यूपी विधानसभा मानसून सत्र 2025: सपा के हंगामे के बीच आलम बदी को श्रद्धांजलि, सदन मंगलवार तक स्थगित
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश विधानमंडल का चार दिवसीय मानसून सत्र 3 अगस्त को लखनऊ में विपक्ष के तीखे विरोध-प्रदर्शन और दिवंगत सपा विधायक आलम बदी को श्रद्धांजलि के साथ शुरू हुआ। शोक प्रस्ताव पारित होने और दो मिनट के मौन के बाद सदन की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दी गई।
मुख्य घटनाक्रम
सत्र के उद्घाटन दिवस पर समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायक विधानसभा परिसर में चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के समक्ष धरने पर बैठे। विधायक दानपेटी और पोस्टर लेकर पहुँचे तथा शिक्षक भर्ती, राम मंदिर चढ़ावे में कथित अनियमितता और नीट पेपर लीक जैसे मुद्दों पर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। यह ऐसे समय में आया है जब विपक्ष राज्य सरकार पर जनहित के मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप लगाता रहा है।
आलम बदी को श्रद्धांजलि
सदन के भीतर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आजमगढ़ की निजामाबाद विधानसभा सीट से सपा विधायक आलम बदी के निधन पर शोक प्रस्ताव प्रस्तुत किया। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने उनके जीवन का उल्लेख करते हुए बताया कि 16 मार्च 1936 को जन्मे आलम बदी एक इलेक्ट्रिकल इंजीनियर थे जो निजामाबाद सीट से पाँच बार विधायक निर्वाचित हुए और उन्होंने कौमी एकता मंच की स्थापना की थी।
नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि अंतिम दिनों में भी आलम बदी में सार्वजनिक जीवन के प्रति वही ऊर्जा बनी रही। विभिन्न दलों के नेताओं ने शोक प्रस्ताव पर अपने विचार रखे, जिसके बाद दो मिनट का मौन रखा गया।
सत्र में एक नई परंपरा
गौरतलब है कि इस सत्र में पहली बार विधानसभा में 'वंदे मातरम्' का पूर्ण गायन किया गया — जो सदन की कार्यवाही शुरू होने से पूर्व हुआ। यह परिवर्तन विधानसभा की परंपरा में एक नया अध्याय जोड़ता है।
सरकार और विपक्ष की स्थिति
सत्र शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी दलों से सकारात्मक और स्वस्थ चर्चा की अपील की। उन्होंने कहा कि विधायिका गरीब, किसान, युवा और महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा का सबसे प्रभावी मंच है और प्रत्येक विधायक को अपने क्षेत्र की समस्याएँ सदन में उठाने का अवसर मिलता है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार आउटसोर्स कर्मचारियों के कल्याण के लिए लगातार काम कर रही है।
वहीं, सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार जनहित के मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है। आने वाले दिनों में शिक्षक भर्ती और नीट पेपर लीक जैसे मुद्दों पर सदन में तीखी बहस की संभावना है।
आगे क्या होगा
सदन की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे से फिर शुरू होगी। चार दिवसीय सत्र में विपक्ष के इन्हीं मुद्दों पर जोरदार हंगामे की आशंका है, जबकि सत्तापक्ष राज्य के विकास कार्यों को केंद्र में रखना चाहेगा।