उर्वशी रौतेला की पहचान के AI दुरुपयोग पर ₹7,000 करोड़ हर्जाने की तैयारी, LA कंपनी पर कानूनी कार्रवाई
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेत्री उर्वशी रौतेला की टीम ने लॉस एंजिल्स स्थित एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनी पर उनके नाम, तस्वीरों और वीडियो का कथित तौर पर बिना अनुमति व्यावसायिक उपयोग करने का आरोप लगाया है। टीम के अनुसार, इस मामले में ₹7,000 करोड़ के हर्जाने का आकलन किया गया है और कानूनी प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
मामले का पूरा घटनाक्रम
उर्वशी रौतेला की टीम ने एक एक्सक्लूसिव बयान में कहा, 'उनके बिजनेस ने कथित तौर पर उर्वशी के नाम, तस्वीरों और वीडियो का बिना अनुमति इस्तेमाल करके अरबों डॉलर की वैल्यू हासिल की है।' टीम ने स्पष्ट किया कि वे उचित कानूनी तरीका अपना रही है, जिसमें लॉस एंजिल्स स्थित उस कंपनी के खिलाफ ₹7,000 करोड़ के हर्जाने की माँग शामिल है। हालाँकि, सार्वजनिक बयान में संबंधित AI कंपनी का नाम अभी तक सामने नहीं आया है।
टीम ने यह भी कहा, 'अपनी AI कंपनी बनाइए, अपना ब्रांड बनाइए, लेकिन जब तक आपके पास अनुमति न हो, अपने बिजनेस में उर्वशी के नाम का इस्तेमाल न करें।'
एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में AI दुरुपयोग की बढ़ती चिंता
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब फिल्म और मनोरंजन उद्योग में AI-निर्मित डीपफेक वीडियो, आवाज की नकल और फर्जी कंटेंट को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब किसी बड़े सेलिब्रिटी की पहचान के AI दुरुपयोग की बात सामने आई हो।
हाल ही में अभिनेता सलमान खान ने भी 'बिग बॉस 20' के एक एपिसोड में इस मुद्दे पर खुलकर बात की थी। उन्होंने कहा था, 'किसी ने आपकी AI वॉयस लेकर डब करके किसी को गाली बक दी। आप जानते हैं वे क्या कर रहे हैं? AI वीडियो बना रहे हैं। बहुत सारे लोगों के। और मैं भी AI वीडियो में हूँ।' सलमान ने इसे 'काफी गंभीर मामला' बताते हुए AI की तेज़ी से बढ़ती क्षमता पर चिंता जताई थी।
डिजिटल पहचान और कानूनी अधिकारों का सवाल
विशेषज्ञों का कहना है कि भारत सहित दुनियाभर में सेलिब्रिटी की 'पर्सनैलिटी राइट्स' यानी व्यक्तिगत पहचान के अधिकारों को लेकर कानूनी ढाँचा अभी भी पूरी तरह विकसित नहीं हुआ है। AI तकनीक के तेज़ विकास ने इस खामी का फायदा उठाने के अवसर बढ़ा दिए हैं। आलोचकों का कहना है कि बिना स्पष्ट सहमति के किसी की छवि या आवाज का व्यावसायिक उपयोग न केवल नैतिक रूप से गलत है, बल्कि यह कानूनी उल्लंघन भी हो सकता है।
यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और यूरोप में AI कंटेंट के नियमन को लेकर नए कानून बनाने की प्रक्रिया चल रही है, और भारत में भी डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम लागू हो चुका है।
आगे क्या होगा
उर्वशी रौतेला की टीम के अनुसार, कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। हर्जाने की ₹7,000 करोड़ की रकम फिलहाल एक 'आकलन' है — अंतिम दावा अदालत में दाखिल होने के बाद स्पष्ट होगा। यह मामला भारतीय मनोरंजन उद्योग में AI दुरुपयोग के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी संभावित कानूनी लड़ाइयों में से एक बन सकता है।