यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो: सीएम योगी ने वियतनाम, रूस, जापान, सिंगापुर समेत 25 देशों को दिया निवेश का न्योता
सारांश
मुख्य बातें
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 26 सितंबर 2026 को ग्रेटर नोएडा में आयोजित उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो के चौथे संस्करण के उद्घाटन के बाद 25 देशों के प्रतिनिधिमंडलों के साथ राउंड-टेबल बैठकें कीं। बैठकों में मोबाइल विनिर्माण, रक्षा, फार्मास्यूटिकल्स, मेडिकल डिवाइसेज, कृषि, मशीनरी और वुड टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई। इस राजनयिक-व्यापारिक मंच का उद्देश्य उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश मानचित्र पर और सुदृढ़ रूप से स्थापित करना है।
उत्तर प्रदेश की निवेश क्षमताएँ
मुख्यमंत्री योगी ने विदेशी प्रतिनिधियों के सामने उत्तर प्रदेश को भारत के सबसे बड़े उपभोक्ता बाज़ार के रूप में पेश किया। उन्होंने कहा कि राज्य में युवा मानव संसाधन, उपजाऊ भूमि और प्रचुर जल संसाधन उपलब्ध हैं, जो विभिन्न क्षेत्रों की कंपनियों को विनिर्माण इकाइयाँ स्थापित करने और कारोबार विस्तार के व्यापक अवसर प्रदान करते हैं। उत्तर प्रदेश को उन्होंने देश की 'फूड बास्केट' भी बताया।
वियतनाम और जापान के साथ बैठकें
वियतनामी प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक में मुख्यमंत्री ने यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र में निवेश की संभावनाएँ तलाशने का आह्वान किया। उन्होंने लखनऊ, वाराणसी और नोएडा से हनोई तथा वियतनाम के अन्य प्रमुख शहरों के लिए सीधी हवाई कनेक्टिविटी विकसित करने की संभावना भी रखी, जिससे व्यापार के साथ-साथ पर्यटन को भी बढ़ावा मिल सकता है।
जापान के राजदूत ओनो केइइची और जेट्रो इंडिया के चीफ डायरेक्टर जनरल डाइसाकु युकिता के साथ बैठक में आर्थिक विकास, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और निवेश संवर्धन पर चर्चा हुई। सारनाथ और जापान के नारा प्रीफेक्चर के बीच साझा बौद्ध विरासत के आधार पर द्विपक्षीय संबंधों को और प्रगाढ़ करने की संभावनाएँ भी तलाशी गईं।
रूस और बेलारूस के साथ रक्षा व उद्योग पर जोर
रूसी प्रतिनिधिमंडल के साथ चर्चा में मुख्यमंत्री ने रक्षा, फार्मास्यूटिकल्स और मेडिकल डिवाइसेज को निवेश के प्रमुख क्षेत्र बताया। उन्होंने जानकारी दी कि उत्तर प्रदेश में डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर स्थित है और लखनऊ नोड में ब्रह्मोस विनिर्माण इकाई स्थापित हो चुकी है। रूसी मूल की एके-203 राइफल का निर्माण भी उत्तर प्रदेश में हो रहा है। रूसी रक्षा कंपनियों को कानपुर में विनिर्माण इकाइयाँ स्थापित करने के लिए आमंत्रित किया गया।
इसके अलावा, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास मेडिकल डिवाइस पार्क और बुंदेलखंड क्षेत्र में फार्मा पार्क विकसित किए जा रहे हैं। रूसी कंपनियों को ललितपुर में प्रस्तावित बल्क ड्रग पार्क में अनुसंधान, विकास और निवेश की संभावनाएँ तलाशने के लिए भी न्योता दिया गया। कृषि और उर्वरक आपूर्ति श्रृंखला में सहयोग की संभावनाओं पर भी बातचीत हुई।
बेलारूस के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक में भारी एवं उन्नत मशीनरी क्षेत्र की कंपनियों को निवेश का प्रस्ताव दिया गया। बेलारूस की ट्रैक्टर कंपनियों को राज्य में असेंबली इकाइयाँ स्थापित करने का आमंत्रण दिया गया। ओडीओपी (एक जिला एक उत्पाद) योजना का उल्लेख करते हुए सहारनपुर और बिजनौर के लकड़ी प्रसंस्करण उद्योग में बेलारूस की आधुनिक वुड टेक्नोलॉजी को जोड़ने का सुझाव भी रखा गया।
सिंगापुर के साथ निवेश संबंध
सिंगापुर के उच्चायुक्त साइमन वोंग वी कुएन के नेतृत्व में आए प्रतिनिधिमंडल के साथ आर्थिक एवं निवेश संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा हुई। बैठक में प्रस्तावित सिंगापुर सिटी परियोजना की प्रगति पर भी विचार हुआ। सिंगापुर सरकार ने इस परियोजना को आगे बढ़ाने और विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग सुदृढ़ करने में रुचि जताई।
आगे की राह
राउंड-टेबल बैठकों के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभिन्न सहभागी देशों और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडलों के साथ समूह फोटो में हिस्सा लिया। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में 25 देशों की भागीदारी से राज्य की औद्योगिक, विनिर्माण और निर्यात क्षमताओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करने का अवसर मिला है। ट्रेड शो के माध्यम से विदेशी निवेशकों को उत्तर प्रदेश के बुनियादी ढाँचे, औद्योगिक इकोसिस्टम और क्षेत्रवार निवेश अवसरों से परिचित कराया जा रहा है। यह देखना महत्त्वपूर्ण होगा कि इन राउंड-टेबल चर्चाओं के बाद कितने ठोस निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतरते हैं।