यूएनजीए में अगले महासचिव पद के लिए ओटुन्नु और ए-बाकी ने रखा अपना विज़न
सारांश
मुख्य बातें
संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) ने 20-21 अगस्त 2026 को अगले यूएन महासचिव पद के दो प्रमुख उम्मीदवारों — युगांडा के राजनयिक ओलारा ओटुन्नु और इक्वाडोर की राजनयिक इवोन ए-बाकी — के साथ औपचारिक संवाद सत्र आयोजित किए। दोनों उम्मीदवारों ने वैश्विक शांति, संयुक्त राष्ट्र सुधार और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के युग में मानवीय गरिमा की रक्षा पर अपनी प्राथमिकताएँ स्पष्ट कीं।
ओटुन्नु का एजेंडा: संघर्ष रोकना सर्वोच्च प्राथमिकता
युगांडा द्वारा नामांकित ओलारा ओटुन्नु ने बुधवार के सत्र में कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता उन खतरनाक संघर्षों को रोकना होगी जो पूरे क्षेत्रों और विश्व को अपनी चपेट में ले सकते हैं। उन्होंने यूक्रेन संकट को समाप्त करने, गाजा की स्थिति से निपटने और रवांडा तथा डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो के बीच शांति समझौते का समर्थन करने का वादा किया।
ओटुन्नु ने सूडान में संघर्ष समाप्त करने के लिए अफ्रीकन यूनियन और अन्य वैश्विक सहयोगियों के साथ मिलकर काम करने, ईरान संघर्ष में व्यापक शांति समझौते की दिशा में चल रही कूटनीतिक कोशिशों को समर्थन देने और हॉर्न ऑफ अफ्रीका तथा साहेल क्षेत्र में आतंकवाद-विरोधी प्रयासों को अधिक एकजुट बनाने का भी संकल्प जताया।
इसके अलावा उन्होंने मानवाधिकारों पर आम सहमति बनाने, यूएन में संस्थागत सुधार, वित्तीय संकट से उबरने के नए रास्ते तलाशने, कृत्रिम बुद्धिमत्ता के अवसरों का लाभ उठाने और दुनिया के नागरिकों को यूएन से पुनः जोड़ने की प्रतिबद्धता भी व्यक्त की।
ए-बाकी का विज़न: 'मैनेजर नहीं, लीडर'
टोंगा द्वारा नामांकित इक्वाडोर की राजनयिक इवोन ए-बाकी ने गुरुवार के सत्र में स्पष्ट किया कि यदि वह अगली यूएन महासचिव चुनी जाती हैं, तो वह एक प्रबंधक की भूमिका में नहीं, बल्कि एक नेता की भूमिका में काम करना चाहेंगी।
ए-बाकी ने कहा, "मैनेजर वह होता है जो मिशन स्टेटमेंट का पालन करता है। लीडर वह होता है जो 'नॉर्थ स्टार' (ध्रुव तारे) का अनुसरण करता है। इस वैश्विक संस्था के लिए मेरा 'नॉर्थ स्टार' जरूरी नहीं कि सुधार ही हो — यह नवीनीकरण है। शांति बनाने और युद्ध रोकने के वादे का नवीनीकरण। मानवीय गरिमा और सामाजिक प्रगति को बढ़ावा देने के वादे का नवीनीकरण और उस विजन का नवीनीकरण कि यूएन वह संस्था बन सकती है जहाँ दुनिया के देश अकेले काम करने की तुलना में मिलकर बहुत कुछ हासिल कर सकते हैं।"
उन्होंने प्रत्यक्ष एवं सौंपे गए शांति-स्थापना और शांति-निर्माण कार्यों, सुरक्षा परिषद के आधुनिकीकरण, विकास से जुड़े ऋण को सुलझाने, वित्तपोषण के नए रास्ते खोलने और AI के दौर में मानवीय गरिमा की रक्षा करने का वादा किया।
चयन प्रक्रिया की पृष्ठभूमि
यूएनजीए ने अप्रैल 2026 के अंत में अगले महासचिव पद के उम्मीदवारों के साथ संवाद सत्रों की शृंखला शुरू की थी। अब तक कुल आठ उम्मीदवार इन सत्रों में अपना पक्ष रख चुके हैं। गौरतलब है कि मौजूदा यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरेस का कार्यकाल 2026 के अंत में समाप्त हो रहा है और अगले महासचिव 1 जनवरी 2027 को पदभार ग्रहण करेंगे।
यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर एक साथ कई संघर्ष चल रहे हैं — यूक्रेन, गाजा, सूडान और साहेल — जिससे नए महासचिव के सामने चुनौतियों का बोझ पहले से कहीं अधिक होगा।
आगे क्या होगा
सुरक्षा परिषद अंततः महासभा को एक उम्मीदवार की सिफारिश करेगी, जिसके बाद महासभा औपचारिक रूप से अगले महासचिव की नियुक्ति करेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि भौगोलिक प्रतिनिधित्व और वीटो-शक्ति संपन्न देशों की सहमति इस चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाएगी।