3 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

यूपी विधानसभा मानसून सत्र 2025: सपा के हंगामे के बीच आलम बदी को श्रद्धांजलि, सदन मंगलवार तक स्थगित

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
यूपी विधानसभा मानसून सत्र 2025: सपा के हंगामे के बीच आलम बदी को श्रद्धांजलि, सदन मंगलवार तक स्थगित

सारांश

यूपी विधानसभा का मानसून सत्र पहले ही दिन दो अलग-अलग रंगों में रंगा रहा — सदन के बाहर सपा का हंगामा और भीतर पाँच बार के विधायक आलम बदी को भावभीनी विदाई। शिक्षक भर्ती, राम मंदिर चढ़ावे की कथित अनियमितता और नीट लीक पर विपक्ष की आक्रामकता बाकी तीन दिनों का संकेत दे रही है।

मुख्य बातें

उत्तर प्रदेश विधानमंडल का चार दिवसीय मानसून सत्र 3 अगस्त को लखनऊ में शुरू हुआ।
समाजवादी पार्टी ने शिक्षक भर्ती , राम मंदिर चढ़ावे में कथित अनियमितता और नीट पेपर लीक पर विधानसभा परिसर में प्रदर्शन किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा विधायक आलम बदी के निधन पर शोक प्रस्ताव प्रस्तुत किया; आलम बदी 16 मार्च 1936 को जन्मे थे और निजामाबाद से पाँच बार विधायक रहे।
शोक प्रस्ताव और दो मिनट के मौन के बाद सदन मंगलवार सुबह 11 बजे तक स्थगित।
इस सत्र में पहली बार विधानसभा में 'वंदे मातरम्' का पूर्ण गायन किया गया।

उत्तर प्रदेश विधानमंडल का चार दिवसीय मानसून सत्र 3 अगस्त को लखनऊ में विपक्ष के तीखे विरोध-प्रदर्शन और दिवंगत सपा विधायक आलम बदी को श्रद्धांजलि के साथ शुरू हुआ। शोक प्रस्ताव पारित होने और दो मिनट के मौन के बाद सदन की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दी गई।

मुख्य घटनाक्रम

सत्र के उद्घाटन दिवस पर समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायक विधानसभा परिसर में चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के समक्ष धरने पर बैठे। विधायक दानपेटी और पोस्टर लेकर पहुँचे तथा शिक्षक भर्ती, राम मंदिर चढ़ावे में कथित अनियमितता और नीट पेपर लीक जैसे मुद्दों पर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। यह ऐसे समय में आया है जब विपक्ष राज्य सरकार पर जनहित के मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप लगाता रहा है।

आलम बदी को श्रद्धांजलि

सदन के भीतर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आजमगढ़ की निजामाबाद विधानसभा सीट से सपा विधायक आलम बदी के निधन पर शोक प्रस्ताव प्रस्तुत किया। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने उनके जीवन का उल्लेख करते हुए बताया कि 16 मार्च 1936 को जन्मे आलम बदी एक इलेक्ट्रिकल इंजीनियर थे जो निजामाबाद सीट से पाँच बार विधायक निर्वाचित हुए और उन्होंने कौमी एकता मंच की स्थापना की थी।

नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि अंतिम दिनों में भी आलम बदी में सार्वजनिक जीवन के प्रति वही ऊर्जा बनी रही। विभिन्न दलों के नेताओं ने शोक प्रस्ताव पर अपने विचार रखे, जिसके बाद दो मिनट का मौन रखा गया।

सत्र में एक नई परंपरा

गौरतलब है कि इस सत्र में पहली बार विधानसभा में 'वंदे मातरम्' का पूर्ण गायन किया गया — जो सदन की कार्यवाही शुरू होने से पूर्व हुआ। यह परिवर्तन विधानसभा की परंपरा में एक नया अध्याय जोड़ता है।

सरकार और विपक्ष की स्थिति

सत्र शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी दलों से सकारात्मक और स्वस्थ चर्चा की अपील की। उन्होंने कहा कि विधायिका गरीब, किसान, युवा और महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा का सबसे प्रभावी मंच है और प्रत्येक विधायक को अपने क्षेत्र की समस्याएँ सदन में उठाने का अवसर मिलता है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार आउटसोर्स कर्मचारियों के कल्याण के लिए लगातार काम कर रही है।

वहीं, सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार जनहित के मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है। आने वाले दिनों में शिक्षक भर्ती और नीट पेपर लीक जैसे मुद्दों पर सदन में तीखी बहस की संभावना है।

आगे क्या होगा

सदन की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे से फिर शुरू होगी। चार दिवसीय सत्र में विपक्ष के इन्हीं मुद्दों पर जोरदार हंगामे की आशंका है, जबकि सत्तापक्ष राज्य के विकास कार्यों को केंद्र में रखना चाहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

सत्तापक्ष भीतर 'सकारात्मक चर्चा' की अपील पर। शिक्षक भर्ती और नीट पेपर लीक जैसे मुद्दे लंबे समय से अनुत्तरित हैं और इन पर सदन में ठोस बहस की माँग जायज है। असली परीक्षा यह होगी कि क्या सरकार इन मुद्दों पर संख्याओं और तथ्यों के साथ जवाब देती है, या हंगामे की आड़ में सत्र बिना नतीजे के समाप्त हो जाता है। आलम बदी को दी गई सर्वदलीय श्रद्धांजलि संसदीय शिष्टाचार की एक सकारात्मक झलक थी, लेकिन बाकी तीन दिनों की कार्यवाही ही बताएगी कि यह सत्र केवल औपचारिकता बनकर रह जाएगा या जनता के सवालों का जवाब देगा।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूपी विधानसभा का मानसून सत्र 2025 कब शुरू हुआ और कितने दिनों का है?
उत्तर प्रदेश विधानमंडल का मानसून सत्र 3 अगस्त को लखनऊ में शुरू हुआ और यह चार दिवसीय सत्र है। पहले दिन शोक प्रस्ताव के बाद सदन मंगलवार सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दिया गया।
आलम बदी कौन थे और उन्हें सदन में श्रद्धांजलि क्यों दी गई?
आलम बदी समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ विधायक थे जो आजमगढ़ की निजामाबाद विधानसभा सीट से पाँच बार निर्वाचित हुए थे। 16 मार्च 1936 को जन्मे आलम बदी इलेक्ट्रिकल इंजीनियर थे और उन्होंने कौमी एकता मंच की स्थापना की थी; उनके निधन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शोक प्रस्ताव प्रस्तुत किया।
सपा ने यूपी विधानसभा मानसून सत्र में किन मुद्दों पर विरोध प्रदर्शन किया?
समाजवादी पार्टी ने शिक्षक भर्ती में अनियमितता, राम मंदिर चढ़ावे में कथित गड़बड़ी और नीट पेपर लीक जैसे मुद्दों पर विधानसभा परिसर में प्रदर्शन किया। सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार जनहित के इन मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मानसून सत्र को लेकर क्या कहा?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सत्र शुरू होने से पहले सभी दलों से सकारात्मक और स्वस्थ चर्चा की अपील की। उन्होंने कहा कि विधायिका गरीब, किसान, युवा और महिलाओं के मुद्दों पर चर्चा का सबसे प्रभावी मंच है और राज्य सरकार आउटसोर्स कर्मचारियों के कल्याण के लिए लगातार काम कर रही है।
यूपी विधानसभा में 'वंदे मातरम्' के पूर्ण गायन की परंपरा कब शुरू हुई?
3 अगस्त को शुरू हुए मानसून सत्र के पहले दिन पहली बार विधानसभा में 'वंदे मातरम्' का पूर्ण गायन किया गया। यह सदन की कार्यवाही शुरू होने से पूर्व हुआ और इसे विधानसभा की परंपरा में एक नए बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 घंटे पहले
  2. 19 घंटे पहले
  3. 22 घंटे पहले
  4. 1 सप्ताह पहले
  5. 11 महीने पहले
  6. 11 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले