उपराष्ट्रपति का नागपुर दौरा: सीपी राधाकृष्णन ने संघ की निस्वार्थ सेवा की भावना को किया साझा
सारांश
Key Takeaways
- उपराष्ट्रपति का पहला महाराष्ट्र दौरा
- नववर्ष की शुभकामनाएं
- संघ की निस्वार्थ सेवा की भावना
- डॉ. हेडगेवार को श्रद्धांजलि
- गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति
नागपुर, 21 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने महाराष्ट्र के नागपुर दौरे के दौरान कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में भाग लिया और सभी देशवासियों को नववर्ष की शुभकामनाएं दीं।
अपने संबोधन में उन्होंने विक्रम संवत 2083 के इस विशेष अवसर पर सभी को हार्दिक बधाई दी।
नागपुर पहुंचने पर उपराष्ट्रपति का भव्य स्वागत किया गया। डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा, राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, और नागपुर नगर निगम की मेयर नीता राजेंद्र ठाकरे ने उनका स्वागत किया। उपराष्ट्रपति बनने के बाद यह उनका महाराष्ट्र का पहला आधिकारिक दौरा था।
उपराष्ट्रपति ने अपने भाषण में कहा कि वे पहले महाराष्ट्र के राज्यपाल रह चुके हैं और नागपुर आकर उन्हें घर लौटने जैसा अनुभव हो रहा है। उन्होंने कहा कि नागपुर देश की चेतना में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है, क्योंकि यह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का जन्मस्थान है।
उन्होंने बताया कि 1925 में विजयादशमी के शुभ अवसर पर डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने यहीं संघ की स्थापना की थी। उपराष्ट्रपति ने यह भी साझा किया कि उनका व्यक्तिगत जुड़ाव संघ से रहा है, जिसने उनमें निस्वार्थ सेवा की भावना को विकसित किया है।
इस अवसर पर उन्होंने नागपुर के डॉ. हेडगेवार स्मृति भवन में डॉ. हेडगेवार को पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
अपने संबोधन की शुरुआत में उपराष्ट्रपति ने मंच पर उपस्थित सभी गणमान्य व्यक्तियों का अभिवादन किया, जिसमें महाराष्ट्र के राज्यपाल, राजस्व मंत्री, केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय दिल्ली के कुलपति प्रो. श्रीनिवासु वरेकेडी, भारतीय युवा संसद के राष्ट्रीय संयोजक वासुदेव जोशी, और अन्य प्रमुख व्यक्ति शामिल थे।
उन्होंने कहा कि उन्हें जो भी जिम्मेदारियां मिली हैं, उनमें वे हमेशा निस्वार्थ भाव से कार्य करने का प्रयास करते रहे हैं।