16 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

यूपी सिंचाई विभाग का 'विकसित भारत' अभियान: 5 जून से गांव-गांव पहुंचेगी जल योजनाओं की जानकारी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
यूपी सिंचाई विभाग का 'विकसित भारत' अभियान: 5 जून से गांव-गांव पहुंचेगी जल योजनाओं की जानकारी

सारांश

उत्तर प्रदेश का सिंचाई विभाग 'विकसित भारत' को गांव-गांव पहुंचाने की मुहिम में उतरा है। जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के निर्देश पर 5 से 21 जून तक पदयात्रा, किसान संवाद और प्रदर्शनियों के ज़रिए सिंचाई योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाई जाएगी।

मुख्य बातें

उत्तर प्रदेश सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग 5 जून से 21 जून 2025 तक प्रदेशव्यापी जनजागरूकता अभियान चलाएगा।
जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह की अध्यक्षता में लखनऊ में बैठक हुई, जिसमें अभियान की रूपरेखा तय की गई।
अभियान में पदयात्रा, किसान संवाद, प्रदर्शनी और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठकें शामिल होंगी।
'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के साथ 5 जून को कार्यक्रमों का शुभारंभ होगा।
राज्य मंत्री रामकेश निषाद ने लिफ्ट नहर योजनाओं और नहर के अंतिम छोर तक पानी पहुंचाने के कार्यों के विशेष प्रचार पर बल दिया।
प्रमुख सचिव अनिल गर्ग ने जिला स्तर पर किसान गोष्ठियों और जनसंवाद कार्यक्रमों के निर्देश दिए।

उत्तर प्रदेश के सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग ने 'विकसित भारत' के संकल्प को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए 5 जून से 21 जून 2025 तक प्रदेशव्यापी जनजागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया है। जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह की अध्यक्षता में लखनऊ स्थित सिंचाई विभाग मुख्यालय में हुई बैठक में यह फैसला लिया गया, जिसमें पदयात्रा, किसान संवाद, प्रदर्शनी और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए गए।

अभियान की रूपरेखा

5 जून को 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के साथ इस जनजागरूकता कार्यक्रम का शुभारंभ होगा। 5 जून से 21 जून तक चलने वाले इस अभियान के तहत प्रदेशभर में पदयात्राएं, प्रदर्शनियां, किसान संवाद कार्यक्रम और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठकें आयोजित की जाएंगी। अभियान में सिंचाई परियोजनाओं, राजकीय नलकूपों, नहर प्रणाली के सुदृढ़ीकरण, जल संरक्षण, भूजल संवर्धन और आधुनिक सिंचाई तकनीकों की जानकारी किसानों और आमजन तक पहुंचाई जाएगी।

मंत्री का निर्देश

जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने बैठक में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकसित भारत के लक्ष्य की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है और सरकारी योजनाओं की जानकारी समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग कृषि विकास, जल सुरक्षा और किसानों की समृद्धि के लिए निरंतर कार्य कर रहा है, और इन उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाना उतना ही ज़रूरी है।

राज्य मंत्रियों की भूमिका

राज्य मंत्री दिनेश खटीक ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विभाग की बड़ी परियोजनाओं, आधारभूत संरचनाओं और विकास कार्यों को प्रभावी ढंग से जनता के सामने प्रस्तुत किया जाए। राज्य मंत्री रामकेश निषाद ने विशेष रूप से लिफ्ट नहर योजनाओं और नहरों के अंतिम छोर तक पानी पहुंचाने के कार्यों के प्रचार पर बल दिया, ताकि किसान विभागीय योजनाओं का अधिकतम लाभ उठा सकें।

प्रमुख सचिव के निर्देश

प्रमुख सचिव सिंचाई अनिल गर्ग ने अधिकारियों को विभिन्न संचार माध्यमों के प्रभावी उपयोग का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर किसान गोष्ठियों, जनसंवाद कार्यक्रमों और प्रदर्शनियों के ज़रिए विभाग की योजनाओं के प्रति व्यापक जागरूकता पैदा की जाए। यह अभियान ऐसे समय में आया है जब केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर 'विकसित भारत' के लक्ष्य को जन आंदोलन का स्वरूप देने में जुटी हैं।

किसानों पर असर

इस अभियान के माध्यम से उत्तर प्रदेश के लाखों किसानों को सिंचाई सुविधाओं, जल संरक्षण तकनीकों और सरकारी योजनाओं की सीधी जानकारी मिलेगी। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश एक कृषि-प्रधान राज्य है जहां सिंचाई सुविधाओं की पहुंच और जल प्रबंधन किसानों की आजीविका से सीधे जुड़े हैं। आने वाले दिनों में जिला स्तर पर इस अभियान की गतिविधियां और उनके परिणाम सामने आएंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

न कि कोई नई योजना या आवंटन — और यही इसकी सीमा भी है। सिंचाई विभाग की उपलब्धियों के प्रचार पर ज़ोर देना तब ज़्यादा प्रभावशाली होता जब साथ में यह भी बताया जाता कि प्रदेश के कितने किसान अभी भी सिंचाई सुविधाओं से वंचित हैं। 'विकसित भारत' के नारे को ज़मीनी वास्तविकता से जोड़ने के लिए जागरूकता से आगे बढ़कर जवाबदेही का तंत्र भी ज़रूरी है। पदयात्राएं और प्रदर्शनियां तभी सार्थक होंगी जब किसान अपनी शिकायतें दर्ज करा सकें और उनका निराकरण हो।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूपी सिंचाई विभाग का जनजागरूकता अभियान क्या है?
यह उत्तर प्रदेश के सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग द्वारा 5 जून से 21 जून 2025 तक चलाया जाने वाला प्रदेशव्यापी अभियान है, जिसमें पदयात्रा, प्रदर्शनी, किसान संवाद और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठकों के ज़रिए सिंचाई योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाई जाएगी। जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने इस अभियान के निर्देश दिए हैं।
अभियान की शुरुआत कब और कैसे होगी?
अभियान का शुभारंभ 5 जून 2025 को 'एक पेड़ मां के नाम' कार्यक्रम के साथ होगा और यह 21 जून तक चलेगा। इस दौरान जिला स्तर पर किसान गोष्ठियां, जनसंवाद कार्यक्रम और प्रदर्शनियां आयोजित की जाएंगी।
इस अभियान से किसानों को क्या फायदा होगा?
किसानों को सिंचाई परियोजनाओं, राजकीय नलकूपों, लिफ्ट नहर योजनाओं, जल संरक्षण और आधुनिक सिंचाई तकनीकों की सीधी जानकारी मिलेगी। इससे वे विभागीय योजनाओं का अधिकतम लाभ उठा सकेंगे।
बैठक में कौन-कौन से अधिकारी और मंत्री शामिल थे?
बैठक की अध्यक्षता जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने की। राज्य मंत्री दिनेश खटीक और रामकेश निषाद के साथ-साथ प्रमुख सचिव सिंचाई अनिल गर्ग भी उपस्थित रहे।
'विकसित भारत' से सिंचाई विभाग का अभियान कैसे जुड़ा है?
केंद्र और राज्य सरकार 'विकसित भारत' के लक्ष्य को जन आंदोलन का रूप देने में जुटी हैं। इसी कड़ी में सिंचाई विभाग अपनी योजनाओं और उपलब्धियों को गांव-गांव तक पहुंचाकर इस राष्ट्रीय संकल्प में भागीदारी निभाने जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले