभी पक्षों की प्रतिक्रिया यह तय करेगी कि क्षेत्र में राहत कार्य निर्बाध जारी रह सकेंगे या नहीं।