24 अक्टूबर 2026
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CM योगी का 'टेकसंगम 2026' में ऐलान: साइबर थाने अब सभी 75 जनपदों में, कन्विक्शन रेट 30% से ऊपर

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CM योगी का 'टेकसंगम 2026' में ऐलान: साइबर थाने अब सभी 75 जनपदों में, कन्विक्शन रेट 30% से ऊपर

सारांश

2017 से पहले UP में महज़ 2 साइबर थाने और 4 फॉरेंसिक लैब थीं — आज 75 जनपदों में साइबर थाने हैं। 'टेकसंगम 2026' में CM योगी ने यह आँकड़े रखते हुए AI, क्वांटम तकनीक और डेटा प्रोटेक्शन को न्याय और युवाओं के भविष्य से जोड़ने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया।

मुख्य बातें

CM योगी आदित्यनाथ ने 24 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में 'टेकसंगम 2026' सम्मेलन में भाग लिया।
2017 से पहले UP में केवल 2 साइबर थाने और 4 फॉरेंसिक लैब थीं; अब 75 जनपदों में साइबर थाने हैं।
कन्विक्शन रेट 2017 से पहले 30% से कम था, जिसमें अब वृद्धि दर्ज की गई है।
आयोजन एआई, साइबर फॉरेंसिक, क्वांटम तकनीक और डेटा प्रोटेक्शन पर केंद्रित था।
प्रत्येक मंडल में फॉरेंसिक लैब स्थापित करने की प्रक्रिया जारी है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 24 अक्टूबर 2026 को लखनऊ स्थित उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस में आयोजित 'टेकसंगम 2026' सम्मेलन में भाग लिया और कहा कि तकनीक की नई संभावनाओं को जनहित, न्याय और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य से जोड़ना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने साइबर सुरक्षा और फॉरेंसिक विज्ञान में आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक अनुसंधान और प्रशिक्षित मानव संसाधन को बढ़ावा देने पर ज़ोर दिया।

टेकसंगम 2026: क्या है यह आयोजन

एआई, साइबर फॉरेंसिक, क्वांटम तकनीक और डेटा प्रोटेक्शन जैसे उभरते क्षेत्रों पर केंद्रित इस सम्मेलन में देश-विदेश के वैज्ञानिक, तकनीकी विशेषज्ञ, नीति-निर्माता, विधि विशेषज्ञ और उद्योग जगत के प्रतिनिधि एक मंच पर आए। मुख्यमंत्री ने इसे तकनीकी नवाचार को नागरिक सुरक्षा, प्रभावी न्याय व्यवस्था और डिजिटल विश्वास से जोड़ने का महत्वपूर्ण अवसर बताया।

उन्होंने कहा कि यह आयोजन साइबर सुरक्षा, डिजिटल साक्ष्यों की विश्वसनीयता और उभरती तकनीकों के उत्तरदायी उपयोग पर सार्थक विमर्श के साथ-साथ अनुसंधान, शिक्षा और उद्योग के बीच सहयोग के नए द्वार खोलेगा।

2017 से पहले और बाद का अंतर

मुख्यमंत्री योगी ने उत्तर प्रदेश की पुरानी स्थिति का विवरण देते हुए बताया कि वर्ष 2017 से पहले देश की सबसे बड़ी आबादी वाले इस प्रदेश में केवल 2 साइबर थाने और 4 फॉरेंसिक लैब थीं। वैज्ञानिक साक्ष्यों के अभाव में अपराधियों को कानून से बच निकलने का अवसर मिलता था और कन्विक्शन रेट 30 प्रतिशत से भी कम था।

गौरतलब है कि 2017 के बाद राज्य सरकार ने इस स्थिति को बदलने की दिशा में ठोस कदम उठाए। अब सभी 75 जनपदों में साइबर थाने स्थापित हो चुके हैं और प्रत्येक मंडल में फॉरेंसिक लैब स्थापित करने की प्रक्रिया जारी है।

साइबर अपराध से निपटने की मज़बूत होती क्षमता

मुख्यमंत्री के अनुसार, तकनीकी संसाधनों और वैज्ञानिक जाँच क्षमता के विस्तार से साइबर अपराध जैसी नई चुनौतियों से निपटने और अपराधियों को सज़ा दिलाने की प्रक्रिया मजबूत हुई है। उन्होंने कहा कि कन्विक्शन रेट में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, हालाँकि ताज़ा आँकड़े आधिकारिक रूप से साझा नहीं किए गए।

यह ऐसे समय में आया है जब देश में साइबर ठगी, डिजिटल धोखाधड़ी और ऑनलाइन अपराध के मामलों में तेज़ी से वृद्धि हो रही है। राज्य की बढ़ती फॉरेंसिक क्षमता इन चुनौतियों से निपटने में सीधी भूमिका निभाती है।

युवाओं के लिए नए अवसर

मुख्यमंत्री योगी ने रेखांकित किया कि फॉरेंसिक विज्ञान और साइबर सुरक्षा जैसे उभरते क्षेत्रों में प्रदेश के युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुसंधान और रोज़गार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि तकनीक आज प्रभावी न्याय सुनिश्चित करने के साथ-साथ युवाओं के भविष्य को नई दिशा देने का माध्यम बन रही है।

उन्होंने 'टेकसंगम 2026' को उत्तर प्रदेश की बदलती कार्य-संस्कृति का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह आयोजन भारत को उभरती तकनीकों में आत्मनिर्भर बनाने और नागरिकों के जीवन को अधिक सुरक्षित एवं सुगम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

आगे उम्मीद है कि इस सम्मेलन में उभरी सिफारिशें राज्य की साइबर नीति और फॉरेंसिक बुनियादी ढाँचे को और अधिक मज़बूत करने की दिशा में ठोस कदमों में तब्दील होंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी 'थाना खुलना' नहीं, बल्कि 'मामले सुलझना' है। कन्विक्शन रेट में 'वृद्धि' का दावा बिना ताज़ा सत्यापित आँकड़ों के अधूरा है — सरकार को NCRB डेटा के साथ मिलान करने योग्य ज़िलेवार आँकड़े सार्वजनिक करने चाहिए। फॉरेंसिक विज्ञान में युवाओं के लिए रोज़गार का दावा तब तक उत्साहजनक नहीं होगा जब तक पाठ्यक्रम, संस्थान और नियुक्ति का स्पष्ट खाका न हो। 'टेकसंगम' जैसे मंच सार्थक हैं, पर नीति से क्रियान्वयन का सफर UP में ऐतिहासिक रूप से लंबा रहा है।
RashtraPress
24 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'टेकसंगम 2026' क्या है और यह कहाँ आयोजित हुआ?
'टेकसंगम 2026' एक तकनीकी सम्मेलन है जो 24 अक्टूबर 2026 को लखनऊ स्थित उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस में आयोजित हुआ। इसमें एआई, साइबर फॉरेंसिक, क्वांटम तकनीक और डेटा प्रोटेक्शन पर विमर्श हुआ और देश-विदेश के वैज्ञानिक, विधि विशेषज्ञ व उद्योग प्रतिनिधि शामिल हुए।
UP में 2017 से पहले साइबर थानों और फॉरेंसिक लैब की क्या स्थिति थी?
CM योगी के अनुसार, 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में केवल 2 साइबर थाने और 4 फॉरेंसिक लैब थीं। वैज्ञानिक साक्ष्यों की कमी के चलते कन्विक्शन रेट 30% से भी कम था और अपराधी कानूनी कार्रवाई से बच निकलते थे।
अब UP में साइबर थाने और फॉरेंसिक लैब की क्या स्थिति है?
अब उत्तर प्रदेश के सभी 75 जनपदों में साइबर थाने स्थापित हो चुके हैं। इसके अलावा, प्रत्येक मंडल में फॉरेंसिक लैब स्थापित करने की प्रक्रिया जारी है, जो राज्य की वैज्ञानिक जाँच क्षमता को और मज़बूत करेगी।
तकनीक और फॉरेंसिक विज्ञान से UP के युवाओं को क्या फायदा होगा?
CM योगी ने कहा कि फॉरेंसिक विज्ञान और साइबर सुरक्षा के उभरते क्षेत्रों में प्रदेश के युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुसंधान और रोज़गार के नए अवसर तैयार हो रहे हैं। तकनीक न केवल न्याय व्यवस्था को मज़बूत कर रही है, बल्कि युवाओं के करियर को भी नई दिशा दे रही है।
कन्विक्शन रेट में सुधार का UP पर क्या असर पड़ा है?
CM योगी के अनुसार, तकनीकी संसाधनों और वैज्ञानिक जाँच क्षमता के विस्तार से कन्विक्शन रेट में वृद्धि हुई है, जो 2017 से पहले 30% से कम था। इससे साइबर अपराध सहित अन्य अपराधों में अपराधियों को सज़ा दिलाने की प्रक्रिया मज़बूत हुई है, हालाँकि नवीनतम सत्यापित आँकड़े अभी आधिकारिक रूप से जारी नहीं किए गए हैं।
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