इस विश्वविद्यालय के छात्रों की संख्या कई देशों की जनसंख्या से अधिक है, उपराष्ट्रपति ने दी जानकारी

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इस विश्वविद्यालय के छात्रों की संख्या कई देशों की जनसंख्या से अधिक है, उपराष्ट्रपति ने दी जानकारी

सारांश

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने इग्नू के 39वें दीक्षांत समारोह में छात्रों की संख्या की सराहना की, जो कई देशों की जनसंख्या को पार कर गई है। उन्होंने शिक्षा की सुलभता और आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर जोर दिया।

Key Takeaways

  • इग्नू में 32 लाख से अधिक छात्रों ने डिग्री प्राप्त की।
  • उपराष्ट्रपति ने इग्नू की परिवर्तनकारी भूमिका की सराहना की।
  • आधुनिक तकनीक का जिम्मेदार उपयोग आवश्यक है।
  • शिक्षा के क्षेत्र में इग्नू का योगदान महत्वपूर्ण है।
  • 2047 तक विकसित भारत के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है।

नई दिल्ली, 7 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने मंगलवार को नई दिल्ली में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (आईजीएनओयू - इग्नू) के 39वें दीक्षांत समारोह में भाग लिया, जहाँ 32 लाख से अधिक छात्रों ने अपनी डिग्री, डिप्लोमा और प्रमाण पत्र प्राप्त किए।

उपराष्ट्रपति ने इग्नू की परिवर्तनकारी भूमिका पर प्रकाश डालते हुए इसे देश की खुली और दूरस्थ शिक्षा प्रणाली का एक स्तंभ बताया, जिसने देश भर में उच्च शिक्षा को सभी के लिए महत्वपूर्ण रूप से सुलभ बना दिया है। इग्नू में 14 लाख से अधिक छात्र हैं, जिनमें 56 प्रतिशत महिलाएं और 58 प्रतिशत ग्रामीण तथा वंचित समुदायों से आते हैं। इस विश्वविद्यालय के छात्रों की संख्या कई देशों की जनसंख्या से अधिक है, जो शैक्षिक समानता, सामाजिक गतिशीलता और राष्ट्रीय विकास में इसके महत्वपूर्ण योगदान को दर्शाती है। उन्होंने छात्रों को जीवन भर सीखते रहने, मूल्यों को बनाए रखने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया।

कोविड-19 महामारी का जिक्र करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि इग्नू अपने स्थापित दूरस्थ शिक्षा मॉडल के कारण सुदृढ़ बना रहा। इस विश्वविद्यालय ने निर्बाध शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्वयं और ई-ज्ञानकोष जैसे डिजिटल प्लेटफार्मों का प्रभावी ढंग से उपयोग किया और यह प्रौद्योगिकी-आधारित शिक्षा में अग्रणी बनकर उभरा। इग्नू ने कई निकास विकल्पों, स्नातक कार्यक्रम के दौरान बीच में प्रमाण-पत्र के साथ पाठ्यक्रम छोड़ने, के साथ चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम शुरू किए हैं, जिससे उच्च शिक्षा अधिक लचीली और छात्र-केंद्रित हो गई है। उन्होंने आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय ज्ञान प्रणालियों के एकीकरण की भी सराहना की।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे उभरती विद्याएं सीखने के अनुभवों को बेहतर बना सकती हैं, छात्रों को बेहतर सहायता प्रदान कर सकती हैं और व्यक्तिगत शिक्षा को सक्षम कर सकती हैं। आधुनिक विकास से डरने की कोई आवश्यकता नहीं है। जब देश में कंप्यूटर आए थे, तब आशंकाएं थीं कि कंप्यूटर नौकरियां छीन लेंगे। कंप्यूटर आने से अधिक रोजगार सृजित हुए और राष्ट्रीय विकास में योगदान बढ़ा।

उपराष्ट्रपति ने आगे कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी आधुनिक तकनीकों को भी इसी तरह से अपनाया जाना चाहिए। हालाँकि, उन्होंने ऐसी तकनीकों के जिम्मेदार और जवाबदेह उपयोग की आवश्यकता पर बल दिया। भारत की सबसे बड़ी ताकत नैतिक मूल्यों में उसका विश्वास है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आधुनिक विकास हमारी परंपराओं के साथ-साथ चलना चाहिए और वैज्ञानिक प्रगति नैतिक मूल्यों से निर्देशित होनी चाहिए।

उन्होंने अपने संबोधन के समापन में सामूहिक जिम्मेदारी पर जोर दिया और कहा कि व्यक्तिगत प्रयास, जब संयुक्त रूप से किए जाएंगे, तो वर्ष 2047 तक एक विकसित भारत के निर्माण में इससे काफी मदद मिलेगी।

उपराष्ट्रपति ने देश भर के छात्रों की सुगमता सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय शैक्षणिक भंडार (एनएडी) के तहत डिजिलॉकर पर प्रमाण पत्र जारी किए। उन्होंने इग्नू पूर्व छात्र पोर्टल का भी शुभारम्भ किया, जिसमें 50 लाख से अधिक पंजीकरण हो चुके हैं।

इस अवसर पर दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू, इग्नू की कुलपति प्रो. उमा कांजीलाल और अन्य उपस्थित थे।

इस अवसर पर उपराष्ट्रपति ने देश भर के क्षेत्रीय इग्नू केंद्रों में स्वयं प्रभा स्टूडियो का भी शुभारम्भ किया। त्रिपुरा के राज्यपाल इंद्र सेना रेड्डी नल्लू, गोवा के राज्यपाल पुसापति अशोक गजपति राजू, राजस्थान के उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेम चंद बैरवा और अन्य गणमान्य व्यक्ति अपने-अपने राज्य के क्षेत्रीय इग्नू केंद्रों से वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम में शामिल हुए।

Point of View

बल्कि तकनीकी विकास और नैतिक मूल्यों के महत्व को भी बताया। यह देश की शिक्षा प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।
NationPress
08/04/2026

Frequently Asked Questions

इग्नू में छात्रों की संख्या कितनी है?
इग्नू में 14 लाख से अधिक छात्र हैं।
उपराष्ट्रपति ने इग्नू की किस भूमिका पर जोर दिया?
उपराष्ट्रपति ने इग्नू को देश की खुली और दूरस्थ शिक्षा प्रणाली का स्तंभ बताया।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का क्या महत्व है?
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस छात्रों की शिक्षा के अनुभव को बेहतर बना सकता है।
इग्नू ने कौन से नए कार्यक्रम शुरू किए हैं?
इग्नू ने चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम और बीच में प्रमाण पत्र के साथ पाठ्यक्रम छोड़ने के विकल्प शुरू किए हैं।
उपराष्ट्रपति ने सामूहिक जिम्मेदारी पर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत प्रयास मिलकर वर्ष 2047 तक एक विकसित भारत के निर्माण में मदद करेंगे।
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