क्या यूपी के हर ग्राम पंचायत के ग्राम सचिवालय में आधार सेवा केंद्र बन रहा है?
सारांश
Key Takeaways
- ग्राम पंचायत स्तर पर आधार सेवाएं उपलब्ध होंगी।
- ग्रामीणों को अब ब्लॉक और शहरों के चक्कर नहीं काटने होंगे।
- यह पहल डिजिटल सशक्तिकरण को बढ़ावा देगी।
- स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
- आधार से जुड़ी सेवाओं में समस्याओं का समाधान होगा।
लखनऊ, 8 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। अब ग्रामीणों को आधार सेवाओं के लिए ब्लॉक और शहरों में दौड़ने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। उत्तर प्रदेश में आत्मनिर्भर ग्रामीण भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, योगी सरकार ने ग्राम पंचायत स्तर पर आधार सेवाओं को उपलब्ध कराने का कार्य शुरू कर दिया है।
इस परियोजना के अंतर्गत प्रदेश की 1000 ग्राम पंचायतों में आधार सेवा केंद्रों की स्थापना की जा रही है। इसके लिए आवश्यक उपकरण भी स्थापित किए जा रहे हैं। इन केंद्रों के माध्यम से नए आधार का पंजीकरण, आधार अपडेट, और प्रमाणीकरण जैसी सेवाएं सीधे गांव में ही प्रदान की जाएंगी।
पंचायतीराज निदेशक अमित कुमार सिंह ने कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत के ग्राम सचिवालय में आधार सेवा केंद्र की स्थापना की जाएगी। इन केंद्रों का संचालन ग्राम पंचायत सहायक करेंगे, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और जिम्मेदारी दोनों को बढ़ावा मिलेगा। योजना के सफल कार्यान्वयन के लिए यूआईडीएआई ने पंचायती राज विभाग को रजिस्ट्रार आईडी और इंपैनलमेंट एजेंसी (ईए) आईडी भी प्रदान की है, जिससे आधार सेवाओं का संचालन पूरी तरह से अधिकृत और पारदर्शी तरीके से किया जा सकेगा।
इस नई व्यवस्था से आधार नामांकन, अपडेट और प्रमाणीकरण की प्रक्रिया सरल और सुलभ होगी। इससे ग्रामीणों का सीधा जुड़ाव सरकारी योजनाओं से सुनिश्चित होगा। इसके साथ ही आधार से संबंधित समस्याएं भी समाप्त होंगी। पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद इसे चरणबद्ध तरीके से प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में लागू करने की योजना बनाई गई है।
अमित कुमार सिंह ने बताया कि यह पहल न केवल डिजिटल सशक्तिकरण को मजबूत करेगी, बल्कि गांवों में आवश्यक सेवाओं की उपलब्धता से शासन की गांव-गांव विकास की सोच को भी साकार करेगी। वर्तमान में 1000 ग्राम पंचायतों में आधार सेवा केंद्रों की स्थापना का कार्य शुरू किया जा रहा है, जिससे ग्राम सचिवालय में ही नया आधार बनवाने और अपडेट करवाने की सभी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।