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क्या उपेंद्र कुशवाहा ने शायरी के जरिए अपने दर्द को बयां किया?

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क्या उपेंद्र कुशवाहा ने शायरी के जरिए अपने दर्द को बयां किया?

सारांश

बिहार में सत्तारूढ़ एनडीए द्वारा विधानसभा चुनाव की सीट बंटवारे की घोषणा के बीच उपेंद्र कुशवाहा की शायरी ने उनकी आंतरिक पीड़ा को उजागर किया है। जानें, उन्होंने क्या कहा और इस स्थिति का राजनीतिक संदर्भ क्या है।

मुख्य बातें

उपेंद्र कुशवाहा ने शायरी के माध्यम से अपनी भावनाएं व्यक्त कीं।
एनडीए में सीट बंटवारे ने सहयोगी दलों की चिंताएं बढ़ाई हैं।
भाजपा और जदयू को 101-101 सीटें मिली हैं।
लोजपा और राष्ट्रीय लोक मोर्चा को 29 और 6 सीटें respectively मिली हैं।
कुशवाहा ने अपने समर्थकों से गुस्सा शांत करने की अपील की है।

पटना, १३ अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। बिहार में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने विधानसभा चुनावों के लिए सीट बंटवारे की घोषणा कर दी है। इस अवसर पर सहयोगी पार्टियों की चिंताएं भी उजागर हुई हैं।

राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने सोमवार को एक्स पर एक शायरी साझा की है, जिसमें उनकी नाराजगी की झलक देखने को मिल रही है। उन्होंने अपने नए आशियाने बनाने की इच्छा भी व्यक्त की है। उपेंद्र कुशवाहा ने लिखा, "आज बादलों ने फिर साजिश की, जहां मेरा घर था, वहीं बारिश की। अगर फलक को जिद है बिजलियां गिराने की, तो हमें भी जिद है वहीं पर आशियां बसाने की।"

इससे पहले, उन्होंने एक पोस्ट के माध्यम से सीट बंटवारे को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की थी। रविवार को उन्होंने अपने मित्रों और साथियों से कहा, "प्रिय मित्रों/साथियों, आप सभी से क्षमा चाहता हूं। आपके मन के अनुकूल सीटों की संख्या नहीं हो पाई। मैं समझ रहा हूं कि इस निर्णय से पार्टी के उम्मीदवार बनने की इच्छा रखने वाले साथियों का मन दुखी होगा। आज कई घरों में खाना नहीं बना होगा। परंतु आप सभी मेरी एवं पार्टी की विवशता और सीमा को बखूबी समझ रहे होंगे।"

उन्होंने आगे कहा, "किसी भी निर्णय के पीछे कुछ परिस्थितियां होती हैं जो बाहर से नहीं दिखतीं। हम जानते हैं कि अंदर की परिस्थितियों से अनभिज्ञता के कारण आपके मन में मेरे प्रति गुस्सा हो सकता है, जो स्वाभाविक है।"

अंत में, उन्होंने अपने समर्थकों से यह भी अनुरोध किया कि गुस्से को शांत होने दें, फिर आप स्वयं समझेंगे कि फैसला कैसा है। समय बताएगा।

विधानसभा चुनावों के लिए एनडीए ने रविवार को सीटों का बंटवारा किया है। इसके अनुसार, भाजपा और जदयू १०१-१०१ सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जबकि लोजपा (रामविलास) को २९ सीटें और हम और उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा को ६-६ सीटें मिली हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

उपेंद्र कुशवाहा की शायरी दरअसल उनकी पार्टी के भीतर के तनावों को उजागर करती है। यह स्पष्ट है कि बिहार की राजनीति में सहयोगी दलों के बीच असंतोष बढ़ता जा रहा है, जो आगे चलकर चुनावी परिणामों पर प्रभाव डाल सकता है।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उपेंद्र कुशवाहा ने शायरी क्यों लिखी?
उपेंद्र कुशवाहा ने शायरी के माध्यम से अपने दर्द और नाराजगी को व्यक्त किया है, जो सीट बंटवारे के निर्णय से जुड़ा है।
एनडीए में सीट बंटवारे का क्या विवरण है?
एनडीए के अनुसार, भाजपा और जदयू 101-101 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जबकि लोजपा (रामविलास) को 29 और राष्ट्रीय लोक मोर्चा को 6-6 सीटें मिली हैं।
राष्ट्र प्रेस
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