अमेरिका ने ईरान की 27 एयरलाइंस पर प्रतिबंध लगाए, तुर्किये-मलेशिया-कजाकिस्तान की कंपनियाँ भी निशाने पर
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिका के वित्त विभाग ने 9 सितंबर 2026 को ईरान की 27 एयरलाइंस को अपनी 'स्पेशली डिजाइनेटेड नेशनल्स' (SDN) सूची में शामिल कर लिया। इस कदम के साथ वाशिंगटन ने ईरान के विमानन क्षेत्र पर अब तक का सबसे व्यापक प्रतिबंध लगाते हुए उसकी शेष सभी वाणिज्यिक एयरलाइंस को एक साथ निशाने पर ले लिया है।
प्रतिबंधों का दायरा और आरोप
वित्त विभाग की प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि 'ईरान की वाणिज्यिक एयरलाइंस लंबे समय से ईरानी सरकार की अस्थिरता पैदा करने वाली गतिविधियों का समर्थन करती रही हैं।' विभाग के अनुसार, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) कथित तौर पर निजी एयरलाइंस का उपयोग हथियारों की खरीद, उनकी ढुलाई और अपने कर्मियों के स्थानांतरण के लिए करता रहा है।
नए प्रतिबंध गुप्त फ्रंट कंपनियों, विदेशी बिचौलियों और भ्रामक ट्रांजिट मार्गों को भी लक्षित करते हैं, जिनका उपयोग ईरान कथित तौर पर अमेरिकी मूल के विमान और संवेदनशील तकनीक हासिल करने के लिए करता है।
तीसरे देशों की कंपनियाँ भी प्रतिबंधित
वित्त विभाग के ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल (OFAC) ने तुर्किये, मलेशिया और कजाकिस्तान की चार कंपनियों को भी प्रतिबंधित किया है। अमेरिका का आरोप है कि ये कंपनियाँ माहान एयर को कार्गो सेवाएँ और बिक्री से जुड़ी सहायता प्रदान कर रही थीं।
गौरतलब है कि अमेरिका ने पहली बार अक्टूबर 2011 में माहान एयर पर प्रतिबंध लगाए थे। इसके बाद 30 जुलाई को उन कंपनियों को निशाना बनाया गया जिन्हें माहान एयर के जनरल सेल्स एजेंट के रूप में देखा जाता है। विज्ञप्ति के अनुसार, माहान एयर को 2026 की गर्मियों में कम से कम तीन B-777 विमान मिले, जिन्हें संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और ओमान के रास्ते भेजा गया था।
उड़ान अनुमतियाँ निलंबित, वित्तीय निगरानी बढ़ाई
OFAC ने उन अनुमतियों को भी निलंबित कर दिया है जिनके तहत विमान ईरान के ऊपर से उड़ान भर सकते थे और गैर-अमेरिकी एयरलाइंस अमेरिकी मूल या अमेरिकी नियंत्रण वाले वाणिज्यिक विमानों को ईरान ले जा सकती थीं।
इसके अतिरिक्त, वित्त विभाग के अंतर्गत कार्यरत फाइनेंशियल क्राइम्स एनफोर्समेंट नेटवर्क (FinCEN) ने वित्तीय संस्थानों से अपील की है कि वे ईरान के विमानन उद्योग को समर्थन देने वाले खरीद नेटवर्क से जुड़ी संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी दें।
ईरान राष्ट्रपति का जवाब
इस बीच, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि उनका देश पूरी ताकत के साथ प्रतिरोध जारी रखेगा। उन्होंने लिखा, 'इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान हमेशा युद्ध का विरोध करता रहा है। हमारा मानना है कि लोगों के हितों की रक्षा और पश्चिम एशिया क्षेत्र की सुरक्षा बनाए रखने का रास्ता युद्ध भड़काने से बचने में है।'
पेजेश्कियन ने आगे कहा, 'लेकिन जिस तरह ईरान ने अब तक साहस के साथ हर आक्रमण का मुकाबला किया है, उसी तरह वह आगे भी पूरी ताकत के साथ अपना प्रतिरोध जारी रखेगा, जब तक कि आक्रमण करने वालों को अपने किए पर पूरा पछतावा न हो जाए।'
आगे क्या होगा
यह कदम ऐसे समय में आया है जब अमेरिका-ईरान तनाव पहले से उच्च स्तर पर है और परमाणु वार्ताएँ गतिरोध में हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, तीसरे देशों की कंपनियों को निशाना बनाना यह दर्शाता है कि वाशिंगटन अब केवल ईरानी संस्थाओं तक सीमित नहीं रहेगा — बल्कि वह उन सभी मध्यस्थों पर भी दबाव डालेगा जो प्रतिबंधों की परिधि से बाहर रहकर ईरान की मदद करते हैं।